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पश्चिम बंगाल: कुछ स्थानों पर कोरोना का सामुदायिक प्रसार, हर हफ़्ते होगा दो दिनों का लॉकडाउन

केरल के बाद पश्चिम बंगाल दूसरा राज्य है, जिसने इस महामारी के सामुदायिक प्रसार की बात को स्वीकार किया है. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन अस्पताल बोर्ड के प्रमुख ने कहा है कि भारत में कोरोना वायरस का सामुदायिक प्रसार शुरू हो गया है, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा इसकी पुष्टि किया जाना अभी बाकी है.

(फोटो: पीटीआई)

(फोटो: पीटीआई)

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के कुछ क्षेत्रों में कोरोना वायरस के सामुदायिक संक्रमण होने का जिक्र करते हुए ममता बनर्जी सरकार ने इस बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए राज्यभर में सप्ताह में दो दिन के लिए पूर्ण लॉकडाउन लगाने का सोमवार को ऐलान किया.

गृह सचिव अलपान बंदोपाध्याय ने बताया कि राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अध्यक्षता में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया.

उन्होंने यहां सचिवालय में पत्रकारों से कहा, ‘राज्य में कुछ ऐसे स्थान हैं जहां कोविड-19 का सामुदायिक संक्रमण सामने आया है. विशेषज्ञों, डॉक्टरों, कानून प्रवर्तन अधिकारियों और पुलिस से बातचीत करने के बाद हमने (संक्रमण की) इस श्रृंखला को तोड़ने के लिए पूरे राज्य में दो दिन के लिए पूर्ण लॉकडाउन लगाने का निर्णय लिया है.’

उन्होंने बताया कि इन दोनों दिन सारे कार्यालय और परिवहन सेवाएं बंद रहेंगी.

गृह सचिव ने कहा, ‘इस सप्ताह बृहस्पतिवार और शनिवार को पूर्ण लॉकडाउन रहेगा. अगले सप्ताह बुधवार (29 जुलाई) को लॉकडाउन रहेगा.’

उन्होंने बताया कि इस मामले पर और चर्चा करने के लिए अगले सोमवार को एक समीक्षा बैठक की जाएगी.

सरकार ने घोषणा की है कि सभी बैंक शनिवार और रविवार को बंद रहेंगे. गृह सचिव ने कहा, ‘बैंक हफ्ते में सिर्फ पांच दिन ही खुलेंगे. इन्हीं दिनों में ग्राहकों को सुबह 10 बजे से दोपहर बाद दो बजे तक सेवाएं दी जाएंगी.’

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य सरकार सभी निजी और राज्य संचालित अस्पतालों में कोविड यूनिट बनाने की योजना बना रही है. इसके अलावा सरकार 19 और रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पॉलीमरेज़ चेन रिएक्शन (आरटी-पीसीआर) टेस्ट किट खरीदने की योजना बना रही है, ताकि हर दिन कम से कम 25 हजार टेस्ट किए जा सकें.

अधिकारियों के हवाले से समाचार एजेंसी पीटीआई ने बताया है, ‘जिस तरीके से कोरोना वायरस के मामले पश्चिम बंगाल में बढ़ रहे हैं, वे चिंतित करने वाले हैं. प्रसार रोकने की सबसे अच्छा तरीका अधिक से अधिक टेस्ट करना और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाना है. हम सभी राज्य संचालित और निजी अस्पतालों में कोविड-19 इकाइयां बनाने की योजना बना रहे हैं.’

पहले चरण में ये कोविड-19 इकाइयां दक्षिण 24 परगना जिले, उत्तर 24 परगना, पूरबा और पश्चिम मेदिनीपुर जिलों के राज्य संचालित अस्पतालों में स्थापित करने की है.

पश्चिम बंगाल में कोरोना वायरस संक्रमण के सोमवार सुबह आठ बजे तक 42,487 मामले सामने आए थे, जबकि राज्य में 1,112 लोगों की मौत हो चुकी है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, केरल के बाद पश्चिम बंगाल दूसरा राज्य है, जिसने अपने यहां इस महामारी के सामुदायिक प्रसार की बात को स्वीकार किया है. इस बीच इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने कहा है कि भारत में कोरोना वायरस का सामुदायिक प्रसार शुरू हो गया है, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा इसकी पुष्टि किया जाना अभी बाकी है.

समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में आईएमए अस्पताल बोर्ड के अध्यक्ष वीके मोंगा ने कहा था, ‘यह एक घातक वृद्धि है. हर दिन नए मामलों (कोरोना वायरस संक्रमण) की संख्या 30 हजार से अधिक है. यह देश के लिए एक खतरनाक स्थिति है. अब यह ग्रामीण क्षेत्रों में भी फैलने लगा है. यह एक खराब संकेत है. इसका सामुदायिक प्रसार दिखने लगा है.’

उनकी इस बात का नई दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में चेस्ट सर्जरी केंद्र के प्रमुख डॉ. अरविंद कुमार ने समर्थन किया है. उन्होंने कहा था कि वह इस बात को लेकर सौ प्रतिशत निश्चित हैं कि देश में कोरोना वायरस का सामुदायिक प्रसार हो रहा है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)