Monetary policy committee

आरबीआई ने नीतिगत दर को अपरिवर्तित रखा, वित्त वर्ष 2021-22 में 10.5% वृद्धि का अनुमान

कोविड-19 संक्रमण के ताज़ा मामलों और मुद्रास्फीति में बढ़ोतरी की चिंताओं के बीच आरबीआई ने रेपो रेट को अपरिवर्तित रखते हुए कहा कि अर्थव्यवस्था को समर्थन देने के लिए ज़रूरत पड़ने पर आगे कटौती की जा सकती है. आरबीआई ने यह भी कहा है कि चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में खुदरा मुद्रास्फीति 5.2 प्रतिशत पर रहेगी.

दो दशक से अधिक समय में मूडीज ने पहली बार घटाई भारत की रेटिंग

रेटिंग एजेंसी मूडीज ने इससे पहले 1998 में भारत की रेटिंग को कम किया था. मूडीज ने कहा कि सुधारों की धीमी गति और नीतियों की प्रभावशीलता में रुकावट ने भारत की धीमी वृद्धि में योगदान किया. यह स्थिति कोविड-19 के आने से पहले ही शुरू हो चुकी थी.

आरबीआई के तीसरे शीर्ष अधिकारी ने कार्यकाल समाप्त होने से पहले इस्तीफा दिया

भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर एनएस विश्वनाथन से पहले गवर्नर उर्जित पटेल और डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने कार्यकाल समाप्त होने से पहले ही अपना इस्तीफा दे दिया था.

भारत को महत्वाकांक्षी रणनीतिक, वित्तीय सुधारों की तत्काल जरूरत: आईएमएफ

आईएमएफ के प्रवक्ता गैरी राइस ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा इस महीने पेश किए गए बजट के बारे में पूछे जाने पर कहा कि भारत की आर्थिक परिस्थितियां आईएमएफ के पहले के पूर्वानुमानों की तुलना में कमजोर हैं.

वैश्विक वृद्धि के अनुमान में गिरावट के लिए 80 फीसदी भारत जिम्मेदार: आईएमएफ प्रमुख गीता गोपीनाथ

आईएमएफ के ताजा अनुमान के अनुसार 2019-20 में वैश्विक वृद्धि दर 2.9 प्रतिशत रहेगी. जबकि 2020 में इसमें थोड़ा सुधार आयेगा और यह 3.3 प्रतिशत पर पहुंच जाएगी. उसके बाद 2021 में 3.4 प्रतिशत रहेगी.

आईएमएफ ने वैश्विक वृद्धि अनुमान घटाया, भारत की वृद्धि दर 4.8 प्रतिशत रहने का अनुमान

अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष ने कहा कि आर्थिक वृद्धि के अनुमान में जो कमी की गई है, वह कुछ उभरते बाजारों में खासकर भारत में आर्थिक गतिविधियों को लेकर अचंभित करने वाली नकारात्मक बातें हैं. कुछ मामलों में यह आकलन सामाजिक असंतोष के प्रभाव को भी दिखाता करता है.

अब संयुक्त राष्ट्र ने भी भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 5.7 फीसदी किया

साल 2019 में संयुक्त राष्ट्र ने ये अनुमान जताया था कि चालू वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 7.9 फीसदी रह सकती है.

केंद्र सरकार ने माइकल पात्रा को आरबीआई का नया डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया

भारतीय रिजर्व बैंक के नए डिप्टी गवर्नर के रूप में माइकल देवव्रत पात्रा की नियुक्ति पिछले साल जुलाई में इस्तीफा देने वाले पूर्व डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य के जगह हुई है.

पांच साल का रिकॉर्ड तोड़ दिसंबर में 7.35 फीसदी पर पहुंची खुदरा महंगाई दर

भारतीय रिजर्व बैंक के अनुसार भी दिसंबर 2019 में खुदरा महंगाई की दर सामान्य स्तर को लांघ चुकी है. वहीं, दिसंबर महीने में सब्जियों की कीमतें पिछले साल से औसतन 60.5 फीसदी ऊपर थीं. साल 2014 में खुदरा महंगाई दर 7.39 फीसदी पर चल रही थी.

भारत की अर्थव्यवस्था गंभीर सुस्ती के दौर में, तत्काल नीतिगत कदमों की जरूरत: आईएमएफ

आईएमएफ एशिया और प्रशांत विभाग में भारत के लिए मिशन प्रमुख रानिल सलगादो ने कहा कि भारत के साथ मुख्य मुद्दा अर्थव्यवस्था में सुस्ती का है. इसकी वजह वित्तीय क्षेत्र का संकट है. इसमें सुधार उतना तेज नहीं होगा जितना हमने पहले सोचा था.

रिज़र्व बैंक ने आर्थिक वृद्धि अनुमान घटाया, रेपो दर में नहीं किया बदलाव

आर्थिक वृद्धि में गिरावट के विपरीत अक्टूबर माह में खुदरा मुद्रास्फीति यानी महंगाई दर 4.6 प्रतिशत पर पहुंच गई. यह पिछले 16 माह में सबसे ऊंची दर रही है. मुद्रास्फीति की यह दर रिज़र्व बैंक के अनुमान से काफी ऊंची रही है.

New Delhi: Finance Minister Nirmala Sitharaman addresses a press conference after presenting the Union Budget 2019-20, in New Delhi, Friday, July 5, 2019. (PTI Photo/Manvender Vashist) (PTI7_5_2019_000138B)

आर्थिक वृद्धि धीमी हुई लेकिन अर्थव्यस्था में मंदी नहीं: निर्मला सीतारमण

देश में आर्थिक संकट को लेकर राज्यसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के जवाब से असंतोष जताते हुए कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और वाम दलों के सदस्यों ने सदन का बहिष्कार किया. उनका कहना था कि वित्त मंत्री अर्थव्यवस्था के सामने खड़े मसलों के समाधान के बजाय अपना बजट भाषण पढ़ रही हैं.

चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 5 प्रतिशत रहने का अनुमान: एसबीआई रिपोर्ट

एसबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर घटकर 4.2 प्रतिशत रहने की संभावना है. इसका कारण वाहनों की बिक्री में कमी, हवाई यातायात में कमी, बुनियादी क्षेत्र की वृद्धि दर स्थिर रहने तथा निर्माण एवं बुनियादी ढांचा क्षेत्र में निवेश में कमी है.

मू​डीज़ ने कम आर्थिक वृद्धि का हवाला देकर भारत की रेटिंग घटाई

रेटिंग एजेंसी मू​डीज़ ने कहा कि पहले के मुक़ाबले आर्थिक वृद्धि के बहुत कम रहने की आशंका है. एक अन्य एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने भी हाल ही में चेतावनी दी थी कि भारतीय वित्तीय क्षेत्र में जोख़िम बढ़ रहे हैं.

भारत के लिए राजकोषीय घाटे को काबू में रखना जरूरी: आईएमएफ की मुख्य अर्थशास्त्री

अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष ने अपनी नवीनतम विश्व आर्थिक परिदृश्य रिपोर्ट में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2019 में 6.1 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है. इससे पहले विश्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान घटाकर छह प्रतिशत कर दिया था. वित्त वर्ष 2018-19 में वृद्धि दर 6.9 फीसदी रही थी.