कांवड़ यात्रा के दौरान ढाबों की धार्मिक पहचान: ‘चुनाव हारने के बाद ज़हर का डोज बढ़ा रही है भाजपा’

हरिद्वार की ओर जाने वाले सहारनपुर, मुज़फ़्फ़रनगर और बिजनौर मार्ग पर हज़ारों की संख्या में ढाबे हैं. जिन ढाबों के मालिक मुसलमान हैं वहां तमाम कर्मचारी हिंदू हैं और जिन ढाबों के मालिक हिंदू हैं वहां तमाम कर्मचारी मुस्लिम हैं. इस तरह लाखों लोग इस कारोबार से जुड़े हैं. आज ये सभी ढाबा संचालक तनाव में आ गए हैं.

एनडीए के सहयोगी दलों ने कांवड़ मार्ग के खाद्य विक्रेताओं के लिए जारी निर्देशों का विरोध जताया

भारतीय जनता पार्टी शासित उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में पुलिस ने कांवड़ यात्रा मार्ग के खाद्य पदार्थ विक्रेताओं को दुकानों पर अपने नाम प्रदर्शित करने का निर्देश दिया है. भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सहयोगी दलों ने अपनी आपत्ति जताते हुए इसे 'भेदभावपूर्ण' बताया है.

क्या सावन में या कांवड़ यात्रा के दौरान मुसलमानों का छुआ भोजन हिंदुओं के लिए निषिद्ध होगा?

पुलिस कहती है कि कुछ लोगों ने जानबूझकर दुकानों के ऐसे नाम रखे जिनसे कांवड़ियों को भ्रम हो गया. क्या पुलिस को ऐसा कोई मामला मिला जिसमें कांवड़ियों को मुसलमानों ने मोमो में बंदगोभी की जगह कीमा खिला दिया? क्या कांवड़िए शाकाहार मांग रहे थे और उन्हें मांस की कोई वस्तु बेच दी गई?

उत्तर प्रदेश: मुस्लिम युवकों को झूठा फंसाने के लिए मंदिर के पुजारी ने स्वयं गणेश प्रतिमा तोड़ी

घटना सिद्धार्थनगर ज़िले की है. पुजारी ने पुलिस को बताया कि दोनों मुस्लिम युवकों का उसके साथ पहले से विवाद चल रहा था, इसलिए उन्हें झूठे आपराधिक मामले में फंसाने के लिए ख़ुद ही मंदिर की प्रतिमा तोड़कर पुलिस से शिकायत कर दी.

‘कर्फ़्यू की रात’: हिंदुस्तान की रगों में बह रही सांप्रदायिकता का दस्तावेज़

पुस्तक समीक्षा: युवा कहानीकार शहादत के कहानी संग्रह ‘कर्फ़्यू की रात’ की कहानियां अपने परिवेश को न केवल दर्शाती हैं, बल्कि इसमें समय के साथ बदलते हिंदुस्तान की जटिलता, संघर्ष में पिसते नागरिकों की निराशा और जिजीविषा गहराई से दर्ज है.

नरेंद्र मोदी की तीसरी पारी में मुसलमानों पर हमलों का नया दौर शुरू

चुनाव परिणाम के बाद आपराधिक मामलों में तेजी आई है, लेकिन यह मानना गलत होगा कि चुनाव अभियान के दौरान हिंसा कम हुई थी. यह हिंसा भाषा और भाषणों के माध्यम से हुई, जिसे प्रधानमंत्री तथा भाजपा के अन्य बड़े नेता अंजाम दे रहे थे.

भारत में धर्मांतरण विरोधी क़ानून, तोड़फोड़ व हेट स्पीच में वृद्धि चिंताजनक: एंटनी ब्लिंकन

दुनिया भर में धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन के मामलों का उल्लेख करते हुए अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि उन्होंने भारत में धर्मांतरण विरोधी क़ानून, हेट स्पीच, अल्पसंख्यक धार्मिक समुदायों के लोगों के घरों और पूजा स्थलों को तोड़ने के मामलों में चिंताजनक वृद्धि को दर्ज किया है.

श्रीनगर: 2019 के बाद से छठी बार जामिया मस्जिद में नहीं दी गई ईद की नमाज़ की अनुमति

श्रीनगर स्थित 14वीं सदी की मस्जिद के प्रबंधन निकाय अंजुमन औकाफ़ ने कहा कि सोमवार को फ़ज्र की नमाज़ के बाद पुलिसकर्मियों ने जामिया मस्जिद के दरवाज़े बंद कर दिए और औकाफ़ को बताया कि सुबह 9 बजे होने वाली ईद की नमाज़ मस्जिद में पढ़ने की इजाज़त नहीं दी गई है.

बिहार: जदयू सांसद बोले- यादवों और मुसलमानों के लिए काम नहीं करूंगा, उन्होंने मुझे वोट नहीं दिया

बिहार के सीतामढ़ी से जनता दल (यूनाइटेड) के नवनिर्वाचित सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने कहा कि यादव और मुसलमान हमारे यहां आते हैं तो उनका स्वागत है. चाय पिएं, मिठाई खाएं. लेकिन किसी मदद की उम्मीद न करें, मैं उनका कोई काम नहीं करूंगा.

वडोदरा: सरकारी योजना के तहत मुस्लिम महिला को मकान मिलने के ख़िलाफ़ उतरे रहवासी

साल 2017 में वडोदरा में मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत एक मुस्लिम महिला को हरनी स्थित एक आवासीय परिसर में मकान आवंटित हुआ था. लाभार्थी महिला वर्तमान में अपने परिवार के साथ शहर के दूसरे इलाके में रहती है, लेकिन परिसर के रहवासियों ने 'संभावित ख़तरे' का हवाला देते हुए जिला प्रशासन में शिकायत दर्ज करवाई है.

पक्ष-विपक्ष में बंटे विमर्शों में जनतंत्र के पाले में कौन है?

जनतंत्र के नाम पर अब कोई भी पक्ष लिया जा सकता है. इसका एक कारण यह भी है कि अब किसी चीज़ के कोई मायने नहीं: न मुक्ति, न समानता, न धर्मनिरपेक्षता, न पूंजी, न मज़दूर: सारे शब्द और अवधारणाएं व्यर्थ हो चुके हैं. कविता में जनतंत्र स्तंभ की 30वीं क़िस्त.

दिल्ली: भाजपा को सभी सीटों पर जीत मिली, पर ग्रामीण और अल्पसंख्यक क्षेत्रों में घटे वोट

भाजपा को दिल्ली के ग्रामीण इलाकों, अनधिकृत कॉलोनियों और अल्पसंख्यकों की प्रधानता वाले निर्वाचन क्षेत्रों में काफी मतों का नुकसान हुआ है और पार्टी के वोट शेयर में 2.3 प्रतिशत की गिरावट आई है. मटियाला और पालम जैसे बड़ी ग्रामीण आबादी वाले विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा को करीब एक लाख वोटों का नुकसान हुआ है.

जनतंत्र साझा हितों के निर्माण की परियोजना है, आरएसएस इस साझेपन के ख़िलाफ़ है

भारतीय जनतंत्र का बुनियादी सिद्धांत धर्मनिरपेक्षता है. लेकिन आरएसएस का लक्ष्य इसके ठीक ख़िलाफ़ हिंदू राष्ट्र की स्थापना है. कविता में जनतंत्र स्तंभ की 29वीं क़िस्त.

संपूर्ण क्रांति और भारतीय जनतंत्र पर उसके दूरगामी प्रभाव

आम तौर पर आपातकाल को भारतीय जनतंत्र के इतिहास में बड़ा व्यवधान माना जाता है. पर उसके पहले हुए उस आंदोलन के बारे में इस दृष्टि से चर्चा नहीं होती है कि वह जनतांत्रिक आंदोलन था या ख़ुद जनतंत्र को जनतांत्रिक तरीक़े से व्यर्थ कर देने का उपक्रम. कविता में जनतंत्र स्तंभ की सत्ताईसवीं क़िस्त.

लोकसभा चुनाव: सपा का ‘पीडीए’ क्या भाजपा को भारी पड़ेगा?

उत्तर प्रदेश की राजनीति में सपा का ‘पीडीए’ आज उसी तरह केंद्र में है, जैसे कभी बसपा की ‘सोशल इंजीनियरिंग’ हुआ करती थी. सभी जातियों को एक साथ लाने की सपा की रणनीति लोकसभा चुनाव को नया समीकरण देती दिख रही है.

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