आचार संहिता

टीकाकरण प्रमाण पत्र पर पीएम की तस्वीर पर चुनाव आयोग ने स्वास्थ्य मंत्रालय से जवाब मांगा

पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग को दी गई शिकायत में आरोप लगाया था कि पश्चिम बंगाल और अन्य चुनावी राज्यों में को-विन प्लेटफॉर्म के ज़रिये प्राप्त किए जाने वाले कोविड-19 टीकाकरण प्रमाण-पत्र पर प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर होना आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है.

होर्डिंग में प्रधानमंत्री की तस्वीर का इस्तेमाल आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन: अधिकारी

चुनाव आयोग ने सभी पेट्रोल पंप डीलरों एवं अन्य एजेंसियों को 72 घंटे के भीतर अपने परिसर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर वाले केंद्रीय योजनाओं के होर्डिंग हटाने का निर्देश दिया है.

मणिपुर: उपचुनाव में खड़े निर्दलीय प्रत्याशी पर आरोप लगाने को लेकर सहायक शिक्षक निलंबित

मणिपुर के थौबल ज़िले के लिलॉन्ग स्थित एक कॉलेज के सहायक प्रोफेसर मोहम्मद सिदिकुर रहमान ने यहां हो रहे उपचुनाव में खड़े निर्दलीय उम्मीदवार अब्दुल नासिर के ख़िलाफ़ कुछ आरोप लगाए गए थे. नासिर भाजपा के समर्थन से चुनाव मैदान में हैं.

New Delhi: Chief Election Commissioner Sunil Arora addresses the concluding session of the Training workshop on ICT Application for General Elections 2019, in New Delhi, Friday, Feb 8, 2019. (PIB Photo via PTI) (PTI2_8_2019_000236B)

नरेंद्र मोदी और अमित शाह को तथ्यों के आधार पर क्लीनचिट दी गई: मुख्य चुनाव आयुक्त

लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष के भाषणों से जुड़ीं शिकायतों पर चुनाव आयोग द्वारा उन्हें दी गई सिलसिलेवार क्लीनचिट पर चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने असहमति जताई थी.

लोकसभा चुनाव ख़त्म होने के साथ ही टीवी सेट से गायब हुआ नमो टीवी

लोकसभा चुनाव शुरू होने ठीक पहले मार्च में लॉन्च हुआ नमो टीवी अंतिम चरण के मतदान से ठीक दो दिन पहले 17 मई से बंद हो गया.

द वायर बुलेटिन: राजीव गांधी को ‘भ्रष्टाचारी नंबर वन’ कहने वाले बयान पर भी चुनाव आयोग ने मोदी को क्लीनचिट दी

चुनाव आयोग को भाजपा नेताओं के ख़िलाफ़ सबसे अधिक आचार संहिता उल्लंघन की शिकायतें मिलने समेत दिनभर की महत्वपूर्ण ख़बरों का अपडेट.

चुनाव आयोग का मोदी को क्लीनचिट देने का सिलसिला जारी, दो अन्य भाषणों को भी क्लीनचिट

चुनाव आयोग आचार संहिता उल्लंघन मामले में अब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ पांच शिकायतों पर उन्हें क्लीनचिट दे चुका है.

चुनाव आयोग द्वारा नरेंद्र मोदी को क्लीनचिट देने का फ़ैसला सर्वसम्मति से नहीं लिया गया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आचार संहिता उल्लंघन के तीन मामलों में चुनाव आयोग से क्लीनचिट मिली है. इनमें से दो मामलों में आयोग की राय एकमत नहीं थी.

Prime Minister Narendra Modi during BJP National Executive Meet, in New Delhi, Saturday, Sept 8, 2018. (PTI Photo/Atul Yadav)

आचार संहिता उल्लंघन मामले में नरेंद्र मोदी को चुनाव आयोग से तीसरी बार क्लीनचिट मिली

राजस्थान के बाड़मेर में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि भारत के परमाणु हथियार दिवाली के लिए इस्तेमाल किए जाने के लिए नहीं रखे गए हैं. इसी बयान को लेकर चुनाव आयोग से शिकायत की गई थी.

राहुल गांधी के ख़िलाफ़ मोदी के बहुसंख्यक-अल्पसंख्यक भाषण को चुनाव आयोग ने दी क्लीन चिट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 अप्रैल को महाराष्ट्र के वर्धा में एक रैली को संबोधित करते हुए कथित रूप से कहा था कि विपक्षी दल लोकसभा की उन सीटों से अपने नेताओं को खड़ा करने से डरता है जहां बहुसंख्यकों का प्रभुत्व है.

मोदी के ख़िलाफ़ आचार संहिता उल्लंघन मामला: नहीं हुई चुनाव आयोग के फुल कमीशन की एक भी बैठक

चुनाव आयोग के फुल कमीशन में मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा और चुनाव आयुक्त अशोक लवासा और सुशील चंद्रा हैं. एक चुनावी रैली में मोदी के संबोधन को लेकर कांग्रेस की पहली शिकायत चुनाव आयोग को पांच अप्रैल को मिली थी.

मोदी की बायोपिक चुनाव के दौरान रिलीज़ हुई तो एक राजनीतिक दल को फायदा पहुंचेगा: चुनाव आयोग

चुनाव आयोग द्वारा पीएम नरेंद्र मोदी फिल्म की रिलीज़ पर रोक के बाद सुप्रीम कोर्ट ने उसे फिल्म देखकर इस पर रिपोर्ट देने को कहा था. रिपोर्ट में आयोग ने कहा कि फिल्म पूरी तरह से एक-आयामी है, जो एक व्यक्ति की बेहद तारीफ करते हुए उसे संत का दर्जा दे देती है. आचार संहिता के दौरान इसका प्रदर्शन चुनावी संतुलन को एक ओर झुका देगा.

हमारे पास जो न्यूक्लियर बम है, वो दिवाली के लिए रखा है क्या: नरेंद्र मोदी

राजस्थान के बाड़मेर में एक रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘भारत ने पाकिस्तान की धमकी से डरने की नीति को छोड़ दिया. अख़बार वाले भी लिखते थे, पाकिस्तान के पास भी न्यूक्लियर है, तो हमारे पास क्या है भाई, ये दिवाली के लिए रखा है क्या?’

संपादकीयः नफ़रत भरी चुनावी राजनीति पर चुनाव आयोग की चुप्पी भी अपराध है

चुनाव आयोग का संवैधानिक दायित्व केवल आदर्श आचार संहिता ही नहीं बल्कि जनप्रतिनिधि क़ानून को भी बरक़रार रखना है, जिसके तहत प्रधानमंत्री सहित विभिन्न भाजपा नेताओं के नफ़रत भरे भाषण अपराध की श्रेणी में आते हैं.