सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत ख़र्च पर कुछ पाबंदियांं लगाते हुए वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही के लिए मनरेगा के ख़र्च को वार्षिक आवंटन के 60 प्रतिशत पर सीमित कर दिया है. सरकार का यह निर्णय मनरेगा की मूल अवधारणा के ख़िलाफ़ है.
पहलगाम हमले के बाद पूरा देश आतंकवाद के ख़िलाफ़ एकजुट था. मगर चिंता की बात यह है कि इसके साथ अजीब-सा युद्ध उन्माद भी देखने को मिला. ऐसे दौर में जब तथाकथित राष्ट्रवाद का अर्थ नफ़रत, हिंसा और युद्ध से जोड़ दिया गया हो, शांति व मानवता की बात करना ही असल साहस और देशभक्ति है.