Petroleum Sector

सात साल की अवधि में मोदी सरकार की पेट्रोलियम क्षेत्र से कमाई में 186 प्रतिशत की वृद्धि हुई

राज्यसभा में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्यमंत्री रामेश्वर तेली द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2014 में भाजपा के सत्ता में आने से पहले पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 9.48 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल पर 3.56 रुपये प्रति लीटर था. यह मई, 2020 में रिकॉर्ड वृद्धि के साथ क्रमश: 32.98 रुपये और 31.83 रुपये प्रति लीटर हो गया. केंद्र ने 2014-15 में पेट्रोलियम क्षेत्र में शुल्क और करों से 1.72 लाख करोड़ रुपये कमाए थे, जो 2021-22 में बढ़कर 4.92 लाख करोड़ रुपये हो गए.

New Delhi: Finance Minister Nirmala Sitharaman addresses a press conference after presenting the Union Budget 2019-20, in New Delhi, Friday, July 5, 2019. (PTI Photo/Manvender Vashist) (PTI7_5_2019_000138B)

सरकार ने निर्यात प्रोत्साहन के लिए घोषित की 50,000 करोड़ रुपये की योजना

सरकार ने यह घोषणा ऐसे समय की है जब भारत से वाणिज्यिक वस्तुओं का निर्यात अगस्त में एक साल पहले की तुलना में 6.05 प्रतिशत नीचे आ गया है. अगस्त में देश से वस्तुओं का निर्यात 26.13 अरब डॉलर रहा.

इंजीनियरिंग सामान, रत्न और आभूषण के निर्यात में गिरावट, अगस्त में निर्यात छह प्रतिशत कम रहा

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2019 में निर्यात वाले 30 महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से 22 में गिरावट दर्ज की गई. वहीं, अगस्त 2016 के बाद अगस्त 2019 में आयात में सबसे ज़्यादा गिरावट आई है.