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गांधी: हिंसा बहादुरी नहीं कायरता का लक्षण है और तलवारें कमज़ोरों का हथियार

पुण्यतिथि विशेष: गांधी की रामराज्य की अवधारणा कोई धार्मिक अवधारणा नहीं, बल्कि महान नैतिक मूल्यों पर आधारित और प्राचीनता व आधुनिकता दोनों की रूढ़ियों से मुक्त वैकल्पिक सभ्यता का पर्याय थी. उनके निकट धर्म भी इन्हीं महान नैतिक मूल्यों को बरतने का दूसरा नाम था.

‘लव जिहाद’ क़ानून का सफ़र: सबूतों के बगैर एक झूठ को सच बनाने की अनवरत कोशिश

बीते कुछ समय में देश के कई राज्यों में कथित तौर पर मुस्लिम पुरुषों के हिंदू महिलाओं से शादी करने की बढ़ती घटनाओं के आधार पर ‘लव जिहाद’ से जुड़े क़ानून को जायज़ ठहराया गया है. लेकिन क्या इन दावों का समर्थन करने के लिए कोई वास्तविक सबूत मौजूद है?

भारत जोड़ो यात्रा में कुछ क़दम

कभी-कभार | अशोक वाजपेयी: इसमें संदेह नहीं कि राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा में बिल्कुल निहत्थे चल रहे हैं, उनकी रक्षा के लिए कमांडो तैनात हैं पर वे वेध्य हैं. बड़ी बात यह है कि वे निडर हैं.

भारत जोड़ो यात्रा में न कोई चुनाव परिणाम खोजें और न ही कांग्रेस का पुनरुत्थान

भारत जोड़ो यात्रा एक ऐसी कोशिश है, जिसका प्रभाव निकट भविष्य पर पड़ेगा या नहीं, और पड़ेगा तो कितना, यह कहना मुश्किल है. इसे सिर्फ़ चुनावी नतीजों से जोड़कर देखना भूल है. इससे देश में बातचीत का एक नया सिलसिला शुरू हुआ है जो अब तक के घृणा, हिंसा और इंसानियत में दरार डालने वाले माहौल के विपरीत है.

अदालत ने समान नागरिक संहिता के लिए समिति गठन को चुनौती देने वाली याचिका ख़ारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड और गुजरात में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए समितियां गठित करने के उन राज्य सरकारों के फैसलों को चुनौती देने वाली याचिका को ख़ारिज करते हुए कहा कि संविधान राज्यों को इस तरह की समितियों के गठन का अधिकार देता है. 

कश्मीर में हो रही हत्याओं को धर्म के आधार पर देखना बंद करें: एलजी मनोज सिन्हा

जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक कार्यक्रम में कहा कि कश्मीरी पंडित टारगेटेड हत्याओं का शिकार हैं, लेकिन देश को इन्हें धर्म के आधार पर देखना बंद करना चाहिए क्योंकि बहुत से अन्य लोग भी मारे गए हैं. बीते कई महीने से जम्मू में प्रदर्शनरत कश्मीरी पंडित कर्मचारियों ने इस पर रोष जताया है.

जो गुन नहीं गाएंगे, मारे जाएंगे: क्यों संत पलटूदास को अयोध्या में ज़िंदा जला दिया गया था?

अयोध्या में 18वीं शताब्दी में वर्ण-व्यवस्था का अतिक्रमण कर जाति, संप्रदाय, हिंसा व जीव हत्या का मुखर विरोध व सामाजिक समानता की पैरोकारी करने वाले संत पलटूदास को अजात घोषित कर ज़िंदा जला देना इस बात का प्रमाण है कि देश में पागलपन में शामिल न होने वालों को मार देने का सिलसिला बहुत पुराना है.

क्या ग़ैर हिंदुओं के बारे में न जानकर हिंदू सांस्कृतिक रूप से समृद्ध हैं या दरिद्र

आज के भारत में ख़ासकर हिंदुओं के लिए ज़रूरी है कि वे ग़ैर हिंदुओं के धर्म, ग्रंथों, व्यक्तित्वों, उनके धार्मिक आचार-व्यवहार को जानें. मुसलमान, ईसाई, सिख या आदिवासी तो हिंदू धर्म के बारे में काफ़ी कुछ जानते हैं लेकिन हिंदू प्रायः इस मामले में सिफ़र होते हैं. बहुत से लोग मोहर्रम पर भी मुबारकबाद दे डालते हैं. ईस्टर और बड़ा दिन में क्या अंतर है? आदिवासी विश्वासों के बारे में तो हमें कुछ नहीं मालूम.

केंद्रीय मंत्री ने संसद में कहा- राज्य सरकारें समान नागरिक संहिता पर क़ानून लागू कर सकती हैं

राज्यसभा में माकपा सांसद जॉन ब्रिटास ने राज्य सरकारों के समान नागरिक संहिता संबंधी क़ानून बनाने को लेकर प्रश्न किया था. इस पर केंद्रीय क़ानून मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि समान नागरिक संहिता बनाए रखने के प्रयास में राज्यों को उत्तराधिकार, विवाह, तलाक़ जैसे मुद्दों से संबंधित व्यक्तिगत क़ानून बनाने का अधिकार है.

महाराष्ट्र: अंतरधार्मिक, अंतरजातीय विवाहों की जानकारी जुटाने के लिए सरकार ने समिति गठित की

महाराष्ट्र सरकार ने अंतरजातीय और अंतरधार्मिक शादी करने वाले दंपति और इस तरह के विवाह के बाद परिवार से अलग हुई महिलाओं व उनके परिवार के बारे में जानकारी जुटाने के लिए एक समिति बनाई है. एनसीपी ने इसका विरोध करते हुए कहा कि सरकार को लोगों के निजी जीवन की जासूसी करने का कोई हक़ नहीं है.

लोकसभा में जाति, धर्म के आधार पर चर्चा की, तो कार्रवाई होगी: स्पीकर ओम बिरला

कांग्रेस सांसद ए. रेवंत रेड्डी द्वारा लोकसभा में सवाल-जवाब के दौरान उनकी जाति का ज़िक्र करने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आपत्ति जताते हुए कहा कि आप जाति और धर्म के आधार पर चुनकर नहीं आते हैं… सदन के भीतर ऐसे शब्दों का इस्तेमाल न करें, अन्यथा कार्रवाई करनी होगी.

केंद्र को ‘समान विवाह संहिता’ लाने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि आज फैमिली कोर्ट युद्ध का मैदान बन गए हैं, जो तलाक़ की मांग करने वाले पक्षों की पीड़ा बढ़ा रहे हैं. अदालत ने तलाक अधिनियम, 1869 की धारा 10ए के तहत एक वर्ष की अलगाव की न्यूनतम अवधि के निर्धारण को चुनौती देने वाली एक याचिका पर अपने फैसले में टिप्पणी की कि यह मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है.

विपक्ष के विरोध के बीच भाजपा सदस्य का समान नागरिक संहिता संबंधी निजी विधेयक राज्यसभा में पेश

विपक्षी सदस्यों ने इस विधेयक को संविधान के ख़िलाफ़ बताते हुए कहा कि इससे देश की विविधता की संस्कृति को नुकसान पहुंचेगा. उन्होंने कहा कि इससे देश के सामाजिक ताने-बाने को क्षति पहुंचने की आशंका है. उन्होंने भाजपा सदस्य किरोड़ीमल मीणा मीणा से यह निजी विधेयक वापस लेने का अनुरोध किया.

उत्तराखंड: समान नागरिक संहिता मुद्दे पर गठित समिति का कार्यकाल छह महीने बढ़ा

उत्तराखंड की भाजपा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में बीते मई महीने में समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार करने के उद्देश्य से समिति का गठन किया था. इसे सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक़, गोद लेने और उत्तराधिकार जैसे व्यक्तिगत मामलों को नियंत्रित करने वाले क़ानूनों के एक समान समूह के रूप में संदर्भित किया जाता है, चाहे वह किसी भी धर्म का हो.

एमपी: धर्मांतरण क़ानून का धर्म बदलने से पहले डीएम को सूचित करने वाला प्रावधान असंवैधानिक- कोर्ट

मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, 2021 की धारा 10 के अनुसार, किसी व्यक्ति को धर्म परिवर्तन करने से पहले ज़िला प्रशासन को सूचित करना होता है. हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को इस प्रावधान के उल्लंघन को लेकर उसके अगले आदेश तक दंडात्मक कार्रवाई न करने का निर्देश दिया है.