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पांच साल में 14,500 एनजीओ के एफसीआरए प्रमाणपत्र रद्द किए गए: केंद्र सरकार

गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा को बताया कि वर्ष 2017-18 का अनिवार्य वार्षिक ब्यौरा पेश नहीं करने के लिए एफसीआरए के तहत पंजीकृत 1808 संगठनों के पंजीकरण प्रमाण पत्रों को हाल ही में निरस्त किया गया है.

New Delhi: Monsoon clouds hover over the Parliament House, in New Delhi on Monday, July 23, 2018.(PTI Photo/Atul Yadav) (PTI7_23_2018_000111B)

(फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बुधवार को राज्यसभा को बताया कि पिछले पांच साल के दौरान करीब 14,500 संगठनों के पंजीकरण प्रमाण पत्रों को निरस्त किया गया है. ये एनजीओ विदेशी चंदा (विनियमन) कानून के तहत पंजीकृत थे. राय ने एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी.

मंत्री ने कहा कि वर्ष 2017-18 का अनिवार्य वार्षिक ब्यौरा पेश नहीं करने के लिए एफसीआरए के तहत पंजीकृत 1808 संगठनों के पंजीकरण प्रमाण पत्रों को हाल ही में निरस्त किया गया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, एफसीआरए और उसके तहत गए नियम यह प्रावधान करते हैं कि सभी एफसीआरए एनजीओ और संघों को समय पर वार्षिक रिटर्न दाखिल करना है. अनुपालन न करने वाले एनजीओ को ऑनलाइन तंत्र के माध्यम से नोटिस और रिमाइंडर्स जारी किए जाते हैं.

इसके बाद अनुपालन न करने वाले एनजीओ के खिलाफ पंजीकरण प्रमाणपत्र को निलंबित करने और रद्द करने जैसी कार्रवाई भी की जाती है.

मंत्री ने कहा कि देश में एफसीआरए पंजीकृत एनजीओ को 2018-19 में (28 नवंबर तक) कुल 2,244.77 करोड़ रुपये और 2017-18 में 16,902.41 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं.

राय ने एक अन्य सवाल के जवाब में इस बात से इंकार किया कि सरकार एमनेस्टी इंटरनेशनल की गतिविधियों की जांच करने के लिए कोई समिति बना रही है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)