राजनीति

गोडसे को ‘देशभक्त’ बताने वाला बयान देने के बाद प्रज्ञा ठाकुर संसदीय समिति से बाहर

लोकसभा में प्रज्ञा ठाकुर द्वारा नाथूराम गोडसे को देशभक्त कहने को भाजपा ने निंदनीय बताते हुए उन्हें रक्षा मंत्रालय की परामर्श समिति से बाहर किए जाने की बात कही. साथ ही बताया कि उन्हें इस सत्र में पार्टी की संसदीय दल की बैठकों में हिस्सा लेने की अनुमति भी नहीं होगी.

Pragya Thakur Reuters

प्रज्ञा सिंह ठाकुर. (फोटो: रॉयटर्स)

नई दिल्ली: भाजपा ने लोकसभा में अपनी सांसद प्रज्ञा ठाकुर के विवादास्पद बयान की निंदा की और कहा कि उन्हें रक्षा मामलों की परामर्श समिति से हटाया जाएगा.

भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने संवाददाताओं से कहा, ‘भाजपा लोकसभा सांसद प्रज्ञा ठाकुर की टिप्पणी की निंदा करती है, पार्टी ऐसे बयानों का समर्थन नहीं करती.

नड्डा ने आगे कहा, ‘हमने निर्णय लिया है कि उन्हें रक्षा मामलों की परामर्श समिति से हटाया जायेगा. साथ ही संसद के इस सत्र के दौरान वे भाजपा संसदीय दल की बैठक में हिस्सा नहीं ले सकेंगी. हम इस बारे में बिल्कुल स्पष्ट हैं कि उनका बयान निंदनीय है और हम इस विचारधारा का समर्थन नहीं करते.’

ज्ञात हो कि बुधवार को लोकसभा में एसपीजी संशोधन विधेयक पर हो रही बहस में द्रमुक सांसद ए. राजा नाथूराम गोडसे के एक बयान का संदर्भ दे रहे थे, जब भोपाल से भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने उन्हें टोकते हुए कहा कि आप एक देशभक्त का उदाहरण नहीं दे सकते.

विपक्षी सदस्यों ने ठाकुर के इस बयान का विरोध किया था और लोकसभा अध्यक्ष ने कहा था कि इस संबंध में केवल ए. राजा का बयान रिकॉर्ड में जाएगा.

गुरुवार को जेपी नड्डा के साथ मौजूद संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी कहा, ‘हमारा मत इस विषय पर स्पष्ट है और हम उनके (ठाकुर) बयान की निंदा करते है और ऐसी विचारधारा का समर्थन नहीं करते.’

वहीं, गुरुवार को प्रज्ञा ठाकुर ने कहा है कि उनकी टिप्पणी उधम सिंह को लेकर की गयी थी. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘कभी-2 झूठ का बवंडर इतना गहरा होता है कि दिन में भी रात लगने लगती है, किंतु सूर्य अपना प्रकाश नहीं खोता. पलभर के बवंडर मे लोग भ्रमित न हों, सूर्य का प्रकाश स्थाई है. सत्य यही है कि कल मैने ऊधम सिंह जी का अपमान नहीं सहा बस.’

हालांकि इससे पहले बुधवार शाम द्रमुक सांसद ए. राजा ने कहा था कि उनके गोडसे का जिक्र करने पर ही प्रज्ञा ठाकुर ने विवादित टिप्पणी की थी.

ठाकुर के इस बयान पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई है. गुरुवार को लोकसभा में पार्टी ने वॉकआउट किया और राज्यसभा में भी स्थगन नोटिस दिया है.

सदन की कार्यवाही आरंभ होने के बाद सदन में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने प्रज्ञा के विवादित बयान का मुद्दा उठाया और कहा कि यह सदन इस तरह के बयानों की अनुमति कैसे दे सकता है.

अधीर रंजन चौधरी ने कहा, ‘भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर द्वारा कांग्रेस को आतंकवादी पार्टी कहा गया, उस पार्टी को जिसके हजारों नेताओं ने देश की आजादी के लिए बलिदान दिया, ये हो क्या रहा है? क्या सदन इस पर चुप रहेगा? महात्मा गांधी के हत्यारे को देशभक्त कहा गया?’

इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि टिप्पणी को रिकॉर्ड से हटा दिया गया है और ऐसी स्थिति में इस पर सदन के भीतर चर्चा करने का कोई मतलब नहीं है.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ने प्रज्ञा ठाकुर के बयान पर कहा, ‘वे वही बोल रही हैं जो आरएसएस और भाजपा के मन में है. मैं इस बारे में क्या कह सकता हूं? यह छिपाया नहीं जा सकता. मुझे उस महिला के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने में अपना समय बर्बाद करने की जरूरत नहीं है.’

वहीं कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि पार्टी को इस बारे में जो कहना था वह कह चुकी है.

गोडसे को देशभक्त मानने की सोच निंदनीय: राजनाथ सिंह

लोकसभा में  कांग्रेस के हंगामे के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि नाथूराम गोडसे को देशभक्त मानने की सोच की वह और उनकी पार्टी निंदा करते हैं.

उन्होंने कहा कि नाथूराम गोडसे को देशभक्त मानने की सोच की पार्टी पूरी तरह निंदा करती है. महात्मा गांधी पहले भी हमारे मार्गदर्शक थे और आज भी हैं, उनके विचार पहले भी प्रासंगिक थे और आज भी प्रासंगिक हैं.

ज्ञात हो कि यह पहली बार नहीं है जब प्रज्ञा ठाकुर ने नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताया है. लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान एक रोड शो कर रही प्रज्ञा ठाकुर ने एक सवाल के जवाब में कहा था, ‘नाथूराम गोडसे देशभक्त थे, देशभक्त हैं और रहेंगे. गोडसे को आतंकी बोलने वाले खुद के गिरेबां में झांककर देखें.’

विवाद बढ़ने के बाद ठाकुर ने अपने बयान के लिए माफी मांग ली थी. ठाकुर के माफी मांगने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि वह भले ही माफी मांग लें लेकिन मैं उन्हें मन से कभी माफ नहीं कर पाऊंगा.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)