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उत्तर प्रदेश: इलाज न मिलने पर अस्पताल के सामने शख़्स की मौत

मामला सहारनपुर ज़िला अस्पताल का है. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक एक महिला सोमवार सुबह इमरजेंसी वार्ड के बाहर पति के इलाज के लिए स्वास्थ्यकर्मियों से मदद मांगती रही लेकिन किसी ने नहीं सुनी. इस शख़्स की मौत हो जाने के बाद भी उनका शव काफ़ी समय तक बारिश में वहीं पड़ा रहा.

(फोटो साभार: विकिपीडिया)

(फोटो साभार: विकिपीडिया)

सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में अपने पति को इलाज के लिए जिला अस्पताल आई एक महिला को इलाज तो दूर की बात, उनके गुजरने के बाद पति का शव उठाने वाला भी कोई नहीं मिला.

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि साजिदा नाम की महिला अपने पति सुखराम को इलाज के लिए सोमवार सुबह जिला अस्पताल ले कर आई थी.

वह काफी देर तक अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के बाहर अपने पति के इलाज के लिए डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों से मदद मांगती रही लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी.

उन्होंने बताया कि बहुत देर तक सुखराम वैसे ही इमरजेंसी वार्ड में फर्श पर पड़े रहे और आखिर में दम तोड़ दिया. इसके बाद उनका शव वहीं फर्श पर पड़ा देर तक बारिश में भीगता रहा, लेकिन कोई मदद को आगे नहीं आया.

बताया गया कि बहुत देर बाद महिला का रोना सुनकर कुछ लोगों ने उनके शव को वहां से उठाकर पास बने रैन बसेरा में रख दिया.

अमर उजाला के मुताबिक, अस्पताल कर्मचारियों का कहना है कि इमरजेंसी वॉर्ड के सामने कोई शव छोड़कर गया था.

हालांकि इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को हटाया गया है और मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं.

ड्यूटी पर तैनात रहे डॉ. प्रवेज ने कहा, ‘कोई वृद्ध के शव को बाहर छोड़कर गया, उस समय मैं इमरजेंसी में मरीजों को देख रहा था . तभी बाहर तैनात महिला सुरक्षाकर्मी ने आकर बताया कि बाहर किसी वृद्ध का शव पड़ा है, जिसे कोई छोड़कर गया है.

डॉ. प्रवेज ने बताया कि जब वह शव के पास पहुंचे, तो एक महिला और कुछ लोग आकर शव को अपने साथ ले गए. चूंकि इमरजेंसी के भीतर मरीज नहीं आया था इसलिए उसका कोई रिकॉर्ड दर्ज नहीं किया गया है.

मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अस्पताल के मेडिकल अधीक्षक डॉक्टर सुनीत वार्षणेय ने जांच का आदेश देते हुए कहा कि यदि लापरवाही मिलती है तो दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)