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लॉकडाउन: अलीगढ़ में कथित रूप से पुलिस पिटाई के बाद सब्ज़ी विक्रेता की मौत, लोगों ने चौकी घेरी

सब्ज़ी विक्रेता के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने लॉकडाउन का उल्लंघन करने के लिए उनकी पिटाई की थी. पुलिस ने बताया कि मौत की वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगी. उन्होंने परिजनों से पुलिस ज़्यादती का सबूत देने को कहा है.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

अलीगढ़: बीते 19 अप्रैल को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ शहर में एक पुलिसकर्मी द्वारा कथित तौर पर पिटाई के बाद एक सब्जी विक्रेता की मौत हो गई. इसके बाद पुराने अलीगढ़ के जलालपुर क्षेत्र में एक पुलिस चौकी को बुधवार शाम सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया.

सब्जी विक्रेता की बुधवार सुबह मौत हो गयी थी. लोगों ने दोपहर में जलालपुर पुलिस चौकी के बाहर शव के साथ प्रदर्शन किया और अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.

पुलिस अधीक्षक नगर अभिषेक कुमार ने गुरुवार को संवाददाताओं को बताया कि चौकी को घेरे जाने के बाद वहां तैनात पुलिसकर्मियों को चौकी से तुरंत भागना पड़ा.

बाद में अतिरिक्त पुलिस बल आने पर स्थिति को नियंत्रित किया गया. मामले की जांच बैठा दी गई है और अगर पुलिस ज्यादती का आरोप साबित होता है तो कार्रवाई की जाएगी.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक अभिषेक कुमार ने कहा, ‘हमने परिवार से लिखित शिकायत पत्र देने को कहा है कि अगर उनके पास पुलिस ज्यादती का कोई भी सबूत है तो हम उसके अनुसार कार्रवाई करेंगे.’

अभिषेक कुमार ने बताया कि 18 वर्षीय सब्जी विक्रेता लवकुश सिंह की मौत की वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगी. रिपोर्ट आज (गुरुवार) आने की उम्मीद है. मृतक के नमूने कोरोना वायरस की जांच के लिए भी भेजे गए हैं.

मृतक के परिवारवालों का आरोप है कि लवकुश रविवार को अपना ठेला लेकर सब्जी बेचने निकला था. उसी समय कुछ पुलिसकर्मियों ने लॉकडाउन का उल्लंघन करने के लिए उसकी पिटाई कर दी थी.

परिजनों का कहना है कि मृतक की रीढ़ की हड्डी में चोट लगी थी जिसकी वजह से उसके पीठ और छाती में दर्द होने लगा था. उन्हें जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद छुटटी दे दी गई, लेकिन मंगलवार रात उनकी हालत अचानक बिगड़ गई और बुधवार को उनकी मौत हो गई.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)