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कोरोना वायरस: देश में 1500 से अधिक की जान गई, दुनिया में 2.51 लाख से अधिक की मौत

कोरोना वायरस महामारी से अमेरिका में क़रीब 70 हज़ार लोगों की मौत. अमेरिका के बाद सर्वाधिक प्रभावित देश इटली ने लंबे समय से लागू लॉकडाउन में ढील दी. जापान ने आपातकाल मई के आख़िर तक बढ़ाया. बांग्लादेश में 16 मई तक रहेगा लॉकडाउन. वियतनाम में तीन महीने बाद खुले स्कूल.

(फोटो: रॉयटर्स)

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नई दिल्ली: भारत में कोरोना वायरस संक्रमण से मरने वालों की संख्या मंगलवार को बढ़कर 1,568 हो गई और संक्रमित मामलों की तादाद 46,433 पहुंच गई है.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि संक्रमण से 12,726 मरीज ठीक हो गए हैं और एक रोगी देश से बाहर जा चुका है. वहीं कोविड-19 से संक्रमित 32,138 मरीजों का अब भी इलाज चल रहा है.

कुल मामलों में 111 विदेश नागरिक शामिल हैं.

सोमवार शाम से अब तक कुल 179 मरीजों की जान गई है, जिनमें से 98 की पश्चिम बंगाल में मौत हुई है. इसके बाद महाराष्ट्र में 35, गुजरात में 29, राजस्थान में छह, उत्तर प्रदेश में पांच, पंजाब में दो, हरियाणा, तमिलनाडु और चंडीगढ़ में एक-एक मरीज की मौत हुई है.

देश में कोविड-19 से हुई 1,568 मौतों में से सबसे ज्यादा 583 लोगों की जान महाराष्ट्र में गई है. इसके बाद गुजरात में 319, मध्य प्रदेश में 165, पश्चिम बंगाल में 133, राजस्थान में 77, दिल्ली में 64, उत्तर प्रदेश में 50 और आंध्र प्रदेश में 36 मरीजों ने दम तोड़ा है.

तमिलनाडु में मृतकों का आंकड़ा 31 तक पहुंच गया है, जबकि तेलंगाना में 29 लोगों की संक्रमण ने जान ली है. कर्नाटक में कोविड-19 के कारण मरने वालों की संख्या 27 हो गई है.

पंजाब में कोरोना वायरस से हुई मौतों की संख्या 23 है, जम्मू कश्मीर में आठ और हरियाणा में छह मरीजों की जान इस विषाणु ने ली है. केरल और बिहार में चार-चार रोगियों की मौत हुई है.

मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, झारखंड में तीन लोगों की मौत हुई. मेघालय, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा और असम में एक-एक मरीज की मौत हुई है.

मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि मृतकों में 70 फीसदी से ज्यादा पहले से किसी न किसी बीमारी से पीड़ित थे.

मंत्रालय के आंकड़े मंगलवार सुबह अपडेट किए गए हैं जो बताते हैं कि देश में सबसे ज्यादा पुष्ट मामले महाराष्ट्र में हैं, जहां 14,541 लोग कोविड-19 से संक्रमित हुए हैं.

इसके बाद गुजरात में 5,804, दिल्ली में 4,898, तमिलनाडु में 3,550, राजस्थान में 3,061 मध्य प्रदेश में 2,942 और उत्तर प्रदेश में 2,766 लोग संक्रमित हैं.

आंध्र प्रदेश में कोरोना वायरस के मामले बढ़कर 1,650 हो गए हैं, जबकि पश्चिम बंगाल में 1,259 लोग संक्रमित हैं.

पंजाब में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1,233, तेलंगाना में 1,085, जम्मू-कश्मीर में 726, कर्नाटक में 651, बिहार में 528 और हरियाणा में 517 गई है.

केरल में कोरोना वायरस के 500 मामले सामने आए हैं, जबकि ओडिशा में 169 मामले हैं. झारखंड में 115 और चंडीगढ़ में 102 लोग संक्रमित हुए हैं.

उत्तराखंड में 60 मामले सामने आए हैं जबकि छत्तीसगढ़ में 58, असम में 43 और लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में 41-41 मामले हैं.

अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में 33 मामले हैं.

त्रिपुरा में 29, मेघालय में 12 और पुडुचेरी में आठ मामले हैं जबकि गोवा में कोविड -19 के सात मामले सामने आए हैं.

मणिपुर में दो मामले हैं जबकि मिजोरम तथा अरुणाचल प्रदेश में एक-एक मामला है.

दुनिया भर में 2.51 लाख से अधिक की मौत, इटली ने लॉकडाउन में ढील दी

रोम: यूरोप में सबसे लंबे समय तक लॉकडाउन लागू करने वाले देश इटली में ढील देने के साथ सोमवार को लाखों लोग काम पर लौट आए. साथ ही आइसलैंड से लेकर भारत तक विभिन्न देशों में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए जारी लॉकडाउन से कुछ रियायत देने के विभिन्न कदम उठाए जा रहे हैं.

(फोटो: रॉयटर्स)

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यूनान में हज्जाम सहित तमाम काम-धंधे शुरू हो गए जबकि लेबनान में नई शर्तों के साथ रेस्तरां खोले गए. विभिन्न देशों में अर्थव्यवस्था को दोबारा शुरू करने के लिए दबाव बढ़ता जा रहा है.

इटली यूरोप का पहला देश है जिसे कोरोना वायरस की महामारी ने बुरी तरह अपनी चपेट में किया. यह दुनिया के उन देशों है जहां पर सबसे अधिक मौतें हुई. हालांकि करीब दो महीने के लॉकडाउन के बाद यहां कामकाज शुरू हुआ है. पाबंदियों में ढील की वजह से करीब 44 लाख इतालवी नागरिक काम पर लौटे हैं.

रोम शहर के पुराने इलाके में यातायात रफ्तार पकड़ रहा है, निर्माण स्थल पर काम शुरू हो गया है और विनिर्माण इकाइयां चालू हो गई हैं. 11 मार्च के बाद पहली पर कैम्पो देइ फियोरी बाजार में फूल बेचने वाले दिखे.

यूरोप के एक बड़े हिस्से में संक्रमण की वृद्धि दर में गिरावट आई है जिसके बाद सार्वजनिक जनजीवन को शुरू करने की कोशिशें तेज हो गई हैं, लेकिन यूरोपीय नागरिकों को मिली नयी आजादी सीमित है क्योंकि अधिकारी संक्रमण के दूसरे दौर को लेकर चिंतित हैं.

इटली में किसी की मृत्यु होने पर लोग शोक सभा कर सकते हैं, लेकिन इसमें शामिल होने वाले लोगों की संख्या 15 तक सीमित कर दी गई है. हालांकि, अभी तक स्पष्ट नहीं है कि बड़े पैमाने पर लोगों के एकत्र होने पर लगी रोक कब हटाई जाएगी.

रेस्तरां ने खाने का ऑर्डर पूरा करने के लिए साफ सफाई शुरू कर दी है लेकिन वहां की मेज पर खाना परोसने की अनुमति मिलने में अभी हफ्तों का समय लग सकता है.

बेल्जियम ने कुछ कंपनियों को कर्मचारियों के लिए कार्यालय खोलने की अनुमति दे दी है. हालांकि अभी तक घर से काम को प्रोत्साहित किया जा रहा है.

इटली की तरह ही यूनान, स्पेन और यूरोप के अन्य देशों के लोगों को सार्वजनिक परिवहन में मास्क पहनने को कहा गया है. इटली के लोगों को अब भी बाहर निकलने पर कारण प्रमाणित करना होगा.

हालांकि अब बाहर निकलने के कारणों की सूची में विस्तार किया गया है और परिवार या प्रेमी से मिलना भी इसमें शामिल किया गया.

यूनान ने भी सोमवार से क्रमबद्ध तरीके से सात हफ्ते के लॉकडाउन में ढील देने की शुरुआत की. इसके तहत बाहर निकलने के लिए एसएमएस भेजने या स्वलिखित परमिट की आवश्यकता को खत्म कर दिया गया है.

यूनान में बाल काटने की दुकान, किताब और खेल के सामान बेचने सहित कुछ दुकानों को खोलने की अनुमति दी गई है लेकिन इस दौरान स्वच्छता और सामाजिक दूरी के नियम का कड़ाई से अनुपालन करना होगा.

सबसे प्रभावित स्पेन में लोगों को पहली बार बाल कटवाने और बाहर खाने की अनुमति मिली है लेकिन कई छोटी दुकानें अब भी बंद है क्योंकि वे स्वास्थ्य और स्वच्छता के कठोर दिशानिर्देशों का अनुपालन करने के लिए उनमें बदलाव कर रहे हैं.

पड़ोसी पुर्तगाल ने भी पाबंदियों में ढील दी है और छोटी दुकानों को खोलने की अनुमति दे दी है. यूरोप के पश्चिमी छोर पर मौजूद आइसलैंड में भी उच्च विद्यालय, दांत के डॉक्टर की क्लीनिक, सैलून सहित अन्य कारोबार को करीब छह हफ्ते के अंतराल पर खोलने की अनुमति दी गई.

पश्चिम एशिया में लेबनान ने सोमवार से 30 प्रतिशत की क्षमता के साथ रेस्तरां खोलने की अनुमति दे दी लेकिन कई कारोबारियों का कहना है कि वे अनुमति के बावजूद रेस्तरां नहीं खोलेंगे.

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उनका कहना है कि पस्त होती अर्थव्यवस्था के दौर में अगर वे सख्त पाबंदियों के साथ रेस्तरां खोलेंगे तो उन्हें भारी नुकसान होगा. हालांकि, लेबनान में कैफे, क्लब और बार को जून तक बंद रखने का आदेश दिया गया है.

भारत ने करीब पांच हफ्ते की बंदी के बाद कुछ आर्थिक गतिविधियों को बहाल करने की अनुमति दी है. हालांकि, संक्रमण की दर में हल्की सी वृद्धि दर्ज की गई है.

लॉकडाउन की वजह से देश में कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने की दर में कमी लाने में सफलता प्राप्त हुई है, लेकिन इससे गरीबों की मुश्किल और बढ़ गई है.

रूस में कोविड-19 के नए मरीजों में तेजी से वृद्धि हुई है और डर है कि इससे देश के अस्पतालों की व्यवस्था धराशायी हो सकती है. प्रशासन का कहना है कि जांच का दायरा बढ़ाने से नए मामलों में वृद्धि हुई है.

रूस की अर्थव्यवस्था मार्च के उत्तरार्ध से आंशिक रूप से बंद है और लॉकडाउन के प्रावधानों को अब 11 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया है.

जॉन्स हॉपकिंस विश्वविद्यालय के आंकड़ों के मुताबिक दुनिया भर की सरकारों ने अब तक 3,598,324 लाख लोगों के संक्रमित होने और 251,832 लोगों की मौत होने की जानकारी दी है.

इनमें से 69,934 मौतें अकेले अमेरिका में हुई हैं. अमेरिका इस महामारी से सर्वाधिक प्रभावित देश है.

अमेरिका के बाद दूसरे नंबर पर प्रभावित देश इटली में अब तक इस बीमारी से 29,079 लोगों ने अपनी जान गंवा दी है और यहां संक्रमण के 211,938 मामले दर्ज किए गए हैं.

ब्रिटेन में 28,809 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि संक्रमण के 191,832 मामले सामने आ चुके हैं. स्पेन में मौत के 25,428 मामले सामने आ चुके हैं और 218,011 लोगों में संक्रमण का पता चला है.

फ्रांस में संक्रमण के 169,583 मामले आए हैं, जबकि 25,204 लोगों की मौत हो चुकी है.

सोमवार को दुनिया के कई नेताओं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बैठक की. इसमें टीके पर शोध के लिए 4.37 अरब यूरो, इलाज के लिए दो अरब यूरो और जांच के लिए 1.5 अरब यूरो की व्यवस्था करने की उम्मीद है. अधिकारियों का कहना है कि यह शुरुआत है.

विज्ञप्ति में फ्रांस, जर्मनी, इटली, नार्वे के नेताओं और यूरोपीय संघ के शीर्ष अधिकारियों ने कहा कि इस धन का इस्तेमाल मान्यता प्राप्त वैश्विक स्वास्थ्य संगठन के जरिये होगा.

यूरोपीय संघ के कार्यकारी आयोग ने उम्मीद जताई कि इसमें अमेरिका भी शामिल होगा लेकिन उसकी भूमिका को लेकर अस्पष्ट हैं. हालांकि अमेरिका दान सम्मेलन में भूमिका निभा सकता है.

जर्मनी के स्वास्थ्य मंत्री जेन्स स्पैन ने कहा कि भरोसेमंद उपलब्धि प्राप्त हुई है लेकिन चेतावनी दी कि चिकित्सा जगत में टीका विकसित करना सबसे बड़ी चुनौती है.

उन्होंने कहा, ‘मुझे खुशी होगी अगर हम कुछ महीनों में सफल हो जाएं लेकिन मुझे लगता है कि हमें यथार्थवादी बने रहना चाहिए.’

स्पेन ने रविवार को एआरडी टेलीविजन से कहा, ‘इसमें वर्षों लग सकते हैं, क्योंकि निश्चित रूप से असफलता मिल सकती है. हमने यह अन्य बीमारियों का टीका विकसित करते समय भी देखा.’

चीन में के 16 नए मामले, कुल संख्या 82,881 हुई

बीजिंग: चीन में कोरोना वायरस के 16 नए मामले सामने आने के बाद देश में वायरस के मामले बढ़कर 82,881 हो गए हैं.

राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग (एनएचसी) ने बताया कि इन 16 लोगों में से 15 में कोविड-19 के कोई लक्षण नहीं थे, लेकिन वे जांच में संक्रमित पाए गए. वहीं एक अन्य व्यक्ति शंघाई में संक्रमित मिला जो विदेश से आया था.

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उसने बताया कि इसके साथ ही बिना लक्षण के संक्रमित पाए गए 15 नए मामलों के साथ ऐसे मामलों की संख्या अब 947 हो गई है, जिनमें से 94 बाहर से आए थे. ये सभी चिकित्सीय निगरानी में हैं.

ये बिना लक्षण वाले वे मरीज हैं, जिनमें कोरोना वायरस के बुखार, खांसी या गले में दर्द जैसे कोई लक्षण नहीं थे, लेकिन फिर भी ये जांच में संक्रमित पाए गए. इनसे दूसरों के संक्रमित होने का खतरा भी है.

उसने बताया कि सोमवार को स्थानीय संक्रमण का कोई नया मामला नहीं आया. कोविड-19 से संक्रमित 395 लोगों का इलाज जारी है.

सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ के अनुसार देश में कोविड-19 से सोमवार को किसी की जान नहीं गई और मृतक संख्या 4,633 ही रही.

एनएचसी ने बताया कि कोविड-19 के मामले देश में बढ़कर 82,881 हो गए हैं. इनमें से 395 का इलाज अभी जारी है. वहीं 77,853 लोगों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है.

जापान में आपातकाल की मियाद मई के आखिर तक बढ़ाई गई

टोक्यो: जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने सोमवार को कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से लागू आपातकाल को मई के अंत बढ़ाने की घोषणा की.

आबे ने संक्रमण की मौजूदा स्थिति पर विशेषज्ञों के मूल्यांकन का हवाला देते हुए कहा कि मौजूदा व्यवस्था आगे रहनी चाहिए क्योंकि कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या में पर्याप्त कमी नहीं आई है और अस्पतालों में अब भी क्षमता से अधिक मरीज भर्ती हैं.

उन्होंने कहा कि अगर मई के मध्य तक आंकड़ों में सुधार होता है तो पहले भी आपातकाल के प्रावधानों में ढील दी जा सकती है.

आबे ने सात अप्रैल को आपातकाल की घोषणा की थी. शुरुआत में यह टोक्यो और छह अन्य शहरी प्रांतों में लागू था लेकिन बाद में इसे पूरे देश में लागू कर दिया गया और लोगों से 80 प्रतिशत तक सामाजिक मेलमिलाप कम करने का अनुरोध किया गया.

हालांकि प्रधानमंत्री ने कारोबार रोकने के आदेश को जारी करने से मना कर दिया. जापान में अबतक कोविड-19 के 15,000 से अधिक मामले सामने आए हैं और करीब 536 लोगों की मौत हुई है. जापान में कोरोना वायरस से संक्रमित एक तिहाई लोग अकेले राष्ट्रीय राजधानी टोक्यो में हैं.

पाकिस्तान में मामले बढ़कर 21,000 के पार

इस्लामाबाद: पाकिस्तान में कोरोना वायरस के 1,315 नए मामले सामने आने के बाद मंगलवार को संक्रमितों की तादाद 21,501 हो गई. इसके अलावा 24 और लोगों की इस बीमारी से मौत हुई, जिसके बाद संक्रमण से जान गंवाने वालों का आंकड़ा 486 पहुंच गया.

(फोटो: रॉयटर्स)

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स्वास्थ्य मंत्रालय की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा के मुताबिक, पंजाब में कोरोना वायरस के 8,103 मामले हैं, जबकि सिंध में 7,882, खैबर-पख्तूनख्वा में 3,288, बलूचिस्तान में 1,321, इस्लामाबाद में 464, गिलगित-बाल्टिस्तान में 372 और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में 71 मामले हैं.

अब तक 222,404 नमूनों की जांच की गई हैं, जिनमें से पिछले 24 घंटे में 9,857 नमूनों का परीक्षण किया गया है.

इस दौरान 1315 नए मरीज आए. इसके बाद संक्रमित संख्या बढ़कर 21,501 हो गई.

मुल्क में अब तक 486 लोगों की जान जा चुकी है जबकि 5,782 मरीज अब तक ठीक हो चुके हैं.

प्रधानमंत्री इमरान खान ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन को आहिस्ता-आहिस्ता हटाया जाएगा, क्योंकि पाकिस्तान बेमियादी बंद सहन नहीं कर सकता.

इस बीच पाकिस्तान उच्चतम न्यायालय ने प्रांतीय सरकारों द्वारा वायरस के प्रसार को रोकने के लिए व्यापारिक गतिविधियों को बंद करने पर नाखुशी जताई.

बांग्लादेश में लॉकडाउन 16 मई तक बढ़ाया गया, मामले 11,000 के क़रीब

ढाका: बांग्लादेश ने कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लगाये गये राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन को सोमवार को 16 मई तक आगे बढ़ा दिया.

देश में इस महामारी के मामले 10,929 हो गए हैं और अब तक 183 लोगों की मौत हो चुकी है.

ढाका ट्रिब्यून की खबर के अनुसार, जन प्रशासन मंत्रालय ने गजट अधिसूचना में सरकार के इस निर्णय की घोषणा की. सरकार ने शुरू में 26 मार्च को दस दिनों के लिए आम छुट्टी की घोषणा की थी. उसके बाद देश में कोरोना वायरस के मामले बढ़ने और कई मरीजों की मौत के बाद उसे 25 अप्रैल तक बढ़ा दिया गया. फिर सरकार ने इस राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन को पांच मई तक के लिए बढ़ा दिया था.

अधिसूचना के अनुसार, लोगों को स्वास्थ्य सेवा संभाग के स्वास्थ्य दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन करना चाहिए. उसके मुताबिक, रेडीमेड कपड़े, दवा विनिर्माण, निर्यातोन्मुखी उद्योगों को श्रमिकों के बीच एक दूसरे से दूरी के नियमों एवं अन्य दिशानिर्देशों का पालन किए जाने पर अपनी गतिविधियां बहाल करने की अनुमति दी गई है.

ढाका ट्रिब्यून की खबर के अनुसार, मंत्रालय एवं संबद्ध कार्यालय भी जरूरत पड़ने पर काम कर सकते हैं.

सिंगापुर में संक्रमण के 573 नए मामले

सिंगापुर में कोरोना वायरस संक्रमण के 573 नए मामले सामने आए हैं, जिनमें से ज्यादातर प्रवासी श्रमिक हैं. इसके साथ ही देश में कुल संक्रमितों की संख्या 18,778 तक पहुंच गई है.

सिंगापुर में कोरोना वायरस संक्रमण के अधिकांश मामले प्रवासी श्रमिकों में सामने आए हैं, जो डॉरमेट्री में रहते हैं. (फोटो: रॉयटर्स)

सिंगापुर में कोरोना वायरस संक्रमण के अधिकांश मामले प्रवासी श्रमिकों में सामने आए हैं, जो डॉरमेट्री में रहते हैं. (फोटो: रॉयटर्स)

देश में अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है.

देश में महामारी से निपटने के लिए कड़े प्रतिबंध को एक सप्ताह तक आगे बढ़ा दिया गया है. स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार नए संक्रमित मामलों में से सिर्फ पांच ही सिंगापुर के नागरिक और स्थायी निवासी (विदेशी) हैं जबकि देश में शयन स्थलों (डॉरमेट्री) पर रहने वाले श्रमिकों में संक्रमण के मामले बढ़ते जा रहे हैं.

स्वास्थ्य मंत्री गान किम योंग ने संसद को बताया है, ‘हम अन्य देशों में संक्रमण के दर समेत उन्होंने वायरस के संक्रमण पर नियंत्रण के लिए क्या कदम उठाए गए, इसकी समीक्षा करेंगे.’

मंत्री ने देश में प्रवासी श्रमिकों में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों को कम करने की जरूरत पर जोर दिया. स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि सोमवार तक डॉरमेट्री में रहने वाले 323,000 प्रवासी श्रमिकों में से 15,833 संक्रमित पाए गए है.

वियतनाम में तीन महीने बाद खुले स्कूल

हनोई: वियतनाम में कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए तीन महीने तक बंद किए गए स्कूल सोमवार से खुल गए. संक्रमण के खतरे को देखते हुए स्कूल में मास्क लगाना अनिवार्य कर दिया गया है.

शिक्षक दीन्ह बिच हीन ने कहा, ‘इस समय एहतियाती उपाय बरतना बहुत आवश्यक है. हमने यहां सैनिटाइजर की व्यवस्था की है. स्कूल के प्रवेश द्वार पर छात्रों के तापमान की जांच की जा रही है. जब छात्र कक्षा में होते हैं तब उनके स्वास्थ्य का रिकॉर्ड रखा जा रहा है.’

वियतनाम में कोविड-19 के 271 मामले सामने आए थे. पिछले तीन सप्ताह से वहां संक्रमण का कोई नया मामला सामने नहीं आया. फरवरी की शुरुआत में देश में संक्रमण के मामले सामने आने के बाद से ही सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद कर दिया गया था और अध्यापन कार्य ऑनलाइन माध्यम से किया जा रहा था.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)