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‘सारा को वही लोग समझ सकते हैं जिनके पास सारा जैसा दिल हो’

पुस्तक समीक्षा: उर्दू की प्रसिद्ध आलोचक अर्जुमंद आरा द्वारा किए गए सारा शगुफ़्ता की नज़्मों के संग्रह- ‘आंखें’ और ‘नींद का रंग’ के हिंदी लिप्यंतरण हाल में प्रकाशित हुए हैं. ये किताबें शायरी के संसार में उपेक्षा का शिकार रहीं सारा और अपनी नज़र से समाज को देखती-बरतती औरतों से दुनिया को रूबरू करवाने की कोशिश हैं.

झारखंड: नाबालिग से बलात्कार के दो आरोपियों को ग्रामीणों ने ज़िंदा जलाया, एक की मौत

घटना गुमला ज़िले के सदर थाना क्षेत्र स्थित बसुआ गांव की है, जहां एक लड़की को घर छोड़ने के बहाने बाइक पर ले गए दो युवकों ने उसके साथ बलात्कार किया. इसे लेकर आक्रोशित ग्रामीणों ने पहले आरोपियों को पीटा और फिर केरोसिन छिड़ककर आग लगा दी. वहीं, गिरिडीह में परिजनों द्वारा एक बलात्कार पीड़िता को आग लगाने की घटना सामने आई है.

केरल: दलितों ने पुलिस पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया, एससी-एसटी आयोग ने रिपोर्ट मांगी

केरल राज्य अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति आयोग ने पुलिस से उन आरोपों को लेकर एक रिपोर्ट मांगी कि उसके अधिकारियों ने अलाप्पुझा ज़िले के हरिपद इलाके में एक दलित कॉलोनी में अवैध रूप से घरों में प्रवेश किया और वहां के कुछ निवासियों के ख़िलाफ़ जातिसूचक टिप्पणी की. पुलिस ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कॉलोनी के लोगों पर अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट करने का आरोप लगाया है. इस संबंध में कॉलोनी के तीन लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

देश की तीस फीसदी महिलाएं शारीरिक और यौन हिंसा की शिकार: सरकारी सर्वेक्षण

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 के अनुसार, देश में 18-49 आयुवर्ग की 32% विवाहित महिलाओं ने शारीरिक, यौन या भावनात्मक वैवाहिक हिंसा का सामना किया है. रिपोर्ट के अनुसार, महिलाओं के ख़िलाफ शारीरिक हिंसा के 80% से अधिक मामलों में अपराधी उनके पति रहे हैं.

18-29 साल की 25 फ़ीसदी महिलाओं, 21-29 साल के 15 फ़ीसदी पुरुषों का तय उम्र से पहले विवाह: रिपोर्ट

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार, क़ानूनी उम्र से पहले महिलाओं के विवाह के संबंध सबसे ख़राब स्थिति पश्चिम बंगाल की है, जहां ऐसी स्त्रियों की संख्या 42 फ़ीसदी है. सबसे बेहतर स्थिति लक्षद्वीप की है, जहां महज़ चार फ़ीसदी महिलाओं का विवाह 18 साल की आयु से पहले हुआ है.

90 करोड़ भारतीयों में से अधिकतर ने बंद की नौकरी की तलाश, महिलाओं की संख्या अधिक: रिपोर्ट

मुंबई की एक निजी रिसर्च कंपनी सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी के नए आंकड़े बताते हैं कि सही नौकरी न ढूंढ पाने से हताश लाखों भारतीय, विशेष रूप से महिलाएं पूरी तरह से श्रमबल से बाहर हो गए हैं.

महिलाओं को जानवरों जैसे हाल में रखने वाले आश्रम को अपने नियंत्रण में ले दिल्ली सरकार: कोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने रोहिणी के एक आश्रम के प्रबंधन पर नाराज़गी व्यक्त की, जहां कई महिलाओं को ‘जानवरों जैसी स्थितियों’ में रखने का आरोप है. अदालत ने कहा कि आश्रम की स्थापना करन वाले व्यक्ति के ख़िलाफ़ सीबीआई ने आरोप पत्र दायर किया है और वर्तमान में वह फ़रार है. ऐसे में यह स्वीकार करना मुश्किल है कि बाशिंदे अपनी मर्ज़ी से वहां रह रहे हैं.

हिजाब, हलाल और मुस्लिम पुरुष: मुसलमानों के बारे में हिंदुत्व के पूर्वाग्रहों का कोई अंत नहीं है

मुस्लिमों की लानत-मलामत करना चुनाव जीतने का फॉर्मूला बन चुका है. और देश के हालात देखकर लगता नहीं है कि ये आने वाले समय में असफल होगा.

गंगूबाई काठियावाड़ी के बहाने: मदद चाहती है ये हव्वा की बेटी, यशोदा की हमजिंस, राधा की बेटी…

गंगूबाई फिल्म एक सिनेमेटिक अनुभव की दृष्टि से तो महत्वपूर्ण है ही, पर इस फिल्म के योगदान को जिस चीज़ के लिए माना जाना चाहिए वह है- वेश्याओं के छुपे हुए संसार को अंधेरे गर्त से निकाल कर सतह पर लाना.

देश में बैंक जालसाज़ी के 100 से अधिक मामले लंबित, नहीं मिल रही जांच की मंज़ूरी: भाजपा सांसद

भाजपा सांसद सुशील मोदी ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि देश में बैंक जालसाजी के करीब 50,000 करोड़ रुपये के 100 से अधिक मामले लंबित हैं और और राज्य सरकारें जांच के लिए अनुमति नहीं दे रही हैं. उन्होंने कहा कि अकेले मुंबई में 13,000 करोड़ रुपये से अधिक के बैंक जालसाज़ी के मामले लंबित हैं.

मध्य प्रदेश: महिलाओं के साथ सरेआम यौन उत्पीड़न के आरोप में तीन लोग गिरफ़्तार

मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल अलीराजपुर ज़िले का मामला है. यह घटना वालपुर गांव में उस वक्त हुई, जब वहां आदिवासी त्योहार भागोरिया मनाया जा रहा था. यौन उत्पीड़न के आरोपियों को गिरफ़्तार करने के अलावा घटना का वीडियो बनाने के लिए दो अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया है.

महिलाएं पितृसत्तात्मक मानसिकता के अधीन हैं, जो उन्हें देखभाल करने वाली, गृहिणी मानती है: कोर्ट

शीर्ष अदालत ने कहा कि सरकार को वास्तविक समानता हासिल करने का सही उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ होने वाले लगातार भेदभाव के पैटर्न को पहचानकर पूरा करना चाहिए.

न्यायपालिका में महिलाओं की भागीदारी कम, शीर्ष अदालत में 1950 से सिर्फ़ 11 महिला जज: जस्टिस बनर्जी

पहले ‘अंतराष्ट्रीय महिला न्यायाधीश दिवस’ के कार्यक्रम में जस्टिस इंदिरा बनर्जी ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में महिलाओं की संख्या बढ़ने के बावजूद निर्णय लेने वाले पदों पर महिलाओं का अपर्याप्त प्रतिनिधित्व है. कार्यक्रम में जस्टिस हिमा कोहली ने कहा कि उच्च न्यायालयों के 680 न्यायाधीशों में 83 महिला न्यायाधीशों का होना बहुत कम संख्या है और निचली अदालतों में क़रीब 30 प्रतिशत महिला न्यायिक अधिकारी हैं.

अधिकांश भारतीयों का मानना है कि पत्नियों को पति की बात माननी चाहिएः रिपोर्ट

‘हाउ इंडियंस व्यू जेंडर रोल्स इन फैमिलीज़ एंड सोसाइटी’ नाम की इस रिपोर्ट को नवंबर 2019 और मार्च 2020 के बीच 29,999 भारतीय वयस्कों पर किए गए सर्वेक्षण के बाद प्यू रिसर्च सेंटर द्वारा तैयार किया गया है. इसके अनुसार भारतीय राजनीतिक नेतृत्व में महिलाओं को देखने के इच्छुक हैं लेकिन घर और रोज़गार में लैंगिक असमानता का रवैया दिखाई देता है.

दिल्ली में 2021 में महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराधों में वृद्धि, रेप केस में 21.69 प्रतिशत इज़ाफ़ा: पुलिस

दिल्ली पुलिस ने बताया कि 2021 में महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध के मामलों में तेज़ी से वृद्धि हुई. 2021 में बलात्कार के 1,969 मामले दर्ज किए गए, यह संख्या 2020 में 1,618 थी. इसके अलावा 2021 में 2,429 छेड़छाड़ के मामले दर्ज किए गए, जो साल 2020 की तुलना में 17.51 प्रतिशत की वृद्धि है.