उच्च शिक्षा में जाति से आगे: शारीरिक अक्षम छात्रों की अदृश्यता और संस्थागत भेदभाव का सवाल

यूजीसी के आंकड़ों में जाति-आधारित भेदभाव बढ़ने की बात सामने आई है, लेकिन उच्च शिक्षा में विकलांग या शारीरिक तौर पर अक्षम छात्रों की अदृश्यता पर चर्चा अब भी सीमित है. शारीरिक अक्षम व्यक्तियों की आर्थिक निर्भरता कोई व्यक्तिगत विफलता नहीं, बल्कि संस्थागत असमानता का परिणाम है. जब उच्च शिक्षा तक पहुंच सीमित होगी, तो कौशल, नेटवर्क और अवसर भी सीमित ही रहेंगे.