Kapil Mishra

सफूरा जरगर. (फोटो साभार: फेसबुक/safoorazargar)

सफूरा की गिरफ़्तारी भारत द्वारा हस्ताक्षरित अंतरराष्ट्रीय संधियों का उल्लंघन: यूएन निकाय

यूनाइटेड नेशंस वर्किंग ग्रुप ऑन आर्बिट्रेरी डिटेंशन ने कहा कि जामिया मिलिया इस्लामिया की छात्रा सफूरा ज़रगर की मेडिकल स्थिति को देखते हुए गंभीर से भी गंभीर आरोप में भी तत्काल गिरफ़्तारी की कोई ज़रूरत नहीं थी. निकाय ने भारत से उनकी हिरासत की परिस्थितियों पर एक स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करने को कहा है.

नई दिल्ली में आयोजि कंसर्न्ड सिटिजन्स कलेक्टिव के  कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण (फोटोः इस्मत आरा)

दिल्ली दंगाः साल भर बाद भी पीड़ितों को इंसाफ नहीं, कार्यकर्ताओं ने की पुलिस की भूमिका की निंदा

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों का साल भर बीतने के बाद आज भी पीड़ित इंसाफ के इंतज़ार में हैं और सरकार कार्यकर्ताओं को अपराधी ठहराने के अपने अभियान में लगी हुई है.

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‘गोली मारो’ नारा लगाने में कोई हर्ज नहीं: भाजपा नेता कपिल मिश्रा

वीडियो: बीते साल 23 फरवरी को कपिल मिश्रा ने एक वीडियो ट्वीट किया था, जिसमें वह दिल्ली के मौजपुर ट्रैफिक सिग्नल के पास सीएए के समर्थन में जुड़ी भीड़ को संबोधित करते देखे जा सकते हैं. इसके अगले दिन ​राजधानी दिल्ली के कुछ इलाकों में सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी थी. द वायर के अजय आशीर्वाद और इस्मत आरा की उनसे बातचीत.

कपिल मिश्रा. (फोटो: पीटीआई)

दिल्ली दंगा: विवादित भाषण पर कपिल मिश्रा ने कहा- सड़कें बाधित हुईं तो फिर से ऐसा करूंगा

भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने यह बयान ‘डेल्ही रॉयट्स 2020: द अनटोल्ड स्टोरी’ नाम की किताब के विमोचन पर दिया. मिश्रा ने कहा कि जब भी सड़कें अवरुद्ध की जाएंगी और लोगों को काम पर या बच्चों को स्कूल जाने से रोका जाएगा तो इसे रोकने के लिए वहां हमेशा कपिल मिश्रा होगा.

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कपिल मिश्रा की हिंदुत्व फ़ैक्ट्री में तैयार हो रही है हिंसक युवाओं की सेना

वीडियो: कुछ दिन पहले ट्विटर पर भाजपा नेता कपिल मिश्रा द्वारा हिंदू इकोसिस्टम बनाने की बात की गई थी. इसके बाद एक टेलीग्राम ग्रुप बनाया गया, जिसमें कई सारे लोग जुड़े हुए हैं, जो ईसाई और मुस्लिम समुदाय के लोगों के ख़िलाफ़ काम कर रहे हैं. इस पर न्यूज़लॉन्ड्री वेबसाइट के रिपोर्टर मेघनाद एस. से आरफा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

कपिल मिश्रा. (फोटो: पीटीआई)

दिल्ली दंगा: अदालत ने कपिल मिश्रा के ख़िलाफ़ शिकायत पर पुलिस से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी

दिल्ली की एक अदालत ने सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर द्वारा दायर उस शिकायत पर दिल्ली पुलिस को कार्रवाई रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है जिसमें पिछले साल फरवरी में लोगों को दंगे के लिए कथित रूप से उकसाने के आरोप में भाजपा नेता कपिल मिश्रा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया गया है.

रागिनी तिवारी. (फोटो: ट्विटर)

हिंदुत्ववादी नेता ने किसान आंदोलन ख़त्म करने के लिए ज़ाफ़राबाद दोहराने की धमकी दी, केस दर्ज

एक स्वयंभू हिंदुत्व नेता रागिनी तिवारी ने एक वीडियो में खुलेआम हिंसा से किसान आंदोलन को ख़त्म करवाने की धमकी दी थी. नागरिकता संशोधन विधेयक के ख़िलाफ़ हो रहे प्रदर्शन के दौरान इस साल 22 फ़रवरी को उत्तर-पूर्वी दिल्ली के ज़ाफ़राबाद में सांप्रदायिक दंगे भड़क गए थे.

(फोटो: पीटीआई)

दिल्ली दंगे से जुड़े दो वॉट्सऐप ग्रुप और दिल्ली पुलिस के दोहरे मानक

दिल्ली दंगा मामले में सामने आए दो वॉट्सऐप ग्रुप में से एक ‘हिंदू कट्टर एकता ग्रुप’ है, जहां ‘मुल्लों को मारने’ के दावे किए गए हैं. दूसरी ओर दिल्ली प्रोटेस्ट सपोर्ट ग्रुप में सीएए विरोधी प्रदर्शन, हिंसा न करने और संविधान में भरोसा रखने की बातें हुई हैं. दिल्ली पुलिस ने दूसरे ग्रुप के कई सदस्यों को दंगों का साज़िशकर्ता बताया है.

उमर खालिद, डोनाल्ड ट्रंप और कपिल मिश्रा. (फोटो: रॉयटर्स/फेसबुक)

दिल्ली दंगा: ट्रंप क्रोनोलॉजी पर हुई चूक के बाद दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट का रुख बदला

दिल्ली दंगा मामले में दायर एक चार्जशीट में दावा किया गया था कि 8 जनवरी को हुई एक बैठक में डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे के समय हिंसा की योजना बनाई गई थी. पिछले दिनों एक अन्य आरोपपत्र में पुलिस ने इसे हटाते हुए कहा है कि सीएए विरोधी प्रदर्शन 2019 आम चुनाव में भाजपा की जीत से खोई ज़मीन पाने के लिए बड़े पैमाने दंगे करवाने की ‘आतंकी साज़िश’ का हिस्सा थे.

मौजपुर लालबत्ती के निकट डीसीपी (उत्तर-पूर्व) वेद प्रकाश सूर्या के साथ भाजपा नेता कपिल मिश्रा. (फोटो: वीडियो स्क्रीनग्रैब/ट्विटर)

दिल्ली दंगा: कपिल मिश्रा का दावा- कोई भड़काऊ भाषण नहीं दिया, सिर्फ़ प्रदर्शन की बात कही थी

भाजपा नेता कपिल मिश्रा का दिल्ली दंगों से एक दिन पहले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वह एक डीसीपी के बगल में खड़े होकर दिल्ली पुलिस को अल्टीमेटम देते हुए तीन दिनों के भीतर ज़ाफ़राबाद और चांदबाग की सड़कें ख़ाली कराने को कह रहे थे. ऐसा नहीं होने पर सड़कों पर उतरने की बात कही थी.

(फोटो साभार: गरुड़ प्रकाशन)

‘देल्ही रॉयट्स 2020’ के लेखकों के ब्लूम्सबरी से किताब छपवाने की वजह क्या थी?

वैचारिक दुनिया में साख हासिल करना दक्षिणपंथ की तमन्ना रही है, लेकिन जब तक वह इस बुनियादी बात को नहीं समझ लेता कि साख कमानी पड़ती है, इसे खरीदा नहीं जा सकता- यह कभी भी ज़्यादा दूरी नहीं तय कर पाएगा.

(फोटो: पीटीआई)

दिल्ली दंगा: चुनाव आयोग पर पुलिस से मतदाता सूची साझा करने का आरोप, आयोग ने किया इनकार

चुनाव आयोग ने एक स्पष्टीकरण जारी कर कहा कि वे अन्य सरकारी विभागों के साथ मतदाता सूची और फोटो परिचय पत्र साझा करने के साल 2008 के अपने दिशा-निर्देशों से किसी भी तरह नहीं भटका है.

(फोटो: पीटीआई)

दिल्ली दंगों की साज़िश तो ज़रूर रची गई, लेकिन वैसी नहीं जैसी पुलिस कह रही है

फरवरी महीने में हुए दंगे और उसके बाद हुई ‘जांच’ का मक़सद सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों को दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा के लिए ज़िम्मेदार ठहराना है, जिससे उनके आंदोलन को बदनाम किया जा सके. साथ ही भविष्य में ऐसा कोई प्रदर्शन करने के बारे में आम नागरिकों में डर बैठाया जा सके.

(फोटो: रॉयटर्स)

दिल्ली दंगा: दोहरे मानदंडों और पक्षपातपूर्ण कार्रवाई की कहानी

दिल्ली हिंसा से जुड़े मामलों में दिल्ली पुलिस के पक्षपाती रवैये को लेकर लगातार उंगलियां उठीं. इस धारणा को इसलिए भी बल मिला क्योंकि पुलिस ने गिरफ़्तार किए गए लोगों के बारे में अधिक जानकारी सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया.

दिल्ली हिंसा के दौरान जाफराबाद में जलता एक वाहन. (फाइल फोटो: पीटीआई)

दिल्ली दंगे: जब राजधानी हिंसा की आग में जल रही थी, तब गृह मंत्री और मंत्रालय क्या कर रहे थे? 

फरवरी के आख़िरी हफ्ते में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में जो कुछ भी हुआ, उसकी प्रमुख वजहों में से एक केंद्रीय बलों को तैनात करने में हुई देरी है. साथ ही गृह मंत्री का यह दावा कि हिंसा 25 फरवरी को रात 11 बजे तक ख़त्म हो गई थी, तथ्यों पर खरा नहीं उतरता.