northeast Delhi violence

(फोटो: पीटीआई)

दिल्ली दंगा: आरोप-पत्र मीडिया में लीक होने पर अदालत ने पुलिस की आलोचना की

दिल्ली दंगों के एक आरोपी के बयान से जुड़े दस्तावेज़ लीक होने पर दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि अगर आपके अधिकारी ने इसे लीक किया तो यह अधिकारों का दुरुपयोग है और अगर इसे मीडिया ने कहीं से लिया है तो यह चोरी है. इसलिए किसी भी सूरत में य​ह घटना अपराध है.

(फोटो: पीटीआई)

दिल्ली दंगा: आरोपी का बयान लीक से संबंधित दिल्ली पुलिस की जांच रिपोर्ट को कोर्ट ने रद्दी काग़ज़ बताया

पिछले साल उत्तर पूर्वी दिल्ली में सांप्रदायिक हिंसा से संबंधित एक मामले में गिरफ़्तार जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्र आसिफ़ इक़बाल तन्हा ने दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दाख़िल कर जांच के दौरान जांच एजेंसी द्वारा दर्ज उनके बयान को मीडिया में लीक को लेकर पुलिस अधिकारियों पर कदाचार के आरोप लगाए गए हैं.

कपिल मिश्रा. (फोटो: पीटीआई)

दिल्ली दंगा: अदालत ने कपिल मिश्रा के ख़िलाफ़ शिकायत पर पुलिस से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी

दिल्ली की एक अदालत ने सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर द्वारा दायर उस शिकायत पर दिल्ली पुलिस को कार्रवाई रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है जिसमें पिछले साल फरवरी में लोगों को दंगे के लिए कथित रूप से उकसाने के आरोप में भाजपा नेता कपिल मिश्रा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया गया है.

जामिया छात्र आसिफ इकबाल तन्हा. (फोटो: फेसबुक)

दिल्ली दंगा: यूएपीए के तहत गिरफ़्तार जामिया के छात्र की ज़मानत याचिका ख़ारिज

फरवरी में दिल्ली में हुई हिंसा मामले में जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्र आसिफ़ इक़बाल तन्हा को 20 मई को गिरफ़्तार किया गया था. उनकी ज़मानत याचिका रद्द करते हुए स्थानीय अदालत के जज ने कहा कि सीएए के नाम पर हंगामेदार प्रदर्शन दिखाते हैं कि यह देश के ख़िलाफ़ असंतोष पैदा करने के उद्देश्य से किए गए थे.

delhi riot

दिल्ली दंगों की स्वतंत्र जांच के लिए पूर्व जजों, वरिष्ठ आईएएस-आईपीएस अधिकारियों की समिति बनी

केंद्र एवं राज्य सरकारों में काम कर चुके पूर्व लोक सेवकों के एक समूह ‘कॉन्स्ट्यूटिशनल कंडक्ट ग्रुप’ द्वारा गठित इस समिति के अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस मदन लोकुर हैं. यह दिल्ली दंगों के संबंध में सरकार, पुलिस और मीडिया की भी भूमिका की जांच करेगी.

फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा. (फाइल फोटो: पीटीआई)

दिल्ली दंगा: दिल्ली सरकार ने सात वीडियो सौंपे, दंगाइयों के साथ पथराव करती दिखी पुलिस

दिल्ली सरकार के गृह विभाग ने पांच अक्टूबर को ऐसे सात वीडियो क्लिप दिल्ली पुलिस को सौंपे हैं, जिसमें से कुछ में दिल्ली में हुए दंगों के दौरान दो पुलिसकर्मी कथित दंगाइयों के साथ मिलकर ईंट और अंडे फेंक रहे हैं.

(फोटो: पीटीआई)

दिल्ली दंगे से जुड़े दो वॉट्सऐप ग्रुप और दिल्ली पुलिस के दोहरे मानक

दिल्ली दंगा मामले में सामने आए दो वॉट्सऐप ग्रुप में से एक ‘हिंदू कट्टर एकता ग्रुप’ है, जहां ‘मुल्लों को मारने’ के दावे किए गए हैं. दूसरी ओर दिल्ली प्रोटेस्ट सपोर्ट ग्रुप में सीएए विरोधी प्रदर्शन, हिंसा न करने और संविधान में भरोसा रखने की बातें हुई हैं. दिल्ली पुलिस ने दूसरे ग्रुप के कई सदस्यों को दंगों का साज़िशकर्ता बताया है.

उमर खालिद, डोनाल्ड ट्रंप और कपिल मिश्रा. (फोटो: रॉयटर्स/फेसबुक)

दिल्ली दंगा: ट्रंप क्रोनोलॉजी पर हुई चूक के बाद दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट का रुख बदला

दिल्ली दंगा मामले में दायर एक चार्जशीट में दावा किया गया था कि 8 जनवरी को हुई एक बैठक में डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे के समय हिंसा की योजना बनाई गई थी. पिछले दिनों एक अन्य आरोपपत्र में पुलिस ने इसे हटाते हुए कहा है कि सीएए विरोधी प्रदर्शन 2019 आम चुनाव में भाजपा की जीत से खोई ज़मीन पाने के लिए बड़े पैमाने दंगे करवाने की ‘आतंकी साज़िश’ का हिस्सा थे.

मौजपुर लालबत्ती के निकट डीसीपी (उत्तर-पूर्व) वेद प्रकाश सूर्या के साथ भाजपा नेता कपिल मिश्रा. (फोटो: वीडियो स्क्रीनग्रैब/ट्विटर)

दिल्ली दंगा: कपिल मिश्रा का दावा- कोई भड़काऊ भाषण नहीं दिया, सिर्फ़ प्रदर्शन की बात कही थी

भाजपा नेता कपिल मिश्रा का दिल्ली दंगों से एक दिन पहले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वह एक डीसीपी के बगल में खड़े होकर दिल्ली पुलिस को अल्टीमेटम देते हुए तीन दिनों के भीतर ज़ाफ़राबाद और चांदबाग की सड़कें ख़ाली कराने को कह रहे थे. ऐसा नहीं होने पर सड़कों पर उतरने की बात कही थी.

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दिल्ली हिंसा और भीमा-कोरेगांव मामले के जांच अधिकारियों को मिलेगा केंद्रीय गृहमंत्री का पदक

उत्तर-पूर्वी दिल्ली हिंसा और भीमा-कोरेगांव मामले की जांच करने वाले अधिकारियों सहित देशभर के 121 पुलिस अधिकारियों को जांच में उत्कृष्टता के लिए केंद्रीय गृह मंत्री के पदक से नवाज़ा गया है.

(फाइल फोटो: रॉयटर्स)

दिल्ली दंगा: एलजी के आदेश पर पैरवी के लिए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता समेत छह वकील नियुक्त

दिल्ली सरकार ने इससे पहले दिल्ली पुलिस द्वारा सुझाए गए वकीलों के नामों को स्वीकार करने से मना कर दिया था. उपराज्यपाल अनिल बैजल ने सरकार के आदेश को ख़ारिज करते हुए पुलिस द्वारा भेजे गए वकीलों के नाम स्वीकार करने को कहा.

(फोटो: पीटीआई)

दिल्ली दंगा: वकीलों की नियुक्ति के संबंध में दिल्ली सरकार ने पुलिस का प्रस्ताव ख़ारिज किया

दिल्ली मंत्रिमंडल की बैठक में वकीलों की नियुक्ति के संबंध में दिल्ली पुलिस के प्रस्ताव को नामंज़ूर करते हुए कहा कि दंगा मामले में पुलिस की जांच को अदालत ने निष्पक्ष नहीं पाया है, इसलिए पुलिस के पैनल को मंज़ूरी दी गई, तो मामलों की निष्पक्ष सुनवाई नहीं हो पाएगी.

New Delhi: Security personnel conduct patrolling as they walk past Bhagirathi Vihar area of the riot-affected north east Delhi, Wednesday, Feb. 26, 2020. At least 22 people have lost their lives in the communal violence over the amended citizenship law as police struggled to check the rioters who ran amok on streets, burning and looting shops, pelting stones and thrashing people. (PTI Photo/Manvender Vashist)(PTI2_26_2020_000141B)

दिल्ली चुनाव के दौरान भाजपा नेताओं के भड़काऊ भाषण के बाद दंगे हुए: अल्पसंख्यक आयोग रिपोर्ट

फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों पर दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग द्वारा जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि भाजपा नेता कपिल मिश्रा के भाषण के बाद दंगे शुरू हुए थे लेकिन अब तक उनके ख़िलाफ़ कोई केस दर्ज नहीं किया गया है.

कपिल मिश्रा. (फोटो: पीटीआई)

दिल्ली दंगा: दो शिकायतों में कपिल मिश्रा का नाम, अदालत ने पुलिस से जवाब मांगा

उत्तर-पूर्वी दिल्ली निवासी दो शिकायतकर्ताओं ने कड़कड़डूमा कोर्ट में याचिका दायर कर मांग की है उनके क्षेत्र की शांति एवं सौहार्द भंग करने तथा दंगा कराने में सहयोग करने के लिए भाजपा नेता कपिल मिश्रा के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की जाए.

फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा. (फाइल फोटो: पीटीआई)

दिल्ली हिंसाः पुलिस चार्जशीट में दंगा पीड़ितों का इलाज करने वाले अस्पताल के मालिक का नाम शामिल

दिल्ली पुलिस ने हिंसा के दौरान वेटर दिलबर नेगी की हत्या के मामले में दर्ज चार्जशीट में अल-हिंद अस्पताल के मालिक डॉ. एमए अनवर को आरोपी बनाया है. इस अस्पताल में दंगा पीड़ितों का इलाज भी किया गया था. डॉ. अनवर और अरशद प्रधान को फ़ारूक़िया मस्जिद में सीएए और एनआरसी के विरोध में हुए विरोध प्रदर्शन का आयोजक बताया गया है.