farmer organisation

PRECIOUS CARGO: The OOCL Europe left July 20 from South Carolina for the Netherlands carrying a refrigerated container filled with human body parts. Here, it is docked at the Port of Newark in New Jersey in November, after it delivered the parts to Europe. REUTERS/Brendan McDermid

क्या है आरसीईपी और भारत के इससे अलग होने की वजह

हाल ही में 15 देशों ने आरसीईपी समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसे दुनिया का सबसे बड़ा व्यापार समझौता माना जा रहा है. इस समूह का प्रबल दावेदार माने जा रहे भारत ने इससे अलग होने का निर्णय लेते हुए कहा कि इससे उसकी चिंताओं का संतोषजनक समाधान नहीं किया गया है.

हमारे हित में है आईसीईपी, बाहर रहे तो नहीं आएगी कोई बहुराष्ट्रीय कंपनी: अरविंद पनगढ़िया

अगस्त 2017 में नीति आयोग से इस्तीफा देने वाले अरविंद पनगढ़िया ने कहा कि आप आरसीईपी बाहर नहीं रह सकते हैं क्योंकि इसका मतलब होगा कि हम जो भी उन 15 देशों के बाजारों में निर्यात करेंगे उन पर भारी शुल्क लगेगा. वहीं, वे बिना किसी रोक-टोक के अपना सामान निर्यात करेंगे. इससे हमारे निर्यातकों को बहुत नुकसान होगा.

महात्मा गांधी की ओट लेकर आरसीईपी से बाहर रहने का फ़ैसला बहानेबाज़ी जैसा है

दुनिया की एक बड़ी आर्थिक शक्ति होने को लेकर भारत का दावा और शोर-शराबा ज़मीनी हक़ीक़त से मेल नहीं खाता.

आरसीईपी समझौते में शामिल नहीं होगा भारत, कहा- हमारी चिंताएं दूर नहीं हुईं

भारत अपने उत्पादों के लिए बाजार पहुंच का मुद्दा काफी जोर-शोर से उठा रहा था, जिसका हल नहीं निकाला जा सका. आरसीईपी में दस आसियान देश और उनके छह मुक्त व्यापार भागीदार चीन, भारत, जापान, दक्षिण, कोरिया, भारत, आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड शामिल हैं.

थाईलैंड के वाणिज्य मंत्री ने कहा, भारत आरसीईपी समझौते पर हस्ताक्षर करेगा

आरसीईपी समझौता 10 दक्षिण पूर्व एशियाई देशों और चीन, दक्षिण कोरिया, जापान, भारत, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच व्यापार संधि है.

‘आरसीईपी समझौते से करोड़ों दूध उत्पादक किसान बर्बाद हो जाएंगे’

साक्षात्कार: क़रीब 250 किसान संगठनों के सबसे बड़े मोर्चे अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति (एआईकेसीसी) ने आरसीईपी (क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी) व्यापार संधि के ख़िलाफ़ चार नवंबर को देश भर में मार्च निकालने की घोषणा की है. संगठन के संयोजक वीएम सिंह से बातचीत.

नासिक-मुंबई किसान मार्च: महाराष्ट्र पुलिस ने दूसरी बड़ी रैली से पहले लोगों को हिरासत में लिया

नंदूरबार ज़िले के किसान संगठन सत्यशोधक शेतकरी सभा ने आरोप लगाया है कि महाराष्ट्र पुलिस ने उनके 3000 लोगों को हिरासत में लिया था. नासिक से मुंबई तक किसान मार्च 20 फरवरी से प्रस्तावित है.