LPG Gas

सात साल की अवधि में मोदी सरकार की पेट्रोलियम क्षेत्र से कमाई में 186 प्रतिशत की वृद्धि हुई

राज्यसभा में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्यमंत्री रामेश्वर तेली द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2014 में भाजपा के सत्ता में आने से पहले पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 9.48 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल पर 3.56 रुपये प्रति लीटर था. यह मई, 2020 में रिकॉर्ड वृद्धि के साथ क्रमश: 32.98 रुपये और 31.83 रुपये प्रति लीटर हो गया. केंद्र ने 2014-15 में पेट्रोलियम क्षेत्र में शुल्क और करों से 1.72 लाख करोड़ रुपये कमाए थे, जो 2021-22 में बढ़कर 4.92 लाख करोड़ रुपये हो गए.

उज्ज्वला योजना के 4.13 करोड़ लाभार्थियों ने एक बार भी सिलेंडर रिफिल नहीं कराया: केंद्र

केंद्र सरकार ने संसद में बताया कि पिछले पांच सालों में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के 7.67 करोड़ लाभाथिर्यों ने एक ही बार सिलेंडर भरवाया. वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान कुल 30.53 करोड घरेलू ग्राहकों में से 2.11 करोड़ ने कोई सिलेंडर रिफिल नहीं कराया जबकि 2.91 करोड़ ने केवल एक बार सिलेंडर रिफिल कराया.

एलपीजी की कीमतें 50 रुपये और बढ़ीं, विपक्ष ने कहा- महंगाई का बुलडोज़र चला रही है सरकार

एलपीजी के दाम मई, 2022 से अब तक तीसरी बार और इस साल चौथी बार बढ़ाए गए हैं. कांग्रेस ने इसे ‘जनविरोधी निर्णय’ बताते हुए इस बढ़ोतरी को वापस लेने की मांग की है. वहीं, टीएमसी ने तंज़ किया कि ‘मोदी जी के अमृतकाल में मुश्किलें रुकने का नाम ही नहीं ले रही हैं.’

घरेलू गैस के दाम 3.50 रुपये बढ़े, 1000 रुपये से ज़्यादा का हुआ बिना सब्सिडी वाला एलपीजी सिलेंडर

घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की क़ीमतों में इस महीने दूसरी बार और दो महीने से भी कम समय में तीसरी बार वृद्धि की गई है. सात मई को प्रति सिलेंडर 50 रुपये की वृद्धि की गई थी. इससे पहले 22 मार्च को भी प्रति सिलेंडर कीमतों में इतनी ही वृद्धि की गई थी. अप्रैल 2021 के बाद से एलपीजी सिलेंडर के दाम 193.5 रुपये बढ़ चुके हैं. वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर के दाम भी आठ रुपये प्रति सिलेंडर बढ़ा दिए गए हैं.

‘अच्छे दिन ऐसे आए हैं कि अब रोटी भी नहीं मिलती’

वीडियो: देश में रसोई गैस की कीमतें 1000 रुपये के पार पहुंच गई हैं. संकटग्रस्त परिवारों का कहना है कि बढ़ती कीमतों के संकट के बीच वे अपने वाहनों में पेट्रोल या डीजल डाले बिना तो रह सकते हैं, लेकिन एलपीजी सिलेंडर के बिना कैसे रह सकते हैं.

फिर बढ़े पेट्रोल-डीज़ल के दाम, सभी राज्यों की राजधानियों में पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर के पार

देश के ज़्यादातर हिस्सों में पेट्रोल पहले ही सौ रुपये प्रति लीटर के आंकड़े को पार कर चुका है. वहीं, क़रीब एक दर्जन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में डीज़ल सौ के पार जा चुका है. सितंबर के आखिरी सप्ताह में वाहन ईंधन कीमतों में तीन सप्ताह के बाद संशोधन का सिलसिला फिर शुरू हुआ था. उसके बाद से यह पेट्रोल में 15वीं वृद्धि है. इस दौरान डीज़ल के दाम 18 बार बढ़ाए गए हैं.

रसोई गैस के दाम में प्रति सिलेंडर 15 रुपये की वृद्धि, पेट्रोल, डीज़ल की क़ीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर

दो महीनों से कम समय में रसोई गैस की क़ीमत में यह चौथी वृद्धि है. जुलाई से अब तक 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर के दाम में कुल 90 रुपये बढ़ाए गए हैं. इसके अलावा लगभग तीन हफ्ते के ठहराव के बाद ईंधन की क़ीमतों में सातवीं बार हुई वृद्धि के साथ देश के ज़्यादातर बड़े शहरों में पेट्रोल सौ रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गया है.

पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतों में लगातार तीसरे दिन बढ़ोतरी, दाम नई रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे

सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों ने 24 सितंबर से वाहन ईंधन कीमतों में फिर से संशोधन का सिलसिला शुरू किया है. 24 सितंबर से आठ बार में डीज़ल 2.15 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ है. वहीं बीते सात दिनों में पांच किस्तों में पेट्रोल के दाम 1.25 रुपये प्रति लीटर बढ़ाए गए हैं.

भाजपा के नेताओं और मंत्रियों के महंगाई पर अजब-गजब बयान

वीडियो: भारत की जनता महंगाई की मार झेल रही है. पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस की कीमत लगातार बढ़ती जा रही है. इस साल जनवरी से सितंबर तक रसोई गैस के दाम 190 रुपये तक बढ़ गए, वहीं पेट्रोल के दाम 100 के पार भी गए. इस बीच भाजपा के नेताओं और मंत्रियों के अजब-गजब बयान आते रहे. सरकार में आने से पहले और बाद में भाजपा मंत्रियों और नेताओं के बयानों को सुना जाना चाहिए.

2014-15 से 2020-21 के बीच सरकार ने जनता से पेट्रोल-डीज़ल पर 14.4 लाख करोड़ रुपये का उत्पाद शुल्क वसूला

वित्त राज्‍य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में बताया कि पेट्रोल (अनब्रांडेड) पर केंद्रीय उत्‍पाद शुल्‍क 32.90 रुपये प्रति लीटर है, जबकि डीज़ल (अनब्रांडेड) पर यह 31.80 रुपये प्रति लीटर है. बीते 19 जुलाई को केंद्र सरकार ने बताया था कि वित्त वर्ष 2020-21 में पेट्रोल-डीज़ल पर केंद्र की ओर से लगाए जाने वाले उत्पाद शुल्क के ज़रिये राजस्व का संग्रह 88 प्रतिशत बढ़कर 3.35 लाख करोड़ रुपये हो गया.

पिछले वित्त वर्ष में पेट्रोल-डीज़ल पर उत्पाद शुल्क के ज़रिये सरकार ने 3.35 लाख करोड़ रुपये वसूले

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री रामेश्वर तेली ने लोकसभा में कहा कि पिछले वित्त वर्ष में पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क को 19.98 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 32.9 रुपये, जबकि डीज़ल पर इसे 15.83 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 31.8 रुपये कर दिया गया था, जिससे उत्पाद शुल्क का संग्रह बढ़कर 3.35 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो इससे एक साल पहले 1.78 लाख करोड़ रुपये था.

दो माह में 35वीं बार बढ़े पेट्रोल के दाम, दिल्ली में कीमत 100 रुपये के क़रीब

चार मई के बाद से पेट्रोल के दाम 35 बार और डीज़ल के 33 बार बढ़ाए गए हैं. इस दौरान पेट्रोल 9.46 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल 8.63 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ है. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मोदी को पत्र लिखकर पेट्रोल और डीज़ल पर कर घटाने का आग्रह किया. वहीं, केरल के कांग्रेस नेता वीडी सतीशन ने केंद्र से कहा कि रोजाना ईंधन के दाम बढ़ाकर नागरिकों को प्रताड़ित करना बंद करे.

एलपीजी सिलेंडर के दाम में वृद्धि, कांग्रेस ने कहा- पेट्रोल-डीज़ल-गैस के लिए लोन शुरू कर दे सरकार

एक जुलाई से देश में एलपीजी सिलेंडर के दामों में 25.50 रुपये की बढ़ोतरी लागू हो गई. बीते छह महीने में एलपीजी के दाम में 140 रुपये की वृद्धि हुई है. कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने इसके लिए केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि महामारी के संकट के बीच पेट्रोल-डीज़ल और रसोई गैस की क़ीमतों का बढ़ना सरकार की उदासीनता को दिखाता है.

फिर बढ़े पेट्रोल-डीज़ल के दाम, दिल्ली में पेट्रोल 97 रुपये प्रति लीटर के पार

पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतों में रविवार को फिर वृद्धि हुई है. बीते सात सप्ताह में वाहन ईंधन के दामों में हुई यह 27वीं बढ़ोतरी है, जिसके बाद देश में पेट्रोल और डीज़ल के दाम ऐतिहासिक उच्चस्तर पर पहुंच गए हैं.

New Delhi: Petroleum & Natural Gas Minister Dharmendra Pradhan speaks during a cabinet briefing, in New Delhi, Wednesday, Sept 12, 2018. (PTI Photo/Shahbaz Khan) (PTI9_12_2018_000092B)

पेट्रोल-डीज़ल की रिकॉर्ड कीमतों पर बोले पेट्रोलियम मंत्री- लाभकारी योजनाओं के लिए धन बचा रहे

बीते चार मई के बाद से पेट्रोल तथा डीज़ल के दामों में 23 बार वृद्धि की गई है. इस वजह से पिछले क़रीब छह सप्ताह से कम समय में पेट्रोल 5.72 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल 6.25 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ है. केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी से लड़ाई और अन्य विकास कार्यों के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को पेट्रोल तथा डीज़ल पर करों से अतिरिक्त पैसे की ज़रूरत है.