डोडा जिले के रहने वाले व्यक्ति की जम्मू स्थित राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल में कोविड-19 की वजह से मौत हो गई थी. परिजनों ने आरोप लगाया कि सुरक्षाकर्मियों ने कोई मदद नहीं की. उनका कहना है कि सरकार को वायरस से मरने वालों के अंतिम संस्कार करने के लिए बेहतर योजना बनानी चाहिए.
जम्मू कश्मीर में साल 2018 में पत्थर फेंकने की 1458 और 2017 में 1412 घटनाएं दर्ज की गईं. पिछले साल पांच अगस्त को विशेष राज्य का दर्जा हटाने के बाद से यहां 1193 घटनाएं दर्ज की गई हैं. अगस्त 2019 में राज्य में पत्थरबाज़ी की कुल 658 घटनाएं सामने आईं, जबकि उससे पहले जुलाई में सिर्फ़ 26 घटनाएं हुई थीं.
23 वर्षीय गौरव सिंह बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से मास्टर्स से पढ़ाई कर रहा था. लंका पुलिस ने बुधवार को गौरव के पिता की तहरीर पर बीएचयू चीफ प्रॉक्टर समेत पांच लोगों के खिलाफ नामजद और तीन अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है.
मुख्यमंत्री ने चरमपंथ से निपटने के लिए नरम रवैया अपनाने की वक़ालत करते हुए करीब चार हज़ार युवाओं के ख़िलाफ़ दर्ज पत्थरबाज़ी के मुक़दमे वापस लेने का आदेश दिया है.
क्या वाइस चांसलर, पुलिस प्रशासन और देश की सरकारें उन लड़कियों को देशद्रोही मानती हैं जो यह शिकायत करें कि उनके साथ छेड़खानी और अभद्र हरकतें हो रही हैं?
जिस सुरक्षा को लेकर बीएचयू में पूरा बवाल हुआ, उसकी स्थिति अब भी वैसी ही है. जिस जगह पर छात्रा को छेड़ा गया था, वहां अब भी रोशनी का इंतज़ाम नहीं हुआ है.
हमले में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की कार का पीछे का शीशा टूट गया. कांग्रेस ने हमले की कड़ी निंदा की.