राजीव गांधी हत्याकांड में 36 साल क़ैद भुगतने के बाद दोषी को रिहा क्यों नहीं किया जा सकता: कोर्ट

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी हत्याकांड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दोषी एजी पेरारिवलन 36 साल जेल की सज़ा काट चुका है और जब कम अवधि की सज़ा काटने वाले लोगों को रिहा किया जा रहा है तो केंद्र उसे रिहा करने पर राज़ी क्यों नहीं है.

राजीव गांधी की हत्या के दोषी पेरारिवलन को सुप्रीम कोर्ट से ज़मानत मिली

शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि पेरारिवलन ने 32 साल जेल में बिताए हैं. पहले भी तीन बार उन्हें पैरोल पर रिहा किया गया है और उनके ख़िलाफ़ उस दौरान कोई शिकायत नहीं मिली.

राजीव गांधी हत्याकांड: दोषी की सज़ा माफ़ी याचिका दो साल से लंबित होने पर अदालत ने नाराज़गी जताई

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या मामले में उम्रक़ैद की सज़ा काट रहे एजी पेरारिवलन ने अनुच्छेद 161 के तहत राज्यपाल के पास माफ़ी के लिए याचिका दायर की थी. 21 मई, 1991 में तमिलनाडु के श्रीपेरम्बदूर में एक चुनावी सभा के दौरान एक महिला आत्मघाती हमलावर ने राजीव गांधी की हत्या कर दी थी.