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मथुरा में मांस बिक्री पर रोक का असली मक़सद और संभावित नतीजे क्या हैं?

योगी सरकार के मथुरा में मीट बैन के आदेश की वैधता पर कोई विवाद नहीं है क्योंकि इस पर सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला पहले से ही मौजूद है, लेकिन इसके असली इरादे और संभावित परिणामों पर निश्चित ही बहस होनी चाहिए क्योंकि ये बड़े पैमाने पर लोगों के हक़ों, उनकी आजीविका और सुरक्षा से जुड़ा है.

दो बालिग पसंद का जीवनसाथी चुनने को स्वतंत्र, माता-पिता भी आपत्ति नहीं कर सकते: हाईकोर्ट

एक मुस्लिम महिला और उनके हिंदू साथी द्वारा दायर याचिका में कहा गया था कि वे एक दूसरे से प्रेम करते हैं और अपनी इच्छा से साथ रह रहे हैं. अदालत ने कहा कि दो वयस्कों को अपनी पसंद का जीवनसाथी चुनने का अधिकार है, भले ही वे किसी भी धर्म के हों. कोर्ट ने पुलिस को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि याचिकाकर्ताओं को उनके परिवार या किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किसी तरह से परेशान न किया जाए.

योगी आदित्यनाथ का ‘अब्बा जान’ बयान, यूपी में भाजपा का सांप्रदायिक चुनावी अभियान

वीडियो: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते दिनों समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी पर निशाना साधते हुए दावा किया था कि ‘2017 से पहले केवल ‘अब्बा जान’ कहने वालों को ही राशन मिलता था. आज अगर कोई गरीब लोगों के राशन को हथियाने की कोशिश करेगा, तो वह निश्चित रूप से जेल चला जाएगा.’ इस बयान पर चर्चा कर रही हैं द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी.

यूपी: राशन वितरण को लेकर योगी आदित्यनाथ ने सांप्रदायिक और झूठा दावा किया है

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में कुशीनगर में कहा था कि साल 2017 से पहले सिर्फ ‘अब्बा जान’ कहने वालों को ही राशन मिलता था. आंकड़े दर्शाते हैं कि ऐसा किसी भी तरह से संभव नहीं है.

‘घोर सांप्रदायिकता और नफ़रत’ के सहारे चुनाव लड़ना भाजपा का एकमात्र एजेंडा: उमर अब्दुल्ला

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने योगी आदित्यनाथ के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मेरा मानना रहा है कि भाजपा का सारा ज़हर मुस्लिमों के प्रति होता है. यहां एक मुख्यमंत्री हैं, जो दोबारा यह दावा कर चुनाव जीतना चाहते हैं कि मुस्लिमों ने हिंदुओं के हिस्से का पूरा राशन खा लिया. योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि वर्ष 2017 से पहले सिर्फ़ ‘अब्बा जान’ कहने वालों को ही राशन मिलता था.

New Delhi: RSS chief Mohan Bhagwat speaks on the 2nd day at the event titled 'Future of Bharat: An RSS perspective', in New Delhi, Tuesday, Sept 18, 2018. (PTI Photo) (PTI9_18_2018_000190B)

‘समझदार’ मुस्लिम नेता कट्टरपंथ के ख़िलाफ़ दृढ़ता से खड़ें होंः मोहन भागवत

आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने एक कार्यक्रम में कहा कि हिंदुओं और मुसलमानों के पूर्वज एक ही थे और हर भारतीय हिंदू है. हिंदू शब्द मातृभूमि, पूर्वज और भारतीय संस्कृति के बराबर है. यह अन्य विचारों का अनादर नहीं है. हमें मुस्लिम वर्चस्व के बारे में नहीं बल्कि भारतीय वर्चस्व के बारे में सोचना है.

झारखंड विधानसभा में नमाज़ कक्ष: भाजपा सदस्यों ने ‘जय श्री राम’ का पाठ कर कार्यवाही में बाधा डाली

झारखंड विधानसभा परिसर में विधानसभाध्यक्ष ने नमाज़ पढ़ने के लिए एक कमरा आवंटित करने का आदेश दिया है. मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने कहा है कि यह पूरी तरह असंवैधानिक क़दम है. विधानसभाध्यक्ष को ऐसा करना ही था तो उन्हें विधानसभा में एक भव्य हनुमान मंदिर का निर्माण कराना चाहिए और अन्य धर्मावलंबियों के लिए भी पूजा अथवा आराधना कक्ष निर्धारित करना चाहिए.

यूपी: अवैध धर्मांतरण मामले में गिरफ़्तार आठ लोगों पर देश के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़ने का आरोप लगाया

इस साल 21 जून  को उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकरोधी दस्ते ने दिल्ली से दो मौलवियों को गिरफ़्तार किया था और धर्मांतरण में कथित रूप से शामिल एक बड़े धर्मांतरण रैकेट का भंडाफोड़ करने का दावा किया था. बाद में पुलिस ने आठ अन्य लोगों को गिरफ़्तार किया था और दावा किया था कि आरोपियों ने बड़े पैमाने पर धर्मांतरण को अंजाम दिया.

योगी आदित्यनाथ ने मथुरा में शराब एवं मांस की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर आयोजित कार्यक्रमों में कहा कि वृन्दावन, गोवर्धन, नन्दगांव, बरसाना, गोकुल, महावन एवं बलदेव में जल्द ही मांस और शराब की बिक्री बंद कर इन कार्यों में लगे लोगों का अन्य व्यवसायों में पुनर्वास किया जाएगा.

गुजरात के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने कहा- हिंदू बहुसंख्यक नहीं रहे तो ख़त्म हो जाएगा लोकतंत्र

गुजरात के गांधीनगर में विश्व हिंदू परिषद द्वारा आयोजित भारत माता के मंदिर में मूर्ति स्थापना समारोह को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने कहा कि अगर अगले 1,000-2,000 वर्षों में हिंदुओं की संख्या कम हो जाती है और दूसरे धर्म के लोगों की संख्या बढ़ जाती है, तो कोई अदालत नहीं होगी, लोकसभा, संविधान, धर्मनिरपेक्षता, ये सब कुछ हवाहवाई हो जाएगा, कुछ भी नहीं रहेगा.

‘भारत का प्रधानमंत्री होने का… अधिकार हमारा है’

रघुवीर सहाय की ‘अधिकार हमारा है’ एक नागरिक के देश से संबंध की बुनियादी शर्त की कविता है. यह मेरा देश है, यह ठीक है लेकिन यह मुझे अपना मानता है, इसका सबूत यही हो सकता है कि यह इसके ‘प्रधानमंत्री’ पद पर मेरा हक़ कबूल करता है या नहीं. मैं मात्र मतदाता हूं या इस देश का प्रतिनिधि भी हो सकता हूं?

नाम छिपाकर कौन लोग जीते आए हैं और उनकी घुटन को किसने महसूस किया है?

पहचान की अवधारणा खालिस इंसानी ईजाद है. पहचान के लिए ख़ून की नदियां बह जाती हैं. पहचान का प्रश्न आर्थिक प्रश्नों के कहीं ऊपर है. उस पहचान को अगर कोई भूमिगत कर दे, तो उसकी मजबूरी समझी जा सकती है और इससे उसके समाज की स्थिति का अंदाज़ा भी मिलता है.

वाल्मीकि की तालिबान से तुलना का आरोप: यूपी के बाद मध्य प्रदेश में मुनव्वर राना के ख़िलाफ़ केस दर्ज

मशहूर शायर मुनव्वर राना पर महर्षि वाल्मीकि की तुलना तालिबान से करने का आरोप है. इस संबंध में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में केस दर्ज होने के बाद मध्य प्रदेश के गुना शहर में एफ़आईआर दर्ज कराई गई है. राना ने कथित तौर पर कहा था कि वाल्मीकि रामायण लिखने के बाद भगवान बन गए. इससे पहले वह एक डकैत थे. इसी तरह तालिबान अभी आतंकवादी हैं, लेकिन लोग और चरित्र बदलते हैं.

यूपी: महर्षि वाल्मीकि से तालिबान की तुलना के आरोप में मुनव्‍वर राना के ख़िलाफ़ केस दर्ज

वाल्मीकि समाज के नेता पीएल भारती की शिकायत पर मशहूर शायर मुनव्वर राना के ख़िलाफ़ धार्मिक भावनाएं भड़काने तथा अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. राना ने एक चैनल से बात करते हुए कथित तौर पर कहा था कि वाल्मीकि रामायण लिखने के बाद भगवान बन गए, इससे पहले वह एक डकैत थे. व्यक्ति का चरित्र बदल सकता है. इसी तरह तालिबान अभी आतंकवादी हैं, लेकिन लोग और चरित्र बदलते हैं.

गुजरात हाईकोर्ट ने धर्मांतरण विरोधी नए क़ानून की अंतरधार्मिक विवाह संबंधी धाराओं पर लगाई रोक

गुजरात सरकार की ओर से पेश हुए वकील ने कहा था कि यह क़ानून अंतरधार्मिक विवाह पर प्रतिबंध नहीं लगाता है. इस पर न्यायालय ने कहा कि संशोधित क़ानून की भाषा स्पष्ट नहीं है, नतीजतन अंतरधार्मिक विवाह करने वालों पर हमेशा तलवार लटकती रहेगी. जमीयत उलेमा-ए-हिंद की गुजरात शाखा ने पिछले महीने एक याचिका में कहा था कि क़ानून की कुछ संशोधित धाराएं असंवैधानिक हैं.