आईआईएम रोहतक के निदेशक धीरज शर्मा की नियुक्ति को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी. जहां शिक्षा मंत्रालय ने माना कि शर्मा को स्नातक स्तर पर द्वितीय श्रेणी मिलने के बावजूद इस पद पर नियुक्त किया गया जबकि इसके लिए प्रथम श्रेणी से डिग्री होना अनिवार्य शर्त है. शर्मा को नियुक्ति के साथ दूसरे कार्यकाल की मंज़ूरी भी मिली थी.
संस्थान का कहना है कि शिकायतकर्ता को बीती 10 मई को बर्खास्त कर दिया गया था. निदेशक के ख़िलाफ़ यह शिकायत उसी का नतीजा है.