लोक में राम: भिन्न छबियों का अनूठा मिथक

'राम' शब्द ऋग्वेद में एक राजा के नाम की तरह आया है. राम को रां से भी जोड़ा जाता है, जिसका अर्थ 'लाल' है. इसी से रंज या गुस्से में लाल होना निकलता है या 'जियो मेरे लाल' जहां लाल का अर्थ पुत्र है. छत्तीसगढ़ी में लाल के लिए समानार्थी शब्द 'रंगहा' है. संभव है कि यह खून के रंग के कारण समानार्थी हुआ हो, जैसे अपने पुत्र-पुत्री वंशजों को 'अपना खून' कहा जाता है.

क्या टैगोर की पत्नी मृणालिनी देवी की मृत्यु वाकई छत्तीसगढ़ में हुई थी?

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में मान्यता है कि रवींद्रनाथ टैगोर अपनी पत्नी मृणालनी देवी के इलाज के लिए 1902 में पेंड्रा आए थे, और यहीं उनकी मृत्यु हुई. लेकिन क्या वाकई ऐसा था? ऐतिहासिक तथ्य एकदम अलग तस्वीर प्रस्तुत करते हैं.

जन गण मन, विक्टोरिया-वियोग और राजपुत्र चिरंजीव: अंग्रेज़ दौर की ‘स्तुतियां’

रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा रचित राष्ट्रगान पर विवाद होता रहा है. लेकिन टैगोर ने बड़ी व्यथा के साथ श्री सुधारानी देवी को अपने 23 मार्च 1939 के पत्र में लिखा था कि 'मैंने किसी चतुर्थ या पंचम जॉर्ज को ‘मानव इतिहास के युग-युग धावित पथिकों की रथ यात्रा का चिर-सारथी‘ कहा है, इस प्रकार की अपरिमित मूढ़ता का संदेह जो लोग मेरे विषय में कर सकते हैं उनके प्रश्नों का उत्तर देना आत्मावमानना है.'