पिछले दो वर्षों में सरकार ने 7.4 लाख लोगों को बेदखल किया, 1.53 लाख घर तोड़े: रिपोर्ट

हाउसिंग एंड लैंड राइट्स नेटवर्क (एचएलआरएन) द्वारा जारी रिपोर्ट में पाया गया है कि 2022 और 2023 में अदालत के आदेशों के कारण लगभग 3 लाख लोगों को बेदखल किया गया. 2022 में अदालती आदेशों के चलते 33,360 से अधिक लोगों को बेदखल करना पड़ा, जबकि 2023 में यह आंकड़ा लगभग 2.6 लाख तक पहुंच गया.

‘जहां झुग्गी वहीं मकान का जुमला देकर हमारी झुग्गी ही छीन ली गई’

वीडियो: बीते 16 मई को नई दिल्ली के वसंत विहार स्थित प्रियंका गांधी कैंप में करीब 100 घर तोड़ दिए गए. अतिक्रमण रोधी यह अभियान राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और दिल्ली पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से चलाया गया था. इस कार्रवाई के बाद लगभग 500 लोग बेघर हो गए हैं.

दिल्ली में ध्वस्तीकरण कार्रवाइयां: क्या ग़रीबों की दुश्मन बन गई है सरकार?

वीडियो: लैंड कॉन्फ्लिक्ट वॉच के मुताबिक़, बीते 3 महीने में दिल्ली में लगभग 1,600 घर ध्वस्त किए गए हैं, जिससे क़रीब 2,60,000 लोग बेघर हुए. सितंबर में दिल्ली में जी-20 बैठक होनी है, इसलिए दिल्ली सरकार और केंद्र मिलकर अतिक्रमण के नाम पर उन्हें हटा रहे हैं, जो दिल्ली को 'साफ-सुथरा' दिखाने में रोड़ा हैं.

मानवाधिकार संगठन ने भाजपा शासित राज्यों में ‘मुस्लिम विरोधी’ बुलडोज़र अभियानों की निंदा की

विश्व भर में मानवाधिकारों की स्थिति पर नज़र रखने वाले अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ‘ह्यूमन राइट्स वॉच’ ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि कैसे 2022 में भारत की विभिन्न राज्यों की सरकारों ने कम आय वाले समूहों, विशेष तौर पर मुसलमानों के ख़िलाफ़ ग़ैर-न्यायिक सज़ा के तौर पर उनके घर गिराने की कार्रवाई की है.

यूपी सरकार की तोड़फोड़ पूरी तरह अवैध, मुआवज़ा मिलना चाहिए: हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस

द वायर के साथ बातचीत में इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रह चुके जस्टिस गोविंद माथुर ने कहा कि जैसा उत्तर प्रदेश में चल रहा है, ऐसा ही चलता रहा तो क़ानून या पुलिस की ज़रूरत ही नहीं रहेगी. जो भी हो रहा है वो मनमाना है.