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पत्रकार ने उकसाया और रक्षा मंत्री पर्रिकर ने सर्जिकल स्ट्राइक कर दी!

मनोहर पर्रिकर ने कहा, एक टीवी एंकर के राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ से अपमानजनक सवाल पूछे जाने के कारण वे पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक की योजना बनाने को प्रेरित हुए.

फोटो: पीटीआई

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पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा है कि एक टीवी एंकर के अपमानजनक सवाल के कारण पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सर्जिकल स्ट्राइक करने की योजना बनी. पर्रिकर के इस बयान जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सवाल उठाते हुए कहा है कि उड़ी हमले से सर्जिकल स्ट्राइक का कोई लेना देना नहीं था. इसकी पहले से योजना थी क्योंकि एक मंत्री से टीवी एंकर से अपमानजनक सवाल कर लिया था.

समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक, पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने शुक्रवार को कहा कि 2015 में म्यांमार की सीमा पर चलाए गए उग्रवाद विरोधी अभियान के बाद एक टेलीविजन प्रस्तोता के राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ से एक अपमानजनक सवाल पूछे जाने के कारण वह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में पिछले साल की गई सर्जिकल स्ट्राइक की योजना बनाने को प्रेरित हुए.

पर्रिकर अब गोवा के मुख्यमंत्री हैं. उन्होंने गोवा में उद्योगपतियों की एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, पीओके में आतंकवादियों पर किए गए लक्षित हमलों की योजना 15 महीने पहले बनी थी.

चार जून, 2015 को पूर्वोत्तर के आतंकी समूह एनएससीएन-के ने मणिपुर के चंदेल जिले में भारतीय सेना के एक काफिले पर हमला कर 18 जवानों की जान ले ली थी. इसके बाद आठ जून को भारत ने भारत-म्यांमार की सीमा पर लक्षित हमले कर करीब 70-80 उग्रवादियों को मार गिराया.

पर्रिकर ने कहा कि उन्हें (मीडिया के) एक सवाल का बहुत बुरा लगा था जब (केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व सैन्यकर्मी) राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ से एक टेलीविजन प्रस्तोता ने पूछा था कि क्या आपमें देश के पश्चिमी मोर्चे पर भी ऐसा करने का साहस एवं क्षमता है?

पूर्व रक्षा मंत्री ने कहा कि उन्होंने तब ध्यान से सवाल सुना लेकिन इसका जवाब सही समय पर देने का फैसला किया.

उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया, ‘सर्जिकल स्ट्राइक का उड़ी हमले से कोई लेना देना नहीं है. इसकी योजना इसलिए बनी क्योंकि मंत्री से एक ‘अपमानजनक सवाल’ पूछा गया था. कोई क्या कह सकता है!’ अपने दूसरे ट्वीट में उमर ने लिखा, ‘एक न्यूज एंकर के सवाल ने पाकिस्तान के साथ व्यापक संघर्ष के लिए उकसाया. हम इस तरह की निर्णय क्षमता से सुरक्षित महसूस करना चाहते हैं.’