West UP

पांच साल तक सोए हुए विपक्ष ने नहीं, किसान आंदोलन ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश को जगाया है

पश्चिमी उत्तर प्रदेश, जहां किसान आंदोलन का असर दिखा था, वहां के 19 विधानसभा क्षेत्रों में से भाजपा सिर्फ़ छह सीटें हासिल कर पाई है. अगर इस चुनावी नतीजे से किसी एक निष्कर्ष पर पहुंचा जाए तो वह यह है कि जनता के मुद्दों पर चला सच्चा जन आंदोलन ही ध्रुवीकरण के रुझानों को पलट सकता है और आगे चलकर यही भाजपा को पराजित कर सकता है.

विधानसभा चुनाव: क्या जाट-मुस्लिम एकता से पश्चिमी यूपी हार सकती है भाजपा?

वीडियो: पश्चिमी उत्तर प्रदेश किसान आंदोलन का केंद्र रहा है और उत्तर प्रदेश चुनाव की कुंजी भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हाथ में है. क्या जाट-मुस्लिम समीकरण फिर सेभाजपा की हर की वजह बनेगा.