Ghalib

ग़ालिब और उनका ‘चिराग़-ए-दैर’ बनारस

बनारस को दुनिया के दिल का नुक़्ता कहना दुरुस्त होगा. इसकी हवा मुर्दों के बदन में रूह फूंक देती है. अगर दरिया-ए-गंगा इसके क़दमों पर अपनी पेशानी न मलता तो वह हमारी नज़रों में मोहतरम न रहता.

दीनानाथ बत्रा की एनसीईआरटी को सलाह: स्कूली किताबों से हटाएं अंग्रेज़ी, उर्दू और अरबी के शब्द

संघ से जुड़े शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास ने एनसीईआरटी की किताबों से ग़ालिब, टैगोर, पाश की रचनाओं सहित गुजरात दंगों से जुड़े तथ्य हटाने की मांग की है.