Manipur

पूर्वोत्तर के संगठनों ने चार राज्यों में परिसीमन की मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन किया

केंद्र से पूर्वोत्तर के चार राज्यों- असम, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड और मणिपुर में परिसीमन की प्रक्रिया को तेज़ करने की मांग को लेकर पूर्वोत्तर छात्रों के फोरम सहित विभिन्न संगठनों ने दिल्ली स्थित जंतर मंतर में प्रदर्शन किया. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र ने परिसीमन की प्रक्रिया पिछले 51 साल में नहीं की है.

मणिपुर: पर्वतीय क्षेत्रों की स्वायत्तता के लिए प्रदर्शन के दौरान झड़प, इंटरनेट पांच दिन बंद

मणिपुर के घाटी क्षेत्रों का समान विकास सुनिश्चित करने के लिए पहाड़ी इलाकों को अधिक वित्तीय और प्रशासनिक स्वायत्तता देने हेतु ऑल ट्राइबल स्टूडेंट्स यूनियन मणिपुर प्रदर्शन कर रहा है. प्रदेश महिला कांग्रेस ने कहा है कि इंटरनेट सेवाओं को निलंबित कर दिया गया है, क्योंकि लोग भाजपा सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं. लोकतंत्र की हत्या भाजपा के शासन में रोज़ का मामला है.

मणिपुर: जनसंख्या आयोग बनाने और एनआरसी लागू करने के प्रस्ताव विधानसभा में पारित

बीते कुछ समय से मणिपुर में अवैध घुसपैठ का दावा करते हुए एनआरसी की मांग तेज़ी से सिर उठा रही है. विधानसभा में जदयू विधायक के. जॉयकिशन ने दावा किया कि पर्वतीय क्षेत्रों में 1971 से 2001 के बीच जनसंख्या में 153.3% की वृद्धि हुई और 2002-11 में यह दर 250.9 फीसदी हो गई. उन्होंने कहा कि इसकी वजह बाहर से लोगों की कथित घुसपैठ हो सकती है.

मणिपुर: पर्वतीय क्षेत्रों के लिए स्वायत्तता की मांग संबंधी प्रदर्शन तेज़, राजमार्ग जाम

मणिपुर की भाजपा सरकार ने बीते दो जुलाई को मणिपुर (पर्वतीय क्षेत्र) जिला परिषद छठे एवं सातवें संशोधन विधेयक पेश किए थे. पर्वतीय क्षेत्र का राज्य के घाटी वाले इलाकों के समतुल्य विकास सुनिश्चित करने की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों का दावा है कि ये विधेयक उनकी मांगों के अनुरूप नहीं हैं. 

मणिपुर: एनआईए पर संपादक का उत्पीड़न करने का आरोप, पत्रकारों ने विरोध जताया

आरोप है कि एनआईए ने सांध्य दैनिक ‘कांगलीपक्की मीरा’ के प्रधान संपादक डब्ल्यू. श्यामजई को दो अगस्त को अपने कार्यालय में तलब किया था. दोपहर तक बिना बातचीत किए उन्हें एक छोटे से कमरे में रखा गया और फिर उनसे भूमिगत समूहों के बारे में ‘अनर्गल’ सवाल किए गए.

मणिपुर भूस्खलन में मरने वालों की संख्या 42 पर पहुंची, 20 अन्य लापता लोगों की तलाश जारी

मणिपुर के नोनी ज़िले में बीते 29 जून की रात टुपुल यार्ड रेलवे निर्माण स्थल के पास प्रादेशिक आर्मी कैंप में भूस्खलन हो गया था. एक रक्षा प्रवक्ता ने कहा कि अब तक मलबे से 42 शव बरामद किए गए हैं, जिसमें से 27 प्रादेशिक सेना के कर्मचारी और 15 आम लोगों के शव हैं. प्रादेशिक सेना के तीन लापता कर्मचारियों और 17 अन्य लोगों का पता लगाने का प्रयास जारी है.

मणिपुर भूस्खलन: मरने वालों की संख्या 24 हुई, बचाव अभियान जारी

मणिपुर के नोनी ज़िले में 29 जून की रात भूस्खलन हुआ था. इस हादसे के बाद 38 लोग अब भी लापता हैं. मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए बचाव अभियान जारी है. इधर, पड़ोसी राज्य असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है. राज्य में 29 लाख लोग प्रभावित हैं. इस साल बाढ़ और भूस्खलन के कारण यहां मरने वालों की संख्या बढ़कर 159 हो गई है.

मणिपुर में भूस्खलन के कारण अब तक 13 लोगों की मौत, दर्जनों लापता

भूस्मखलन मणिपुर के नोनी ज़िले में एक रेलवे निर्माण स्थल पर हुआ. करीब 50 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है. स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, भूस्खलन के कारण बड़े पैमाने पर मलबे ने इजेई नदी को अवरुद्ध कर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप एक जलाशय बन गया है जो निचले इलाकों को जलमग्न कर सकता है.

असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर, सात लाख से अधिक प्रभावित

असम में बाढ़ की स्थिति शुक्रवार को भी गंभीर बनी रही, क्योंकि बाढ़ का पानी नए इलाकों में घुस गया है, जिससे कुल 29 ज़िले प्रभावित हुए हैं. बाढ़ के कारण चार और लोगों की मौत होने से मृतकों की संख्या बढ़कर 14 हो गई, जिसमें से पांच लोगों की मौत भूस्खलन के कारण हुई है. उधर, अरुणाचल प्रदेश में भूस्खलन से मरने वालों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है.

बाढ़ और भूस्खलनों के कारण पूर्वोत्तर भारत में तबाही, असम में चार लाख लोग प्रभावित

भारी बारिश और भूस्खलन के कारण असम की बराक घाटी और दीमा हसाओ ज़िले समेत पड़ोसी राज्यों त्रिपुरा, मिजोरम और मणिपुर के कुछ हिस्सों से सड़क और रेल संपर्क टूट गया है. असम और मेघालय में कई जगह सड़क और रेल पटरी बह गई है. असम में वर्षाजनित हादसों में तीन और लोगों की मौत हो जाने के बाद कुल मृतक संख्या बढ़कर आठ हो गई है.

मणिपुर: विज्ञापनों बिलों का भुगतान न होने पर मीडिया का सरकार संबंधी ख़बरों का बहिष्कार जारी

लंबित विज्ञापनों बिलों के भुगतान की मांग के साथ 24 अप्रैल से सरकारी ख़बरों का बहिष्कार कर रहे एडिटर्स गिल्ड मणिपुर के एक सदस्य ने बताया कि मीडिया निकायों को अब तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है. ऐसे में जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, बहिष्कार जारी रखने के अलावा कोई विकल्प नहीं है.

मणिपुरः विज्ञापनों का बकाया न चुकाने पर मीडिया ने राज्य सरकार और भाजपा का बहिष्कार किया

15 अप्रैल को एडिटर्स गिल्ड मणिपुर, ऑल मणिपुर वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन, मणिपुर हिल जर्नलिस्ट यूनियन और प्रकाशकों की संयुक्त बैठक में राज्य सरकार व मणिपुर भाजपा से शनिवार तक लंबित विज्ञापनों बिलों का भुगतान करने को कहा गया था लेकिन उनसे कोई प्रतिक्रिया न मिलने के बाद बहिष्कार का फ़ैसला किया गया.

मणिपुर: गृहमंत्री शाह के ख़िलाफ़ टिप्पणी करने पर राजद्रोह के आरोप में गिरफ़्तार वकील को ज़मानत

मणिपुर कांग्रेस प्रवक्ता और वकील सनाओजम समाचरण सिंह पर आरोप था कि उन्होंने एक टीवी टॉक शो में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और भारतीयों के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था. हालांकि, अदालत ने उन्हें गिरफ़्तारी वाले दिन ही ज़मानत देते हुए कहा कि सभी को उन मुद्दों पर अपनी बात रखने और राय व्यक्त करने का अधिकार है जिनसे वे जुड़ाव रखते हैं, फिर चाहे वह सरकार के पक्ष में हो या विरोध में.

मणिपुरः अमित शाह के हिंदी संबंधी बयान की आलोचना के बाद कांग्रेस नेता पर राजद्रोह का केस दर्ज

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बीते दिनों कहा था कि सभी पूर्वोत्तर राज्य दसवीं कक्षा तक हिंदी अनिवार्य करने पर सहमत हो गए हैं. कांग्रेस प्रवक्ता सनोउजम श्यामचरण सिंह को इसकी आलोचना पर दर्ज शिकायत के बाद उन्हें गिरफ़्तार किया गया. उधर, आठ छात्र इकाइयों के संगठन द नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन ने कहा है कि हिंदी अनिवार्य करना पूर्वोत्तर की मूल भाषाओं के लिए अहितकर होगा और इससे सौहार्द बिगड़ेगा.

केंद्र के फैसले का स्वागत करती हूं, लेकिन आफ़स्पा को निरस्त किया जाना चाहिए: इरोम शर्मिला

मानवाधिकार कार्यकर्ता शर्मिला ने कहा है कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है. हम इस औपनिवेशिक क़ानून को कब तक बरक़रार रखेंगे? उग्रवाद से लड़ने के नाम पर करोड़ों रुपये बर्बाद किए जाते हैं, जिनका उपयोग पूर्वोत्तर के समग्र विकास के लिए किया जा सकता है. आफ़स्पा प्रगति की राह में एक रोड़ा है.