अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के विरोध में अमेरिका के कई शहरों में शनिवार को लाखों लोग सड़कों पर उतर आए. ये विरोध प्रदर्शन राजधानी वॉशिंगटन, न्यूयॉर्क, शिकागो, मियामी और लॉस एंजेलिस जैसे कई बड़े शहरों में हुए. इन प्रदर्शनों का एक ही संदेश था कि अमेरिका में कोई राजा नहीं है और यहां लोकतंत्र है, राजतंत्र नहीं.
19 अक्टूबर, 2025 को लूव्र म्यूज़ियम में चार मिनट में चार चोरों ने नेपोलियन युग के आठ अनमोल आभूषण चुरा लिए. चोरी के बाद म्यूज़ियम को अस्थाई रूप से बंद कर दिया गया है. पुलिस ने फोरेंसिक जांच, सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल और संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी है.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को अपने पिछले बयान को दोहराते हुए कहा कि भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा. भारत सरकार ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, वहीं विपक्षी कांग्रेस ने सवाल किया कि नरेंद्र मोदी ने भारत के फैसले लेने का हक़ ट्रंप को क्यों दे दिया है, सीजफायर से लेकर रूस से तेल न खरीदने का फैसला ट्रंप क्यों कर रहे हैं? यह देश का अपमान है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि पीएम मोदी ने उन्हें आश्वासन दिया कि भारत रूस से तेल नहीं खरीदेगा. राहुल गांधी ने सरकार को घेरते हुए कहा कि मोदी ट्रंप से डरे हुए हैं. वहीं विदेश मंत्रालय का बयान आया है कि भारत अपने उपभोक्ता के हितों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.
यूके सरकार ने सभी देशों के वीज़ा आवेदकों के लिए अंग्रेज़ी भाषा परीक्षा को अनिवार्य बना दिया है. 8 जनवरी 2026 से लागू होने वाले इस नियम के तहत बोलने, सुनने, पढ़ने और लिखने की क्षमता ए-लेवल या कक्षा 12 के मानक के बराबर होनी चाहिए. सरकार का दावा है कि इससे प्रवासी यूके के समाज में बेहतर घुल-मिल सकेंगे.
तालिबान के विदेश मंत्री अमीर ख़ान मुत्तक़ी की नई दिल्ली में रविवार (12 अक्टूबर) को हुई प्रेस कॉन्फ़्रेंस में महिला पत्रकारों को शामिल किया गया. इससे पहले शुक्रवार को हुई प्रेस कॉन्फ़्रेंस को लेकर कई महिला पत्रकारों ने कहा था कि उन्हें वहां नहीं बुलाया गया था. महिला पत्रकारों ने इसका विरोध करते हुए इसे पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया था.
भारत तालिबान की दोस्ती का हाथ बढ़ा रहा है, वैश्विक राजनीति में पुराने समीकरण बदल रहे हैं. अफ़ग़ानिस्तान के साथ भारत की नजदीकी महत्वपूर्ण है. लेकिन क्या मजबूरी है कि सरकार तालिबान को अपनी महिला-विरोधी नीतिओं का भारत में भी पालन करने की इजाज़त दे रही है?
तालिबान शासित अफ़ग़ानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर ख़ान मुत्ताक़ी आठ दिनों की भारत यात्रा पर हैं. साल 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से यह तालिबान की भारत की सबसे उच्च स्तरीय यात्रा है. भारत के लिए यह सही समय है कि वह अफ़ग़ानिस्तान में अपने निवेश और सुरक्षा हितों को साध सके.
वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचादो को 2025 का शांति नोबेल पुरस्कार देने की घोषणा हुई है. नॉर्वेजियन समिति ने उन्हें लोकतंत्र और मानवाधिकारों के शांतिपूर्ण संघर्ष के लिए सम्मानित किया. मचादो ‘लोकप्रिय पूंजीवाद’ की समर्थक हैं और मादुरो सरकार की समाजवादी नीतियों की मुखर आलोचक मानी जाती हैं.
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार को घोषणा की है कि भारत अफ़ग़ानिस्तान में अपना दूतावास दोबारा खोलने जा रहा है. 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद भारत ने काबुल दूतावास बंद कर दिया था. हालांकि, एक साल बाद व्यापार, चिकित्सा सहायता और राहत कार्यों के लिए एक छोटा मिशन खोल दिया गया था.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि इज़रायल और हमास ने उनके द्वारा प्रस्तावित गाज़ा के लिए ‘शांति’ योजना के पहले चरण पर हस्ताक्षर करने के लिए सहमति बना ली है. एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इस ‘शांति’ योजना को लेकर कहा है कि किसी भी युद्धविराम समझौते का आधार यह होना चाहिए कि इज़रायल द्वारा फ़िलिस्तीनियों के नरसंहार को पूरी तरह समाप्त किया जाए.
यूक्रेन की सेना ने बताया कि रूसी सेना में शामिल हुए एक भारतीय नागरिक ने तीन दिन अग्रिम मोर्चे पर बिताने के बाद यूक्रेनी सैनिकों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है. उनकी पहचान गुजरात के मोरबी निवासी 22 वर्षीय मजोती साहिल मोहम्मद हुसैन के रूप में हुई है. वे एक विश्वविद्यालय में पढ़ाई करने के लिए रूस गए थे.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ह्वाइट हाउस में गाज़ा में शांति की नई योजना प्रस्तुत की थी, जिसे इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने समर्थन दिया था. इस बीच इज़रायली नौसेना ने ग़ाज़ा के लिए सहायता सामग्री लेकर जा रही करीब 40 नौकाओं को रोककर उनमें सवार पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग सहित 450 से ज़्यादा विदेशी कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया, जिसकी कई देशों ने आलोचना की है.
बांग्लादेश सरकार के सलाहकार ने चटगांव पहाड़ी इलाकों में हाल में हुई हिंसा में भारत का हाथ होने का आरोप लगाया था. अब भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि बांग्लादेश में क़ानून-व्यवस्था बनाए रखने में असमर्थ अंतरिम सरकार अक्सर दोष किसी और पर मढ़ने की कोशिश करती रही है.
इज़रायली सेना ने गाज़ा में सहायता पहुंचाने जा रहे ग्लोबल सुमुद फ़्लोटिला पर सवार कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है, जिनमें जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग भी शामिल हैं. ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, तुर्की, ब्राज़ील और पाकिस्तान ने इज़रायल के इस कदम की कड़ी आलोचना की है.