बस्तर में हुई हत्याओं के एनएचआरसी के रिकॉर्ड जवाबों से ज़्यादा सवाल खड़े करते हैं

2024 से अब तक छत्तीसगढ़ में लगभग 589 लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें आम नागरिक, सुरक्षा बल और माओवादी/नक्सली शामिल हैं. अकेले छत्तीसगढ़ में देशभर में हुई कुल मौतों का लगभग 54% और इस अवधि के दौरान माओवादी-उग्रवाद से संबंधित मौतों का लगभग 80% हिस्सा है. ये आंकड़े एक बुनियादी लेकिन परेशान करने वाला सवाल उठाते हैं: मरने वाले कौन हैं?