एक्सक्लूसिव: एक आरटीआई आवेदन के जवाब में प्राप्त दस्तावेज़ बताते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ट्वीट किए जाने के बाद खेल मंत्रालय को राजीव गांधी खेल रत्न अवॉर्ड का नाम बदलकर मेजर ध्यानचंद के नाम पर रखना पड़ा था. प्रधानमंत्री ने अपने ट्वीट में 'इस बारे में जनता से निवेदन मिलने' की बात भी कही थी, हालांकि खेल मंत्रालय के पास ऐसे किसी निवेदन का कोई रिकॉर्ड नहीं है.
वीडियो: टोक्यो ओलंपिक के भाला फेंक प्रतिस्पर्धा में स्वर्ण पदक वाले एथलीट नीरज चोपड़ा का एक वीडिया सोशल मीडिया पर बीते 25 अगस्त को वायरल हो गया. इसमें वह कह रहे हैं कि कैसे वह ओलंपिक में अपने थ्रो से पहले थोड़ा परेशान हो गए थे, क्योंकि उन्हें भाला नहीं मिल रहा था. नीरज ने कहा कि बाद में उन्होंने पाकिस्तानी के एथलीट अरशद नदीम को उनके भाले से अभ्यास करते देखा. फ़िर नीरज ने उनसे अपना भाला लिया और
विशेष: बीते दिनों राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार का नाम बदलकर मेजर ध्यानचंद के नाम पर रखने की घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि देश के कई लोगों ने उनसे ऐसा करने की मांग की थी. अब पीएमओ ने यह बताने से इनकार किया है कि उन्हें अवॉर्ड का नाम बदलने के लिए कितने निवेदन पत्र मिले थे.
जिस दिन अख़बार और टीवी चैनल जेवलिन थ्रो में एथलीट नीरज चोपड़ा के स्वर्ण पदक जीतने के ब्योरे छाप रहे थे, जिस दिन नीरज के पहले कोच नसीम अहमद उन्हें याद कर रहे थे, उसी दिन दिल्ली में सैकड़ों लोग भारत के नसीम अहमद जैसे नाम वालों को काट डालने के नारे लगा रहे थे और हिंदुओं को उनका क़त्लेआम करने का उकसावा दे रहे थे.
ओलंपिक खेलों में पदक जीतने वाली देश की पहली महिला खिलाड़ी पूर्व भारोत्तोलक कर्णम मल्लेश्वरी ने कहा कि खिलाड़ी अपने बलबूते, संघर्ष कर के पहचान बनाते हैं तब जाकर उन्हें किसी से मदद मिलती है, जबकि होना यह चाहिए कि ज़मीनी स्तर पर ही ध्यान देकर प्रतिभा की पहचान की जाए. ज़मीनी स्तर पर सही व्यवस्था नहीं होने के कारण ज़्यादातर प्रतिभाएं सामने नहीं आ पाती हैं.
स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा ने भारत को ओलंपिक ट्रैक एवं फील्ड प्रतियोगिताओं में अब तक का पहला पदक दिलाकर नया इतिहास रचा है. एथलेटिक्स में पिछले 100 वर्षों से अधिक समय में भारत का यह पहला ओलंपिक पदक है. नीरज भारत की तरफ से व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाले दूसरे भारतीय खिलाड़ी हैं. वर्तमान ओलंपिक खेलों में भारत का यह सातवां पदक है, जो कि रिकॉर्ड है. इससे पहले भारत ने लंदन ओलंपिक 2012 में छह पदक जीते थे.
कांग्रेस ने इस फ़ैसले का स्वागत किया है. साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर महान हॉकी खिलाड़ी के नाम का उपयोग अपने राजनीतिक उद्देश्य के लिए करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम एवं दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम का नाम भी बदला जाना चाहिए.
टोक्यो ओलंपिक में यह भारत का पांचवां पदक है. इससे पहले गुरुवार सुबह ही जर्मनी को हराकर भारत ने कांस्य पदक जीता, जो हॉकी में 41 साल बाद जीता गया कोई ओलंपिक पदक है. इसके अलावा भारोत्तोलन में मीराबाई चानू ने रजत, जबकि बैडमिंटन में पीवी सिंधु और मुक्केबाजी में लवलीना बोरगोहेन ने कांस्य पदक जीता है.
भारतीय हॉकी टीम 1980 मास्को ओलंपिक में आख़िरी पदक जीता था. भारतीय टीम ओलंपिक में अब तक आठ स्वर्ण पदक जीत चुकी है. टोक्यो ओलंपिक खेलों में यह भारत का पांचवां पदक होगा. इससे पहले भारोत्तोलन में मीराबाई चानू ने रजत, जबकि बैडमिंटन में पीवी सिंधु और मुक्केबाजी में लवलीना बोरगोहेन ने कांस्य पदक जीता है. इसके अलावा कुश्ती में रवि दहिया ने फाइनल में पहुंचकर पदक पक्का कर लिया है.
बुधवार को ओलंपिक में भारतीय महिला हॉकी टीम के अर्जेंटीना से हारने के कुछ देर बाद कथित ऊंची जाति के दो लोगों ने हरिद्वार के एक गांव में रहने वाले हॉकी खिलाड़ी वंदना कटारिया के परिवार पर जातिगत टिप्पणियां कीं. पुलिस ने बताया कि एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया गया है.
भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने रविवार को टोक्यो ओलंपिक में चीन की बिंग जियाओ को महिला एकल स्पर्धा में कांस्य पदक जीता. वह इससे पहले 2016 रियो ओलिंपिक में रजत पदक जीत चुकी हैं. पहलवान सुशील कुमार भारत के पहले खिलाड़ी हैं, जिन्होंने लगातार दो ओलंपिक में पदक जीते हैं. टोक्यो ओलंपिक में भारत का यह दूसरा मेडल है. सबसे पहले भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने वेटलिफ्टिंग के 49 किलो वेट कैटेगरी में रजत पदक जीता था.
मणिपुर की 26 साल की भारोत्तोलक मीराबाई चानू ओलंपिक में रजत पदक जीतने वाली पहली भारतीय भारोत्तोलक हैं. उन्होंने कुल 202 किलोग्राम (87 किलोग्राम + 115 किलोग्राम) से कर्णम मल्लेश्वरी के 2000 सिडनी ओलंपिक में कांस्य पदक से बेहतर प्रदर्शन किया.