पिछले पांच सालों में सिर्फ चार गोकुल ग्राम बनाए गए, 14 फीसदी पशुओं को ही मिला हेल्थ कार्ड

मोदी सरकार के दावे और उनकी ज़मीनी हकीकत पर विशेष सीरीज: गोकुल ग्राम योजना देसी गायों के संरक्षण, देसी गायों के नस्लों के विकास, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, पशु उत्पाद की बिक्री आदि समेत कई लक्ष्यों के लिए शुरू की गई थी.

दूसरे देशों में गाय दूध के लिए होती है, हमारे यहां दंगा करने के लिए

जनता जब आर्थिक न्याय की मांग करती है, तब उसे किसी दूसरी चीज में उलझा देना चाहिए. क्रांति की तरफ बढ़ती जनता को हम रास्ते में ही गाय के खूंटे से बांध देते हैं.