राजनीति

क्या केरल में भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे मेट्रोमैन ई. श्रीधरन?

केरल भाजपा अध्यक्ष के. सुरेंद्रन ने बीते बृहस्पतिवार को घोषणा की थी ई. श्रीधरन पार्टी की ओर से राज्य के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे. इस बात के समर्थन में केंद्रीय मंत्री वी. मुरलीधरन ने भी ट्वीट किया था. हालांकि बाद में बयान वापस लेते हुए उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी की ओर से ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई है.

ई. श्रीधरन. (फोटो: पीटीआई)

ई. श्रीधरन. (फोटो: पीटीआई)

तिरुवनंतपुरम: हाल ही में भाजपा में शामिल हुए मेट्रोमैन के नाम से मशहूर ई. श्रीधरन को पार्टी की ओर से केरल के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बनाए जाने की खबरें आने के बाद वास्तविक स्थिति अभी बहुत स्पष्ट नहीं हो सकी है.

भाजपा की केंद्रीय इकाई की ओर से जहां इस संबंध में अब तक कोई बयान नहीं जारी किया है, वहीं केरल भाजपा अध्यक्ष के. सुरेंद्रन की ओर से बीते बृहस्पतिवार को घोषणा की गई थी कि श्रीधरन को मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर चुना गया है.

हालांकि उनकी इस घोषणा के कुछ समय के भीतर ही केंद्रीय मंत्री वी. मुरलीधरन स्पष्ट किया था कि उनकी पार्टी की ओर से ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई थी. हालांकि इससे पहले उन्होंने केरल विधानसभा चुनाव के के लिए श्रीधरन को भाजपा के मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाये जाने का ट्वीट किया था.

मुरलीधरन ने स्पष्ट किया कि वह यह बताना चाहते थे कि मीडिया के मार्फत उन्हें पता चला कि पार्टी ने श्रीधरन को मुख्यमंत्री पद का प्रत्याशी घोषित किया है.

उन्होंने कहा कि लेकिन उन्होंने भाजपा की केरल इकाई के अध्यक्ष के. सुरेंद्रन से इसका सत्यापन किया एवं उन्होंने कहा कि उन्होंने ऐसा कोई ऐलान नहीं किया है.

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मुरलीधरन ने इससे पहले ट्वीट किया था, ‘केरल भाजपा ई. श्रीधरन जी को मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश करके केरल चुनाव लड़ेगी. हम केरल के लोगों को भ्रष्टाचार मुक्त और विकासोन्मुखी शासन प्रदान करने के लिए माकपा और कांग्रेस को हराएंगे.’

विधानसभा चुनाव में श्रीधरन के नेतृत्व संबंधी उनका सोशल मीडिया पोस्ट आने से कुछ ही घंटे पहले प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के सुरेंद्रन ने कहा कि था कि उन्होंने पार्टी नेतृत्व से श्रीधरन को राजग के मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने का अनुरोध किया है.

मुरलीधरन द्वारा ट्वीट पर स्पष्टीकरण दिए जाने का हवाला देते हुए कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भाजपा को निशाना पर लेते हुए ट्वीट किया, ‘हास्यास्पद. केरल भाजपा इस बात को लेकर भ्रमित हो गई कि उस भवन के शीर्ष तल पर कौन होगा जो (भवन) कभी बनेगा ही नहीं. केरल में भाजपा का मुख्यमंत्री होगा ही नहीं.’

ये सब बातें उस दिन हुईं जिस दिन (बृहस्पतिवार को) 88 वर्षीय श्रीधरन ने भी दिल्ली मेट्रो रेल निगम के साथ अपने 24 साल के करिअर को समाप्त करने के अपने निर्णय की घोषणा की.

सुरेंद्रन ने पहले कहा था, ‘यदि राजग को मेट्रोमैन के नेतृत्व में राज्य में शासन का अवसर मिलता है तो हमें विश्वास है कि हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केरल में दस गुना ताकत के साथ विकास कार्यों को लागू करेंगे.’

उन्होंने तिरुवल्ला में पार्टी की एक बैठक में पेलारिवेत्तम फ्लाईओवर के निर्धारित समय सीमा से काफी पहले बस पांच महीने में पुनर्निर्माण समेत श्रीधरन की उपलब्धियों का बखान किया.

उन्होंने अपने नेतृत्व में निकाली गई ‘विजय यात्रा’ के तहत आयोजित बैठक में कहा, ‘उन्होंने पांच महीने में यह परियोजना बिना किसी भ्रष्टाचार के पूरा की. यही वजह है कि हमने श्रीधरन एवं अपने पार्टी नेतृत्व से अनुरोध किया है कि उन्हें राजग के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश किया जाए.’

यह पहली बार था कि पार्टी ने संकेत दिया कि श्रीधरन राजग के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे.

श्रीधरन भाजपा के टिकट पर छह अप्रैल को होने वाले विधानसभा का चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा कि डीएमआरसी के प्रधान सलाहकार के पद से इस्तीफा देने के बाद वह नामांकन पत्र भरेंगे.

सुरेंद्रन यह भी कहा था, ‘जल्द ही पार्टी अन्य प्रत्याशियों की एक सूची जारी करेगी.’ गुरुवार को श्रीधरन ने कहा कि उन्होंने विधानसभा क्षेत्र के बारे में कोई फैसला नहीं किया है.

उन्होंने कहा, ‘मैं किसी भी सीट पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार हूं और जीत मेरे लिए निश्चित है. मुझे पूरा विश्वास है कि भाजपा सत्ता में आएगी. हालांकि, मैं एक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ना चाहता हूं जो मलप्पुरम में पोन्नानी से बहुत दूर नहीं है, जहां मैं अब रह रहा हूं.’

कोच्चि मेट्रो प्रोजेक्ट के सलाहकार श्रीधरन ने कहा कि वह पारंपरिक डोर-टू-डोर कैंपेन नहीं करेंगे. उन्होंने कोच्चि में कहा, ‘मैं वोट मांगने के लिए घरों और दुकानों पर नहीं जाऊंगा. लेकिन मेरा संदेश वोटरों तक पहुंचेगा.’

दो हफ्ते पहले भाजपा में शामिल होने की घोषणा करते हुए श्रीधरन ने कहा था कि वह केरल विधानसभा चुनाव लड़ेंगे. श्रीधरन ने यहां तक कहा था कि वह केरल में भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बनने के लिए भी तैयार हैं.

उन्होंने कहा था कि अगर पार्टी चाहेगी तो वह विधानसभा चुनाव लड़ेंगे और पार्टी कहेगी तो मुख्यमंत्री का पद भी संभाल सकते हैं. बता दें कि केरल में 6 अप्रैल को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होना है.

श्रीधरन ने कहा था कि वह भाजपा में इसलिए शामिल हो रहे हैं, क्योंकि सत्तारूढ़ सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) और कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) केरल में कोई ठोस प्रगति नहीं ला सके हैं.

बता दें कि दिल्ली से लेकर कोच्चि तक मेट्रो सेवा को देश से जोड़ने में श्रीधरन का अहम योगदान है. मेट्रो जैसे परिवहन की व्यवस्था में अहम योगदान के चलते श्रीधरन को पद्मश्री और पद्मभूषण से सम्मानित किया जा चुका है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

नोट: शुरू में यह रिपोर्ट ई. श्रीधरन को केरल के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बनाए जाने की घोषणा पर आधारित थी. हालांकि केंद्रीय मंत्री वी. मुरलीधरन के इस बात के समर्थन में दिए गए बयान को वापस लेने के बाद रिपोर्ट में बदलाव किया गया है.