ब्रिटिश राज में हिंदी पत्रकारिता पर पहरा: जब कलम को बेड़ियों में जकड़ने के लिए बनते थे क़ानून पुस्तक अंश: पत्रकारिता के प्रारम्भ और विकास के साथ ही प्रेस की स्वतन्त्रता की अवधारणा पर विचार भी किसी-न-किसी प्रकार प्रारम्भ हो गया था. भारत में पत्रकारिता के जन्म के साथ ही उसका दमन भी शुरू हो गया था. 22/06/2025