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यस बैंक ने जगन्नाथपुरी मंदिर के 389 करोड़ रुपये के खाते को एसबीआई में ट्रांसफर किया

पूर्वी भारत के प्रसिद्ध मंदिर के मुख्य प्रशासक को संबोधित पत्र में यस बैंक ने कहा कि उसके पास 156 करोड़ रुपये की दो और एफडी हैं, जो इस महीने के अंत तक ट्रांसफर कर दी जाएंगी.

Puri: Devotees pull the chariots during the 141st Rath Yatra, in Puri on Saturday, July 14, 2018. The yatra is taken out every year on Ashadhi Bij, the second day of Ashad month, as per the Hindu calender. Besides the three chariots of Lord Jagannath, his brother Balram and sister Subhadra, the yatra procession comprises of 18 decorated elephants, 101 trucks with tableaux, members of 30 religious groups and 18 singing troupes. (PTI Photo)(PTI7_14_2018_000073B)

(फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: यस बैंक ने गुरुवार को कहा कि उसने श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन, पुरी (ओडिशा) के 389 करोड़ रुपये के फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) को भारतीय स्टेट बैंक को हस्तांतरित कर दिया है. मंदिर के एफडी खाते में कुल 8.23 करोड़ रुपये का ब्याज है.

न्यूज एजेंसी पीटीआई द्वारा प्राप्त किए गए यस बैंक के एक पत्र में कहा गया है, ‘हमारे साथ एफडी की शर्त के अनुसार, यस बैंक लिमिटेड ने 31 दिसंबर, 2019 तक समय पर सभी तिमाही ब्याज का पूरी तरह से भुगतान किया है. इसके बाद 19 मार्च, 2020 तक में अर्जित किए गए शेष ब्याज को 389 करोड़ रुपये की मूल राशि के साथ जगन्नाथ मंदिर कॉर्पस फंड के एसबीआई खाते में भेज दिया गया है.’

पूर्वी भारत के प्रसिद्ध मंदिर के मुख्य प्रशासक कृष्ण कुमार को संबोधित पत्र में यस बैंक ने कहा कि उसके पास 156 करोड़ रुपये के दो और एफडी हैं जो इस महीने के अंत तक ट्रांसफर कर दी जाएंगी.

पत्र में कहा गया है कि 156 करोड़ रुपये के ये एफडी कुछ शर्तों के दायरे में है जो कि बैंक को समय से पहले भुगतान नहीं करने से रोकता है.

यस बैंक के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जयदेव दास द्वारा लिखे गए पत्र में कहा गया, ‘नियामक के दिशा-निर्देशों के अनुसार, हम 156 करोड़ रुपये की मूल राशि और 30 मार्च, 2020 तक कुल ब्याज को एसबीआई में जगन्नाथ मंदिर कॉर्पस फंड के खाते में भेजेंगे.’

बता दें कि यस बैंक ने बीते बुधवार शाम से अपनी पूर्ण बैंकिंग सेवाओं को फिर से शुरू कर दिया और ग्राहकों ने गुरुवार की सुबह से शाखाओं का दौरा करना शुरू कर दिया.

उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैंक ने पांच मार्च को बैंक पर पाबंदी लगा दी थी. इसके तहत ग्राहकों को तीन अप्रैल तक अपने खाते से 50,000 रुपये तक निकालने की छूट दी गयी थी.

(समाचार एजेंसी पीटीआई से इनपुट के साथ)