पिछले तीन वर्षों से लोकपाल की वार्षिक रिपोर्ट संसद के पटल पर नहीं रखी गई हैं. वर्तमान लोकपाल के लगातार निवेदन के बावजूद राष्ट्रपति ने उन्हें मिलने का समय नहीं दिया. अंततः वार्षिक रिपोर्ट को डाक से भेजा गया, और शीतकालीन सत्र के पहले ही राष्ट्रपति कार्यालय ने इसे स्वीकार भी किया. लेकिन फिर भी यह संसद में पेश नहीं की गई. क्या पारदर्शिता की कमी, भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ बनी यह संस्था ही अब जवाबदेही तलाश रही है?
पीएमओ के 'क्राइसिस मैनेजर' कहे जाने वाले नरेंद्र मोदी के क़रीबी हिरेन जोशी को लेकर अटकलों का बाज़ार गरम है, कहीं उन्हें पद से हटाने की चर्चा है तो कहीं 'सट्टेबाज़ी घोटाले' में उनका नाम लिया जा रहा है. लेकिन वे हैं कौन और देश के सबसे महत्वपूर्ण कार्यालय की धुरी कैसे बने?
सभी के लिए आवास, शौचालय और सड़क के वादे उन गांवों में भी अधूरे हैं जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'सांसद आदर्श ग्राम योजना' के तहत अपने निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी में गोद लिया था.
एक आधिकारिक जांच आयोग ने पाया कि भारती और डेल मोंटे के स्वामित्व वाली फर्म ने लीज़ समझौते का उल्लंघन किया है. इसके अलावा लीज़ को तत्काल रद्द करने की अनुशंसा करने वाली रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई नहीं की गई.