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भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के 24 संरक्षित स्मारक ग़ायब: केंद्रीय पर्यटन मंत्री

संस्कृति और पर्यटन राज्य मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में बताया कि 321 केंद्रीय संरक्षित स्मारकों में अतिक्रमण की घटनाओं का पता चला है.

(प्रतीकात्मक फोटो साभारः भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण)

(प्रतीकात्मक फोटो साभारः भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण)

नयी दिल्ली: केंद्र सरकार ने संसद के निचले सदन लोकसभा में बताया कि 321 केंद्रीय संरक्षित स्मारकों में अतिक्रमण की घटनाओं का पता चला है.

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के 24 ऐसे स्मारकों की सूची है, जिनके बारे में पता नहीं चल पाया है.

केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने सोमवार को लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय संस्मारक और पुरावशेष मिशन ने अपने डेटाबेस के लिए एक समान फॉर्मेट में विभिन्न स्रोतों से लगभग 1,83,345 विरासत और स्थलों का प्रलेखीकरण किया है, जिसमें केंद्रीय संरक्षित और असंरक्षित स्मारक भी हैं .

पटेल ने बताया कि देश में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित किए जा रहे राष्ट्रीय महत्व के कुल 3,691 स्मारक हैं .

उन्होंने बताया कि 321 केंद्रीय संरक्षित स्मारकों में अतिक्रमण की घटनाएं हुई हैं. इसके अलावा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के 24 ऐसे स्मारकों की सूची है जिनके बारे में पता नहीं चला है.

पर्यटन मंत्री ने इनटैक से प्राप्त सूचना के हवाले से बताया कि अभी तक लगभग 500 नगरों में लगभग 70,000 स्मारकों का लेआउट प्लान तैयार किया गया है.

लखनऊ में कई स्मारकों की रूपरेखा नहीं बनाए जाने के सवाल पर संस्कृति मंत्री की ओर से कहा गया कि लखनऊ स्थित 60 केंद्रीय संक्षरित स्मारकों में से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने 47 का ले-आउट प्लान तैयार किया है. हालांकि प्रलेखीकरण और मानचित्रण का काम सतत प्रक्रिया में है.

स्क्रॉल डॉट इन की रिपोर्ट के अनुसार, इन गायब स्मारकों में से तकरीबन आधे उत्तर प्रदेश में स्थित हैं.

रिपोर्ट के अनुसार, गायब स्मारकों में महाराष्ट्र स्थित पूर्व ऐतिहासिक विशाल पत्थर (जिनका इस्तेमाल स्मारक बनाने के लिए किया जाता था), शिलालेख, उत्तर प्रदेश में बौद्ध और हिंदू मंदिरों के अवशेष, असम में 16वीं सदी के अफगान शासक शेरशाह की बंदूकें, हरियाणा में मध्यकालीन मील के पत्थर, उत्तराखंड में एक मंदिर और विभिन्न कब्रें और दूसरे अवशेष शामिल हैं.

पांच पुरातात्विक स्थलों को बनाया जाएगा संग्रहालय

केंद्रीय पर्यटन मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने सोमवार को लोकसभा को यह भी बताया कि हस्तिनापुर सहित पांच पुरातात्विक स्थलों को संग्रहालयों के साथ प्रतिष्ठित स्थानों के रूप में विकसित किया जाएगा.

एक प्रश्न के लिखित उत्तर में पटेल ने कहा कि 2020-21 के केंद्रीय बजट भाषण के अनुसार, पांच पुरातत्व स्थल राखीगढ़ी (हरियाणा), हस्तिनापुर (उत्तर प्रदेश), शिवसागर (असम), धोलावीरा (गुजरात) और आदिचनल्लूर (तमिलनाडु) में संग्रहालयों के साथ प्रतिष्ठित स्थलों के रूप में विकसित किए जाएंगे.

सरकार ने विभिन्न योजनाओं को लागू करने के लिए संस्कृति मंत्रालय के लिए 3,149.86 करोड़ रुपये और पर्यटन मंत्रालय को 2,2147 करोड़ रुपये का आवंटन प्रस्तावित किया है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)