पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि अर्थव्यवस्था के चार टायरों में से तीन- निर्यात, निजी निवेश और निजी उपभोग- पंक्चर हो चुके हैं. यह स्थिति सरकार की ग़लत नीतियों के चलते पैदा हुई. भाजपा ने चिदंबरम के आरोपों को बेबुनियाद बताया.
साक्ष्य बताते हैं कि आधार के सहारे फ़र्ज़ी बताए गए राशन कार्डों की संख्या का प्रधानमंत्री द्वारा किया गया दावा वास्तविकता से कई गुना ज़्यादा था.
पटना में हुए एक कार्यक्रम में बोले मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री उपेंद्र कुशवाहा, कॉलेजियम व्यवस्था से जजों की नियुक्ति नहीं होती बल्कि उत्तराधिकारी चुना जाता है.
राकांपा प्रमुख शरद पवार ने कहा कि उपचुनाव में भाजपा का ख़राब प्रदर्शन कोई छोटी चीज़ नहीं है. भगवा दल के ख़िलाफ़ विपक्ष का एक मंच पर आना चाहिए.
मोदी सरकार द्वारा बीते चार सालों में बदलाव के बड़े दावों के साथ शुरू की गईं विभिन्न योजनाएं कोई बड़ी उपलब्धि हासिल कर पाने में नाकाम रही हैं.
मोदी सरकार ने 2014 में चार नए एम्स, 2015 में 7 नए एम्स और 2017 में दो एम्स का ऐलान करते हुए 148 अरब रुपये का प्रावधान किया गया था मगर अब तक 4 अरब रुपये ही दिए गए हैं. आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि किस रफ़्तार से काम हो रहा होगा.
दलितों के मसले पर भाजपा में बाग़ी सुर अपनाने वाली उत्तर प्रदेश के बहराइच से सांसद सावित्री बाई फुले से अमित सिंह की बातचीत.
उत्तर प्रदेश के बलिया ज़िले के सलेमपुर से भाजपा सांसद रविंद्र कुशवाहा और बैरिया से विधायक सुरेंद्र सिंह ने अपने-अपने लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों से संबंधित मांगों को लेकर अपनी ही सरकारों की घेराबंदी करने की तैयारी कर ली है.
पिछले कुछ दिनों से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से इसी तरह के संकेत दिए जा रहे हैं.
देश में पिछले चार वर्षों में कृषि विकास दर का औसत 1.9 प्रतिशत रहा. किसानों के लिए समर्थन मूल्य से लेकर, फसल बीमा योजना, कृषि जिंसों का निर्यात, गन्ने का बकाया भुगतान और कृषि ऋण जैसे बिंदुओं पर केंद्र सरकार पूर्णतया विफल हो गई है.
जन गण मन की बात की 253वीं कड़ी में विनोद दुआ बता रहे हैं कि केंद्र की मोदी सरकार का मूल्यांकन किन आधारों पर किया जाना चाहिए.
चुनाव परिणाम से साफ़ है कि बिहार के अल्पसंख्यक भाजपा के तेवर और उसके नेताओं के नफ़रत से भरे बयानों से बेहद नाराज़ हैं और उससे भी ज़्यादा नाराज़गी नीतीश कुमार की चुप्पी को लेकर है.
आम जनमानस में उर्दू मुसलमानों की भाषा बना दी गई है, शायद यही वजह है कि रमज़ान की मुबारकबाद देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने उर्दू को चुना. सच यह है कि जम्मू कश्मीर, पश्चिम बंगाल, केरल जैसे कई मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में उर्दू नहीं बोली जाती.
अगर आप केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ट्विटर टाइमलाइन देखेंगे, तो आपको पता नहीं लगेगा कि देश में क्या चल रहा है.
रविवार को नरेंद्र मोदी के ज़ोर-शोर से हुए रोड शो में एक्सप्रेसवे के पहले चरण का उद्घाटन हुआ, जो 82 किलोमीटर लंबी इस परियोजना का महज़ 8.36 किमी है.