रचनाकार का समय: कई सारे समय मिलकर मुझे रचते हैं…

साहित्य जिंदगी को, सच्चाई को कुछ अधिक होशमंद, अधिक मर्यादाबद्ध होकर, उनके कुरूपतम रूप में, हर किस्म के धोखे और भ्रम का प्रवंचना का पर्दा हटाकर खुली आंखों से दिखा देता है. इस रास्ते पर न दर्द से मुक्ति मिलती है, न शांति. रचनाकार का समय में आज पढ़ें अप्रतिम कथाकार योगेंद्र आहूजा का आत्म-कथ्य.