सुप्रीम कोर्ट ने ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा विश्वविद्यालय और आईआईटी खड़गपुर में हाल ही में हुई छात्रों की आत्महत्याओं पर संज्ञान लेते हुए दोनों संस्थानों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. कोर्ट ने कहा कि 'शिक्षा व्यवस्था में कुछ गंभीर गड़बड़ी है' जो छात्रों को ऐसे कदम उठाने के लिए मजबूर करती है.
मौलाना आज़ाद नेशनल फेलोशिप के आठ महीने से अटके वजीफे को केंद्र ने जारी कर दिया है. स्कॉलर्स ने इसे संघर्ष की जीत बताया है. उनका कहना है कि फेलोशिप देना सरकार की ज़िम्मेदारी है, एहसान नहीं. वे अब हर महीने समय पर भुगतान की मांग कर रहे हैं.
एनसीईआरटी की कक्षा 8 की नई सामाजिक विज्ञान की किताब में से दो प्रभावशाली मुस्लिम महिला शासकों- दिल्ली सल्तनत की रज़िया सुल्तान और मुग़ल काल की नूरजहां का नाम पूरी तरह से हटा दिया गया है.
उत्तराखंड में स्कूलों में सुबह की प्रार्थना के दौरान भगवद् गीता के कम से कम एक श्लोक का पाठ अनिवार्य करने के राज्य सरकार के फैसले का शिक्षकों के एक वर्ग ने विरोध करते हुए इसे 'संविधान विरोधी' क़रार दिया है. इसी बीच, राज्य सरकार ने एनसीईआरटी को स्कूली पाठ्यक्रम में भगवद गीता और रामायण को शामिल करने का अनुरोध किया है.
एनसीईआरटी की कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की किताब में बाबर, अकबर और औरंगज़ेब के शासन को ‘क्रूर’ और ‘धार्मिक रूप से असहिष्णु’ बताया गया है. किताब में मंदिरों पर हमलों, नरसंहार और जबरन धर्मांतरण जैसी घटनाओं का ज़िक्र किया गया है, साथ ही ‘इतिहास के अंधकारमय काल’ का विशेष उल्लेख भी किया गया है.
बालासोर की एक 20 वर्षीय छात्रा ने एक प्रोफेसर द्वारा यौन उत्पीड़न की शिकायत पर कार्रवाई न होने के बाद आत्मदाह का प्रयास किया था. 14 जुलाई रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने 17 जुलाई को ओडिशा बंद का आह्वान करते हुए राज्य सरकार पर मामले को छुपाने का आरोप लगाया, साथ ही उच्च शिक्षा मंत्री को बर्खास्त करने की मांग की.
बीते 12 जुलाई को बालासोर स्थित एक प्रमुख सरकारी कॉलेज की छात्रा ने आत्मदाह की कोशिश की. छात्रा की हालत गंभीर है और वह वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं. उन्होंने कुछ दिन पहले कॉलेज प्रशासन को पत्र लिखकर बताया था कि एक प्रोफेसर की यौन संबंध बनाने की मांग ठुकराने के बाद से उन्हें परेशान कर रहा है.
जेएनयू में भारतीय ज्ञान प्रणाली पर आयोजित पहले तीन दिवसीय वार्षिक सम्मेलन के दौरान कुलपति शांतिश्री धूलिपुड़ी पंडित ने कहा कि राजनीतिक सत्ता को प्रभावशाली बनाने के लिए नैरेटिव पावर जरूरी होता है, और इसके लिए शैक्षणिक संस्थानों का योगदान बेहद अहम होता है.
जबकि केंद्र सरकार की कई छात्रवृत्तियां ठप पड़ी हैं, 2018 में 3.67 करोड़ से शुरू हुआ ‘परीक्षा पे चर्चा’ का बजट 2025 में पांच गुना से भी अधिक बढ़कर 18.82 करोड़ रुपये पहुंच गया. यह कार्यक्रम कई जगहों पर प्रधानमंत्री का प्रचार नज़र आता है. केवल 2023-24 में 1,111 सेल्फी प्वाइंट्स पर 2.49 करोड़ रुपये (जीएसटी अलग) खर्च कर दिए गए.
ठाणे के एक स्कूल में शौचालय में खून के धब्बे दिखने के बाद लगभग दस छात्राओं को कथित तौर पर यह जांचने के लिए कि उन्हें पीरियड्स हो रहे है या नहीं, कपड़े उतरवाए गए. अभिभावकों द्वारा इसके ख़िलाफ़ शिकायत किए जाने के बाद पुलिस ने प्रिंसिपल और अटेंडेंट को गिरफ़्तार किया है और चार शिक्षिकाओं और दो ट्रस्टियों पर केस दर्ज किया गया है.
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए राष्ट्रीय प्रवासी छात्रवृत्ति के लिए चयनित 106 उम्मीदवारों में से केवल 40 छात्रों को प्रोविजनल छात्रवृत्ति पत्र दिए हैं. मंत्रालय का कहना है कि शेष उम्मीदवारों के लिए 'धन की उपलब्धता के अनुसार' सर्टिफिकेट जारी किए जाएंगे.
जेएनयू शैक्षणिक सत्र 2025-26 में केवल दो पीएचडी कोर्स- सिनेमा अध्ययन और कोरियाई अध्ययन के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करेगा. कुछ अन्य विभाग भी प्रवेश परीक्षा आयोजित करने के पक्ष में थे, लेकिन इसमें वित्तीय समस्याएं एक अहम चुनौती के रूप में सामने आई हैं.
पिछले दो वर्षों में जामिया मिलिया इस्लामिया में अधिकारियों द्वारा निलंबन और कैंपस प्रतिबंध सहित अन्य कार्रवाई का सामना करने वाले छात्रों की संख्या बढ़ी है. इस अवधि में छात्रों के बीच झड़पों में भी वृद्धि देखी गई.
जेएनयू छात्र नजीब अहमद की गुमशुदगी के करीब आठ साल बाद दिल्ली की एक अदालत ने बाद मामले में सीबीआई की क्लोज़र रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए कहा है कि अगर भविष्य में कोई नया सबूत सामने आता है तो मामले को फिर से खोला जा सकता है. नजीब 15 अक्टूबर 2016 से लापता हैं.
महाराष्ट्र सरकार ने अंग्रेजी और मराठी माध्यम के स्कूलों में कक्षा 1 से 5 तक हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में अनिवार्य करने के अपने निर्णय को वापस ले लिया है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यह भी घोषणा की कि शिक्षाविद् और पूर्व राज्यसभा सांसद नरेंद्र जाधव के नेतृत्व में एक नई विशेषज्ञ समिति बनाई जाएगी, जो एनईपी के त्रिभाषा फॉर्मूले को लागू करने पर सलाह देगी.