Narendra Modi

आए दिन नेताओं के अस्पतालों के दौरों से बदलता क्या है?

आपबीती: मोरबी पुल हादसे के बाद प्रधानमंत्री मोदी के अस्पताल के दौरे से पहले कायापलट की तस्वीरें सामने आई थीं. यह सब नया नहीं है. मध्य प्रदेश के ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल में ऐसे कुछ दौरों का गवाह रहने के चलते जानता हूं कि नेताओं के ऐसे दौरों से अख़बारों की सुर्ख़ियों के अलावा और कुछ नहीं बदलता है.

गुजरात चुनाव: ताक़तवर दिख रही भाजपा की जीत की राह आसान नहीं होगी

विपक्ष द्वारा उठाए गए आर्थिक और सामाजिक सरोकारों ने भाजपा को इसके ‘गुजराती गौरव’ पर भरोसा करने के लिए मजबूर कर दिया है. यह भी महत्वपूर्ण है कि आम आदमी पार्टी ने भाजपा के चुनाव अभियान की दिशा हिंदुत्व से विकास योजनाओं की ओर मोड़ दी है.

गुजरात: चुनावी रैली में अमित शाह बोले- 2002 में उन्हें सबक सिखाकर ‘स्थायी शांति’ क़ायम की

विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खेड़ा ज़िले के महुधा शहर में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में राज्य में अक्सर सांप्रदायिक दंगे होते थे. राज्य में आख़िरी बार पूरी तरह कांग्रेस की सरकार मार्च 1995 में थी. साल 1998 से राज्य की सत्ता में भाजपा है.

गुजरात में 27 साल भाजपा सरकार के बाद नरेंद्र मोदी बोले- कांग्रेस ने राज्य को बर्बाद कर दिया

गुजरात में भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में की जा रही जनसभाओं में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कांग्रेस को निशाना बनाए जाने के बाद पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि उन्हें कांग्रेस को कोसने के बजाय बीते 27 वर्षों का हिसाब देना चाहिए.

एनआरसी की आड़ में हिरासत से बचने के लिए मतदाता सूची में अपना नाम सुनिश्चित करें: ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दोहराया कि शरणार्थियों के मतों के बल पर सरकार में चुने जाने के बाद उन्हें इस देश का नागरिक नहीं माना जा रहा. भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने देश के प्रधानमंत्री को चुनने के लिए अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया, उन्हें नागरिकता का प्रमाण देने की आवश्यकता क्यों है.

पहली किस्त से 11वीं किस्त तक पीएम-किसान लाभार्थियों की संख्या दो-तिहाई घटी: रिपोर्ट

एक आरटीआई आवेदन के जवाब में कृषि मंत्रालय ने बताया है कि पीएम-किसान योजना के तहत 2019 में 11.84 करोड़ किसानों को दो हज़ार रुपये की पहली किस्त मिली थी, वहीं इस साल केवल 3.87 करोड़ लाभार्थियों को ही 11वीं किस्त मिली है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह समझना चाहिए कि सत्ता स्थायी नहीं होती: सत्यपाल मलिक

राजस्थान विश्वविद्यालय के एक कार्यक्रम में मेघालय के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कहा कि सत्ता आती-जाती रहती है. इंदिरा गांधी की सत्ता भी चली गई जबकि लोग कहते थे कि उन्हें कोई हटा नहीं सकता. एक दिन आप भी चले जाएंगे इसलिए हालात इतने भी न बिगाड़े कि सुधारा न जा सके.

जमाल खशोगी हत्या: अमेरिका ने सऊदी प्रिंस को मुक़दमे से छूट प्रदान की, कहा- मोदी को भी दी थी

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को सऊदी के निर्वासित पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या के मामले में अमेरिका ने मुक़दमा चलाने से छूट प्रदान की है और इसके समर्थन में उदाहरण दिया गया है कि ऐसी ही छूट भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी 2014 में दी गई थी, क्योंकि वे किसी विदेशी देश के प्रमुख की भूमिका में थे.

मोदी डिग्री विवाद: कोर्ट ने डीयू के 1978 के रिकॉर्ड्स जांचने की मांग वाली याचिका की सुनवाई टाली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री से जुड़े विवाद पर केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने साल 1978 के बीए के सभी डीयू रिकॉर्ड की पड़ताल का निर्देश दिया था, जिसके ख़िलाफ़ विश्वविद्यालय दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा था. इसके बाद कोर्ट ने सीआईसी के आदेश पर रोक लगा दी थी.

अगर केंद्र राज्य के बकाये का भुगतान नहीं कर सकता, तो जीएसटी व्यवस्था वापस ले: ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वे जीएसटी बकाया देकर हम पर कोई एहसान नहीं कर रहे हैं, यह लोगों का पैसा है जिसे उन्होंने (केंद्र) जीएसटी के माध्यम से एकत्रित किया है. अगर केंद्र हमें पैसा नहीं दे सकता, तो हम भी जीएसटी देना बंद कर सकते हैं.

जी-20 लोगो पर आपत्तियों को ख़ारिज कर राजनाथ बोले, कमल भारत की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते 8 नवंबर को ‘जी-20’ समूह के लोगो का अनावरण किया था. इस पर कमल की तस्वीर होने पर विपक्षी कांग्रेस ने भाजपा पर अपने चुनाव चिह्न को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था. भारत एक दिसंबर को ‘जी-20’ के मौजूदा अध्यक्ष इंडोनेशिया से इस समूह की अध्यक्षता ग्रहण करेगा.

जब नेहरू ने कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर ज़ुल्म हो रहे हैं तो क्या हम भी यहां वही करें?

नेहरू स्वतंत्रता आंदोलन से निकले ऐसे नायक हैं, जिनकी विचारधारा और पक्षधरता में कोई विरोधाभास नहीं है.

क्या जनता के नेहरू को दिल्ली निगल गई?

1950-60 के दशक में दिल्ली ने अपने जैसा एक नेहरू बना लिया. यह 1920-30 के दशक के नेहरू से भिन्न था. समय के साथ वो नेहरू जनता की नज़र से ओझल होते गए जिसने अवध के किसान आंदोलन में संघर्ष किया था.

नेहरू के ख़िलाफ़ किए जा रहे दुष्प्रचार की वजह क्या है?

जवाहर लाल नेहरू की असफलताएं भी गिनाई जा सकती हैं, लेकिन उसके पहले आपको नेहरू का इस देश के निर्माण में महान योगदान भी स्वीकारना होगा.

ईडब्ल्यूएस आरक्षण: जिन लोगों को ‘वो’ साथ बैठाना नहीं चाहते, उनसे दाख़िलों, नौकरी में बराबरी क्यों

प्रतिभा के कारण अवसर मिलते हैं. यह वाक्य ग़लत है. यह कहना सही है कि अवसर मिलने से प्रतिभा उभरती है. सदियों से जिन्होंने सारे अवसर अपने लिए सुरक्षित रखे, अपनी प्रतिभा को नैसर्गिक मानने लगे हैं. वे नई-नई तिकड़में ईजाद करते हैं कि जनतंत्र के चलते जो उनसे कुछ अवसर ले लिए गए, वापस उनके पास चले जाएं.