रचनाकार का समय: ‘कोई भी गीत इन दिनों मैं पूरा नहीं गाती’

जब समय घायल हो और चारों तरफ़ से चीख-पुकार सुनायी पड़ रही हो तो एक रचनाकार का काम है कि वो समय की पीड़ा, चीखों और रुलाइयों का वर्तमान-इतिहास-भूगोल, सब अपनी रचना में दर्ज करे. रचना में यही समकालीन हस्तक्षेप इतिहास के दस्तावेज बनेंगे. रचनाकार का समय में पढ़िए कवयित्री रूपम मिश्र को.