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अज्ञेय: वो विद्रोही लेखक, जिसने साहित्य और जीवन दोनों ही में परंपराओं को तोड़ा

पुस्तक समीक्षा: हिंदी कविता और नई कहानी के प्रमुख हस्ताक्षर रहे अज्ञेय की अक्षय मुकुल द्वारा लिखी जीवनी ‘राइटर, रेबेल, सोल्‍जर, लवर: द मैनी लाइव्ज़ ऑफ अज्ञेय’ उनके जीवन के अनगिनत पहलुओं को तो उभारती ही है, साथ ही 1925 से 1980 के भारत के राजनीतिक-सामाजिक इतिहास का भी दस्तावेज़ बन जाती है.

जब जेपी के जीवित रहते हुए संसद ने उन्हें श्रद्धांजलि दे दी थी…

गैरकांग्रेसवाद का सिद्धांत भले ही डाॅ. राममनोहर लोहिया ने दिया था लेकिन उसकी बिना पर कांग्रेस की केंद्र की सत्ता से पहली बेदखली 1977 में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के तत्वावधान में ही संभव हुई.

त्रिपुरा: कैबिनेट में उचित स्थान नहीं मिला तो भाजपा सरकार को बाहर से समर्थन देंगे- आईपीएफटी

राज्य में भाजपा के सहयोगी आईपीएफटी के प्रमुख एनसी देबबर्मा ने आशंका जताते हुए कहा कि ऐसा लग रहा है कि बड़ा घटक दल होने के कारण भाजपा महत्वपूर्ण विभाग हमारे विधायकों को नहीं देगी.

त्रिपुरा में भाजपा की ​जीत के बाद जगह-जगह हिंसा, बुलडोज़र से ढहाई लेनिन की मूर्ति

दक्षिण त्रिपुरा के बेलोनिया शहर में लगी थी लेनिन की मूर्ति. भाजपा कार्यकर्ताओं पर प्रतिमा ढहाने का आरोप. इस दौरान भारत माता की जय के नारे भी लगाए गए.

त्रिपुरा: भाजपा की सहयोगी आईपीएफटी ने उठाई आदिवासी मुख्यमंत्री की मांग

आईपीएफटी प्रमुख ने कहा बिना आदिवासियों के समर्थन के भाजपा को बहुमत मिलना मुमकिन नहीं था, इसलिए सदन का नेता आदिवासी होना चाहिए.

कहते हैं उनको जयप्रकाश जो नहीं मरण से डरता है…

आपातकाल की चर्चा तब तक पूरी नहीं होती जब तक स्वाधीनता संग्राम सेनानी और प्रसिद्ध समाजवादी नेता जयप्रकाश नारायण की चर्चा न की जाए.