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गुजरातः कर्फ्यू नियमों का उल्लंघन करने पर मंत्री के बेटे को रोकने वाली कॉन्स्टेबल का तबादला

घटना गुजरात के सूरत शहर में नौ जुलाई को हुई. महिला पुलिस कॉन्स्टेबल ने लॉकडाउन और कर्फ्यू नियमों का उल्लंघन करने पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के बेटे और उनके दो दोस्तों को रोक लिया था.

कॉन्स्टेबल सुनीता यादव. (फोटो साभार: ट्विटर)

कॉन्स्टेबल सुनीता यादव. (फोटो साभार: ट्विटर)

सूरतः गुजरात के सूरत में लॉकडाउन और कर्फ्यू नियमों का उल्लंघन करने पर एक मंत्री के बेटे और उसके दोस्तों को रोकने वाली महिला कॉन्स्टेबल का तबादला कर दिया गया है.

अहमदाबाद मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक, वराछा पुलिस थाने में तैनात महिला कॉन्स्टेबल सुनीता यादव ने नौ जुलाई की रात राज्य के स्वास्थ्य मंत्री कुमार कानाणी के बेटे और उसके दोस्तों को कर्फ्यू नियमों का उल्लंघन करने पर रोक लिया था.

इसके बाद सुनीता को घटना के संबंध में रविवार 12 जुलाई को सूरत पुलिस मुख्यालय में तलब किया गया, जिसके बाद से वह छुट्टी पर चली गई हैं.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, सूरत पुलिस ने सुनीता यादव का तबादला वराछा पुलिस थाने से पुलिस मुख्यालय कर दिया है और मामले की जांच के आदेश दिए हैं.

यह घटना वराछा इलाके के मिनी बाजार के पास नौ जुलाई की रात लगभग 10:35 बजे हुई. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.

इस वीडियो क्लिप में युवक को कहते सुना जा सकता है कि उसकी पहुंच इतनी है कि वह उसे यहीं पर 365 दिनों के लिए खड़ा करवा सकता है. इस पर महिला कॉन्स्टेबल कहती है कि वह उनकी दासी या उसके पिता की सेवक नहीं है कि वे 365 दिनों के लिए यहीं पर उसे तैनात करवा दें.

पुलिस ने कुमार, कानाणी के बेटे प्रकाश (37) और उनके दो दोस्तों दुष्यंत जीवराज गोधानी (41) और संजय ककाड़िया (42) को रविवार को गिरफ्तार किया, लेकिन बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया.

सूत्रों का कहना है कि यादव ने कर्फ्यू के दौरान बिना मास्क के कार में घूम रहे पांच लोगों को रोक लिया था. उन्होंने कथित तौर पर कार की चाभी छीन ली थी, जिसके बाद इन लोगों में से एक ने मंत्री के बेटे प्रकाश को मौके पर बुलाया था.

वीडियो में सुनीता यादव एक शख्स से पूछती नजर आ रही है कि वे कर्फ्यू के दौरान घर से बाहर क्यों निकले? इस पर वह शख्स कहता है कि वह मंत्री कानाणी का बेटा है और अपने दोस्तों की मदद के लिए आया है.

इस मामले में मंत्री कुमार कानाणी का कहना है कि उनका बेटा रात को अपने किसी बीमार रिश्तेदार की मदद के लिए गया था.

वराछा पुलिस ने आईपीसी और महामारी रोग अधिनियम के प्रावधानों के तहत लॉकडाउन और कर्फ्यू नियमों का उल्लंघन करने पर तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है.

सहायक पुलिस आयुक्त (ए डिवीजन) सीके पटेल ने कहा, ‘हमने कर्फ्यू नियमों का उल्लंघन करने पर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया था और रविवार को उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया.’