कीटनाशकों के अत्यधिक इस्तेमाल के कारण बीते अप्रैल माह में हांगकांग द्वारा एमडीएच और एवरेस्ट ब्रांड के कुछ मसालों की बिक्री को रोक दिए जाने के बाद भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने विभिन्न मसालों के 4,054 नमूनों की जांच की थी, जिनमें 474 मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए.
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने एक आदेश में दही के पैकट पर नाम हिंदी में लिखने के लिए कहा था और इसके साथ कोष्ठक में उसके लिए क्षेत्रीय भाषा में प्रचलित शब्द लिखने का आदेश दिया था. कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में कई दुग्ध संघों ने इस आदेश के ज़रिये हिंदी थोपने के आरोप लगाए थे.
बिहार के स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में केंद्र सरकार को पत्र लिखा है.
उत्तर प्रदेश समेत अलग-अलग राज्यों में अवैध बूचड़खानों के ख़िलाफ़ मुहिम शुरू किए जाने के बीच आरटीआई से पता चला है कि देश में केवल 1,707 बूचड़खाने खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के तहत पंजीकृत हैं.