Narendra Modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह. (फोटो: पीटीआई)

मार्टिना नवरातिलोवा की चुटकी देश के ‘नायकों’ की अंतरराष्ट्रीय ‘प्रतिष्ठा’ की बानगी है

गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में एक साक्षात्कार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर ‘तानाशाह’ होने के आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि देश में उनसे ज़्यादा लोकतांत्रिक नेता हुआ ही नहीं है, जिस पर अमेरिका की प्रख्यात टेनिस खिलाड़ी मार्टिना नवरातिलोवा ने चुटकी ली थी. 

लखीमपुर कांड के सूत्रधार हैं केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा: भाजपा नेता का आरोप

उत्तर प्रदेश भाजपा कार्य समिति के सदस्य और पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के कुछ दिन पहले केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के दिए गए धमकी भरे बयान ने ही आग में घी का काम किया है. 

केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के इस्तीफ़ा देने तक लखीमपुर हिंसा की निष्पक्ष जांच संभव नहीं: टिकैत

भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा लखीमपुर खीरी मामले की जांच को प्रभावित कर रहे हैं. जिस तरह से मामले की जांच हो रही है उससे हम पूरी तरह असंतुष्ट हैं. लखीमपुर में बीते तीन अक्टूबर को किसानों के प्रदर्शन के दौरान कार चढ़ा देने से चार किसानों की मौत हो गई थी. इस मामले में अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा मुख्य आरोपी हैं.

लखीमपुर खीरी हिंसा; आशीष मिश्रा और प्रधानमंत्री मोदी की लखनऊ यात्रा

वीडियो: लखीमपुर खीरी में किसानों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के बाद से उत्तर प्रदेश एक बार फिर सुर्ख़ियों में है. द वायर के शो लखनऊ सेंट्रल में शरत प्रधान उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण मुद्दों के बारे में जानकारी दे रहे हैं.

अमित शाह के प्रयास से जम्मू कश्मीर, पूर्वोत्तर में शांति के नए युग का आगाज़ हुआ: एनएचआरसी प्रमुख

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के 28वें स्थापना दिवस पर अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मानवाधिकार का बहुत ज्यादा हनन तब होता है, जब उसे राजनीतिक रंग दिया जाता है. एक ही प्रकार की किसी घटना में कुछ लोगों को मानवाधिकार का हनन दिखता है और वैसी ही किसी दूसरी घटना में उन्हीं लोगों को मानवाधिकार का हनन नहीं दिखता है.

14 क्षेत्रीय दलों ने चुनावी बॉन्ड के ज़रिये चंदा प्राप्त होने की घोषणा की: एडीआर

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स के रिपोर्ट में कहा है कि 42 क्षेत्रीय दलों का विश्लेषण किया गया, उनमें से केवल 14 ने चुनावी बॉन्ड के माध्यम से 447.498 करोड़ रुपये का चंदा मिलने की घोषणा की है, जो उनकी कुल आय का 50.97 प्रतिशत है.

दिल्ली: पुलिस आयुक्त के बतौर राकेश अस्थाना की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका ख़ारिज

दिल्ली हाईकोर्ट में दी गई अर्ज़ी में सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रकाश सिंह मामले में दिए गए आदेश के आधार पर राकेश अस्थाना की नियुक्ति ख़ारिज करने की मांग की गई थी, जिससे अदालत ने इनकार कर दिया.

अमेज़ॉन पर हमला और राष्ट्रीय मौद्रिकरण पर चुप्पी संघ परिवार के अंतर्विरोध को उजागर करती है

अगर महज़ दो फीसदी बाज़ार हिस्सेदारी वाले अमेज़ॉन को ईस्ट इंडिया कंपनी 2.0 कहा जा सकता है, तो फिर केंद्र सरकार को क्या कहा जाए जो एक तरफ सरकारी एकाधिकार रहे जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन और लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन की बिक्री के लिए विदेशी पूंजी को दावत दे रही है, दूसरी तरफ ऊर्जा और रेलवे जैसे रणनीतिक क्षेत्र में थोक भाव से निजीकरण को बढ़ावा दे रही है?

लखीमपुर खीरी हिंसा: जीने-मरने के सवालों पर नहीं, तो कब की जानी चाहिए राजनीति

जो लोग विपक्ष पर राजनीति करने की तोहमत मढ़ रहे हैं, वे भी एक ख़ास तरह की राजनीति ही कर रहे हैं. जब वे किसी भी तरह अप्रिय सवालों को टालने की हालत में नहीं होते, तो चाहते हैं कि वे पूछे ही न जाएं!

भाजपा की 80 सदस्यीय नई राष्ट्रीय कार्यसमिति घोषित, मेनका और वरुण गांधी को नहीं मिली जगह

पिछले कुछ समय से वरुण गांधी तीन केंद्रीय कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ आंदोलन कर रहे किसानों के समर्थन में लगातार आवाज़ उठाते रहे हैं. हाल ही में उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा की निंदा करते हुए उन्होंने दोषियों के ख़िलाफ कार्रवाई की मांग की थी. पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी वीरेंद्र सिंह को कार्यसमिति में जगह नहीं दी गई है. मेनका और वीरेंद्र सिंह भी किसानों के प्रति सहानुभूति जताते रहे हैं.

हिंदुत्व को सुरक्षा के लिए ख़तरा न मानकर हम किसे बचा रहे हैं?

हिंदुत्ववादी कट्टरपंथी संगठनों को लेकर सुरक्षा विशेषज्ञों द्वारा बरती जाने वाली ख़ामोशी का अर्थ है कि वे इसे राष्ट्र या सरकार के लिए किसी प्रकार का ख़तरा नहीं मानते. इस तरह के रवैये से बहुसंख्यकवादी नैरेटिव को ही बढ़ावा मिलता है.

प्रधानमंत्री जी, कृषि क़ानूनों का विरोध अगर ‘राजनीतिक धोखाधड़ी’ है, तो उन पर अड़े रहना क्या है

मोदी सरकार ने किसानों से वार्ताओं के कई दौर चलाए, लेकिन इस शर्त के साथ कि ‘संसद द्वारा पारित’ कृषि क़ानूनों को कतई वापस नहीं लिया जाएगा, क्योंकि इससे संसद की सर्वोच्चता की हेठी हो जाएगी. जैसे कि अब तक जनाक्रोश भड़कने अथवा अनुपयोगी हो जाने पर जिन क़ानूनों को वापस लिया या निरस्त किया जाता रहा है, वे संसद के बजाय प्रधानमंत्री कार्यालय में पारित किए गए थे!

फेसबुक ह्विसिलब्लोअर का ख़ुलासा, कहा- भारत में संघ समर्थित फेक न्यूज़ रोकने में नाकाम कंपनी

फेसबुक की पूर्व कर्मचारी फ्रांसेस हौगेन ने हाल ही में कंपनी के भीतर व्याप्त ख़ामियों को लेकर अमेरिका में शिकायत दायर की है, जिसमें विस्तार से बताया गया है कि किस तरह फेसबुक को पता है कि उनके मंच को वैश्विक विभाजन और जातीय हिंसा के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन वे कार्रवाई नहीं कर रहे हैं.

यूपी, गुजरात, त्रिपुरा में तानाशाही हावी, ममता बनर्जी सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्रीः भाजपा विधायक

त्रिपुरा के भाजपा विधायक आशीष दास ने कहा कि ममता बनर्जी 2024 लोकसभा चुनावों के लिए विपक्ष का चेहरा बन गई हैं. उन्होंने कहा कि एक समय था जब प्रधानमंत्री ने कहा था ‘न खाऊंगा, न खाने दूंगा, देश नहीं बिकने दूंगा’, लेकिन आज देश के लोग देख रहे हैं कि कैसे सभी राष्ट्रीय संस्थानों को निजी कंपनियों को बेचा जा रहा है. 

भीमा-कोरेगांव: एक गवाह ने हिंसा के लिए आरएसएस और भाजपा नेताओं को ज़िम्मेदार ठहराया

एल्गार परिषद मामले में एक आरोपी और गवाह का कहना है कि भीमा-कोरेगांव हिंसा आरएसएस कार्यकर्ता संभाजी भिड़े और भाजपा के पूर्व पार्षद मिलिंद एकबोटे ने भड़काई थी. उन्होंने जांच आयोग को एक प्रेस विज्ञप्ति भी सौंपी तथा दावा किया कि वह विज्ञप्ति मिलिंद एकबोटे ने हिंसा से कुछ दिन पहले पुणे के ज़िलाधिकारी को दी थी और उसमें मुख्य रूप से दलित और आंबेडकरवादी समुदायों के लोगों के एकत्रित होने के प्रति विरोध जताया था.