गोरखपुर: चार हज़ार युवाओं को सैनिक बनाने वाली भूमि अग्निपथ के बाद उजाड़ हुई

गोरखपुर के जिस सहसरांव ग्राउंड में पसीना बहाने के बाद 3,800 लड़के और 28 लड़कियों का चयन पिछले ढाई दशकों में सेना व अर्धसैनिक बल में हुआ, वह आज वीरान है. अग्निपथ योजना के कारण युवाओं में सेना का उत्साह ख़त्म हो गया है.

यूपी: प्रतियोगी परीक्षाओं के लीक होते पेपर और भर्ती में धांधली युवाओं के सपने छीन रहे हैं

उत्तर प्रदेश में पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती का पेपर लीक होने और बढ़ती बेरोज़गारी के चलते युवाओं का गुस्सा सातवें आसमान पर है. भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी और धांधली को लेकर अक्सर ही युवा सड़कों पर संघर्ष करते नज़र आते हैं, वहीं भर्तियों का लंबा इंतज़ार भी उनके भविष्य को अंधकार में धकेल रहा है.

उत्तर प्रदेश में लगातार हो रहे पेपर लीक, अभ्यर्थी बोले- राशन नाहीं चाही, रोजगार चाही

उत्तर प्रदेश में भाजपा के सत्ता में आने के बाद से कोई साल ऐसा नहीं गुज़रा जिसमें प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक न हुए हों. शुरूआत 2017 में यूपी आरक्षी परीक्षा का पेपर लीक होने से हुई थी, जिसमें 1.20 लाख आवेदक शामिल हुए थे.

नरेंद्र मोदी के पिछली सरकारों से ज़्यादा नौकरी देने के दावे में कितनी सच्चाई है?

बीते दिनों पीटीआई को दिए एक साक्षात्कार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दावा किया कि उनके शासनकाल में पिछली सरकारों से ज़्यादा नौकरियां दी गई हैं. हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि वे किन आंकड़ों के आधार पर यह बात कह रहे हैं क्योंकि विभिन्न सर्वेक्षण और रिपोर्ट उनके दावे के उलट तस्वीर दिखाते हैं.

‘मेन मुद्दा बेरोजगारी बा, महंगाई आसमान छुअत बा, पांच सौ रुपया मजदूरी भी कम पड़त बा’

ऐसा कई चुनावों के बाद दिखाई दे रहा है कि विपक्षी गठबंधन के मुद्दे आम लोगों तक पहुंचे हैं और उनका असर भी पड़ रहा है.

अग्निपथ योजना: बिहार में चयन हो जाने के बाद भी नौकरी छोड़ रहे हैं अग्निवीर

अन्य ख़बरें भी बतलाती हैं कि अग्निपथ योजना के तहत चयनित बहुत सारे युवकों ने ट्रेनिंग के बीच में ही नौकरी छोड़ दी थी. ये युवक सेना की नौकरी में जाना तो चाहते हैं, लेकिन अग्निपथ ने उनका जज़्बा ख़त्म कर दिया है.

मोदी सरकार के कोविड कुप्रबंधन ने अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी

कोविड महामारी के प्रभाव भी भारतीय अर्थव्यवस्था पर साफ़ दिखते हैं. जहां एक तरफ बेरोज़गारी बढ़ी है, वहीं दूसरी तरफ शहरों में विभिन्न कामों में लगे श्रमिक कृषि क्षेत्र से जुड़ने को मजबूर हुए हैं.

यूपी: राजपूत महापंचायत ने आदित्यनाथ को छोड़कर सभी भाजपा नेताओं के बहिष्कार का आह्वान किया

उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत खेड़ा गांव में मंगलवार को आयोजित राजपूत समुदाय की एक महापंचायत ने सरकारी योजनाओं को लागू न करने, बढ़ती बेरोज़गारी, अग्निवीर योजना और राजपूत समाज के 'अपमान' के विरोध में भाजपा उम्मीदवारों का बहिष्कार करने की घोषणा की है.

उत्तराखंड: चुनाव प्रचार में अग्निवीर, बेरोज़गारी व अंकिता भंडारी के हत्यारों पर क्यों मौन रही भाजपा

23 बरस पहले उत्तराखंड जिस मकसद के लिए बनाया गया, उसे लेकर आज लगता है कि लोगों की आकांक्षाओं को अनदेखा किया गया और बुनियादी मुद्दों से भटकाने के लिए धार्मिक ध्रुवीकरण की ओर धकेल दिया गया.

विपक्षी दलों ने भाजपा के घोषणा पत्र को ‘जुमला पत्र’ क़रार दिया, कहा- खोखले शब्दों की हेराफेरी

विपक्षी दलों ने भाजपा के घोषणा पत्र को लेकर कहा कि इसका नाम 'माफ़ीनामा' रखा जाना चाहिए. भाजपा ने कहा था कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी कर देंगे, लेकिन हक़ीक़त यह है कि आज किसानों की आय घट गई है और क़र्ज़ दोगुना हो गया है.

चुनावी मुद्दों में बेरोज़गारी प्रमुख, 55% ने माना पिछले पांच सालों में भ्रष्टाचार बढ़ा: सीएसडीएस-लोकनीति

सीएसडीएस-लोकनीति द्वारा जनता के बीच चुनावी मुद्दों को लेकर किए गए एक सर्वे में लोगों ने बेरोज़गारी, महंगाई और विकास को 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए सबसे अधिक प्रासंगिक तीन मुद्दे माना है.

पूर्वोत्तर विशेष: अरुणाचल प्रदेश का चुनाव क्या लोकतंत्र के लिए चुनौती है?

वीडियो: आगामी 19 अप्रैल को अरुणाचल प्रदेश में लोकसभा के साथ विधानसभा चुनाव भी होने हैं. हालांकि, सीएम पेमा खांडू समेत भाजपा के दस प्रत्याशी ऐसे हैं जिनके निर्वाचन क्षेत्र में उनके ख़िलाफ़ कोई नामांकन ही नहीं हुआ है और वे मतदान से पहले ही 'जीते' हुए माने जा रहे हैं. क्या ऐसा होना लोकतंत्र में जनता के उसके प्रतिनिधि चुनने के अधिकार के लिए ख़तरा है? प्रदेश की राजनीति पर द वायर की वरिष्ठ पत्रकार संगीता बरुआ पिशारोती से

‘2024 लोकसभा चुनावों से पहले सबसे बड़े मुद्दे बेरोज़गारी और आर्थिक संकट हैं’

वीडियो: आगामी लोकसभा चुनावों के मद्देनज़र देश की अर्थव्यवस्था, नौकरियों की स्थिति और बेरोज़गारी पर अर्थशास्त्री प्रोफेसर संतोष मेहरोत्रा और युवा हल्ला बोल के अनुपम के साथ चर्चा कर रहे हैं योगेंद्र यादव.

एक देश, एक चुनाव के विरोध में बसपा, कोविंद की अध्यक्षता वाले पैनल से नहीं की मुलाकात

पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अगुवाई वाली समिति ने बीते अक्टूबर में सभी राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों को पत्र लिखकर एक साथ चुनाव कराने पर अपने विचार भेजने को कहा था. पार्टियों के लिए अपना लिखित जवाब भेजने की आखिरी तारीख 18 जनवरी थी, जिसके बाद कई पार्टियों के नेताओं ने कोविंद से मुलाकात की थी.

उत्तर प्रदेश: कथित तौर पर पेपर लीक से परेशान होकर बेरोज़गार युवक ने फांसी लगाई

मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के कन्नौज के रहने वाले बृजेश पाल के रूप में हुई है. वह हाल ही में एक पुलिस भर्ती परीक्षा में शामिल हुए थे और कथित तौर पर पेपर लीक से परेशान थे. अपने पीछे छोड़े गए एक सुसाइड नोट में उन्होंने अपने इस क़दम के पीछे बेरोज़गारी को ज़िम्मेदार ठहराया है.

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