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गुजरात: अल्पसंख्यकों को घर आवंटित करने का विरोध, नगर निगम चुनाव के विरोध की चेतावनी

गुजरात के वडोदरा शहर का मामला. वडोदरा महानगर पालिका में शामिल किए गए भायली इलाके के निवासियों ने मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत अल्पसंख्यक समुदाय को घर आवंटित करने का विरोध करते हुए क्षेत्र को अशांत क्षेत्र अधिनियम के तहत लाने की मांग की है.

(फोटो साभार: फेसबुक)

(फोटो साभार: फेसबुक)

वडोदरा: हाल ही में वडोदरा महानगर पालिका में शामिल किए गए भायली इलाके के निवासियों ने शुक्रवार को वडोदरा जिलाधिकारी के कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया और महानगर पालिका चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी दी है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, उनकी मांग है कि उनके इलाके को गुजरात अचल संपत्ति हस्तांतरण निषेध और अशांत क्षेत्रों में किरायेदारों की परिसर से बेदखली से संरक्षण का प्रावधान अधिनियम (अशांत क्षेत्र अधिनियम) के तहत लाया जाए.

स्थानीय निवासी इस क्षेत्र को अधिनियम के तहत शामिल करना चाहते हैं और वडोदरा शहरी विकास प्राधिकरण (वीयूडीए) की आगामी मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत अल्पसंख्यक समुदाय को घरों के आवंटन को रद्द करवाना चाहते हैं.

महिलाओं के नेतृत्व वाले भायली जागरूकता ग्रुप ने कलेक्टर के दफ्तर पहुंचकर अपनी मांगों के साथ शुक्रवार को एक ज्ञापन सौंपा है.

भायली के एक विकासशील, शांतिपूर्ण इलाका होने का उल्लेख करते हुए ज्ञापन में प्रशासन से आग्रह किया गया है कि इलाके को अशांत क्षेत्र अधिनियम के तहत शामिल किया जाए, क्योंकि पड़ोसी तंडालजा से अल्पसंख्यकों के यहां बसने से आने वाले दिनों में भायली क्षेत्र में कानून और व्यवस्था में व्यवधान की संभावना हो सकती है.

ज्ञापन में कहा गया कि हमारी मांग है कि हमारे क्षेत्र को अशांति में शामिल किया जाए. अगर हमारी मांग पूरी नहीं हुई तो हम निगम चुनावों का पूरी तरह से बहिष्कार करेंगे.

प्रदर्शनकारियों में शामिल दृष्टि पांचाल और मितल पटेल ने कहा, ‘हमारा क्षेत्र एक शांतिप्रिय हिंदू इलाका है, लेकिन शांति बिखरने की संभावना है, क्योंकि घरों को मुसलमानों को आवंटित किया जा रहा है. हम चाहते हैं कि हमारे क्षेत्र को अशांत क्षेत्र अधिनियम के तहत शामिल किया जाए, ताकि शांति बनी रहे. अगर हमारी मांग पूरी नहीं हुई है, हम चुनावों का बहिष्कार करेंगे.’

ज्ञापन में अधिनियम के दायरे में टाउन प्लानिंग स्कीम क्षेत्रों 1 से 5 के साथ भायली को शामिल करने की मांग की गई है.

वडोदरा महानगर पालिका के कार्यकारी अभियंता (अफोर्डेबल हाउसिंग) प्रमोद वसावा ने कहा कि निगम का हाउसिंग स्कीम या आवंटियों से कोई लेना-देना नहीं है, क्योंकि लाभार्थी महानगर पालिका सीमा से नहीं थे.

वहीं, महानगर पालिका के एक वरिष्ठ  अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की है कि इस परियोजना में वडोदरा की झुग्गियों से निर्वासित हुए कई निवासियों को घर आवंटित किए गए हैं, जिसमें  शहर के विवादित कल्याणनगर डिमॉलिशन के मुस्लिम परिवार शामिल हैं.

वडोदरा के रेजिडेंट एडिशनल कलेक्टर डीआर पटेल ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, ‘हमें निवासियों का ज्ञापन प्राप्त हुआ और यह पहली बार नहीं है कि उन्होंने इसे प्रस्तुत किया है. चूंकि यह क्षेत्र अब तक अशांत क्षेत्र अधिनियम के तहत नहीं आता है, इसलिए कोई दिशानिर्देश नहीं है जिसके तहत उनकी मांग पर गौर किया जा सकता है. सरकारी परियोजनाओं में निश्चित रूप से किसी भी समुदाय के लाभार्थी हो सकते हैं.’