रचनाकार का समय: ‘खंडित, बिखरे समय में सच खोजता है लेखक’ आज के समय के हर ईमानदार लेखक के सामने मौन तथा अभिव्यक्ति से जुड़े संकट प्रधान हो उठे हैं और वह हृदय के हाहाकार के क्षणों में दार्शनिक अनाथपन से घिरा हुआ है. रचनाकार का समय में पढ़ें आलोचक वैभव सिंह को. 19/04/2025