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आरोपी को ले जा रही यूपी पुलिस की गाड़ी मध्य प्रदेश में पलटी, आरोपी की मौत

यूपी पुलिस ने बताया कि उनकी एक टीम गैंगस्टर एक्ट के तहत कई लूट और डकैती मामलों के आरोपी बहराइच के फ़िरोज़ अली को मुंबई से लेकर आ रही थी, जब मध्य प्रदेश के गुना में उनकी गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया. हादसे में फ़िरोज़ की मौत हो गई और दो पुलिसकर्मियों समेत चार लोग घायल हुए हैं.

राष्ट्रीय राजमार्ग-46 पर गुना के पास क्षतिग्रस्त गाड़ी. (फोटो साभार: ट्विटर)

राष्ट्रीय राजमार्ग-46 पर गुना के पास क्षतिग्रस्त गाड़ी. (फोटो साभार: ट्विटर)

गुना: उत्तर प्रदेश पुलिस के दल की एक कार मुंबई से लखनऊ लौटने के दौरान ग्वालियर-बैतूल मार्ग पर रविवार तड़के पाखरिया पुरा टोल नाके के पास तेज रफ्तार की वजह से पलट गई.

हादसे में उत्तर पुलिस द्वारा मुंबई से पकड़े गए आरोपी की मौत हो गई जबकि दो पुलिसकर्मियों सहित चार लोग घायल हो गए.

गुना के पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह ने सोमवार को बताया कि उत्तर प्रदेश के ठाकुरगंज पुलिस थाने की पुलिस ने महाराष्ट्र के पालघर जिले के नालासोपारा इलाके से आरोपी फिरोज अली को गैंगस्टर एक्ट के तहत गिरफ्तार किया था.

टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, छह सालों से फरार चल रहा फिरोज अली उर्फ़ शमी (58) बहराइच का रहने वाला था और लूट और डकैती के दस मामलों आरोपी था.

पुलिस ने बताया, ‘2019 में पुलिस ने अदालत से उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट लिया था और जब उसके मुंबई में होने की खबर आई तो एक टीम वहां भेजी गई.’

इस टीम ने शनिवार को नालासोपारा के झुग्गियों में फिरोज के यहां छापा मारा और उसे साथ लेकर एक कार से लखनऊ के लिए निकले.  उनके साथ फिरोज का एक रिश्तेदार भी था, जिसे पुलिस आरोपी की पहचान के लिए अपने साथ ले गई थी.

लखनऊ के कमिश्नर सुजीत पांडेय ने बताया कि जब वे लोग गुना के चाचौड़ा थाने के पास पहुंचे, तब हाईवे पर उनकी गाड़ी नीलगाय से टकराकर पलट गई. हादसे में आरोपी फिरोज की घटनास्थल पर ही मौत हो गई.

उन्होंने बताया कि हादसे में ड्राइवर, फिरोज के रिश्तेदार और दो पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं, जिन्हें राजगढ़ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

उधर गुना के पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह ने बताया है कि मामले की न्यायिक जांच की मांग की गई है.

सिंह ने कहा, ‘वाहन पलटने से उसमें सवार आरोपित की मौत हो गई है. पुलिसकर्मियों समेत अन्य लोग घायल हुए हैं. मामले की न्यायिक जांच के लिए जिला एवं सत्र न्यायाधीश से निवेदन किया गया है.’

गौरतलब है कि इससे पहले जुलाई महीने में कानपुर के गैंगस्टर विकास दुबे की एक सड़क दुर्घटना के बाद हुए कथित एनकाउंटर में मौत हो गई थी.

उस समय इस घटना पर कई सवाल उठे थे और हादसे की उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग की गई थी.

दो जुलाई की देर रात कानपुर के चौबेपुर थानाक्षेत्र के बिकरू गांव में पुलिस की एक टीम गैंगस्टर विकास दुबे को पकड़ने गई थी, जब विकास और उसके साथियों ने पुलिस पर हमला कर दिया था. इस मुठभेड़ में आठ पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी.

इसके बाद नौ जुलाई को पुलिस ने विकास दुबे को उज्जैन से गिरफ़्तार किया था और उसे कानपुर लाया जा रहा था.

पुलिस ने बताया था कि जिस गाड़ी में दुबे को लाया जा रहा था, वह कानपुर के बर्रा क्षेत्र में हादसे का शिकार हुई और इसी दौरान भागने की कोशिश में दुबे को पुलिसकर्मियों की गोली लगी, जिससे उसकी मौत हो गई.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)