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एंटीलिया विस्फोटक मामला: विवादों में घिरे पुलिस अधिकारी को क्राइम ब्रांच से हटाया गया

बीते 25 फरवरी को उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के बाहर विस्फोटक से लदी एसयूवी मिली थी. इसके दस दिन बाद कार के मालिक और कारोबारी मनसुख हिरेन का शव ठाणे में मिला. इस दौरान हिरेन की पत्नी ने मुंबई पुलिस के अधिकारी सचिन वझे का नाम लिया था, जिसके बाद से विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा है.

मुंबई पुलिस के अधिकारी सचिन वाजे पुलिस आयुक्त से मुलाकात की. (फोटो: पीटीआई)

मुंबई पुलिस के अधिकारी सचिन वझे. (फोटो: पीटीआई)

मुंबई: महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने बुधवार को घोषणा की कि मुंबई पुलिस के अधिकारी सचिन वझे को अपराध खुफिया इकाई से तब तक के लिए हटा दिया गया है जब तक ऑटोमोबाइल पार्ट्स के व्यवसायी मनसुख हिरेन की रहस्यमयी मौत की जांच पूरी नहीं हो जाती है.

देशमुख ने यह बयान महाराष्ट्र विधान परिषद में दिया और कहा कि हिरेन की मौत मामले में राज्य सरकार निष्पक्ष जांच कराएगी.

मंत्री ने कहा, ‘जांच जब तक पूरी नहीं हो जाती है तब तक पुलिस अधिकारी सचिन वझे को अपराध शाखा में उनके वर्तमान पद से हटा दिया जाएगा. विपक्ष की तरफ से बढ़ती मांग के परिप्रेक्ष्य में यह निर्णय किया गया है.’

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार हिरेन की मौत मामले में निष्पक्ष जांच करेगी.

गौरतलब है कि 25 फरवरी को दक्षिण मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के बाहर विस्फोटक से लदी एक एसयूवी मिली थी. कार के मालिक मनसुख हिरेन का पांच मार्च को ठाणे में एक स्थान पर शव मिला था.

पुलिस ने कहा कि वाहन 18 फरवरी को हिरेन के पास से चोरी हो गई थी. ठाणे में विगत शुक्रवार को हिरेन का शव खाड़ी से पाए जाने के बाद मामले में रहस्य और गहरा गया था.

विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने हिरेन की मौत के मामले में मंगलवार को एपीआई सचिन वझे के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी.

देशमुख ने बुधवार को परिषद में कहा था, ‘अगर वझे उनकी मौत में संलिप्त पाए जाते हैं तो हम उपयुक्त कार्रवाई करेंगे.’

बहरहाल विधान परिषद में विपक्ष के नेता प्रवीण दारेकर और अन्य विपक्षी सदस्यों ने सरकार के निर्णय पर असंतोष व्यक्त किया.

दारेकर ने कहा, ‘वझे किसी न किसी तरह से मनसुख हिरेन की मौत के मामले में संलिप्त हैं. उन पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए और उन्हें निलंबित किया जाना चाहिए.’

बाद में विधान भवन परिसर में संवाददाताओं से बात करते हुए देशमुख ने कहा कि जब तक आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) हिरेन की मौत मामले की जांच पूरी नहीं कर लेती है तब तक महाराष्ट्र सरकार ने वझे को अपराध शाखा से स्थानांतरित करने का निर्णय किया है.

 

इस बीच संसदीय मामलों के मंत्री अनिल परब ने राज्य विधानसभा में कहा कि एपीआई वझे को अपराध खुफिया इकाई से स्थानांतरित किया जाएगा. उन्होंने कहा, ‘मैं विपक्ष के नेता से आग्रह करता हूं कि उनके पास जो सबूत हैं उन्हें पुलिस को सौंप दें.’

वहीं, मनसुख हिरेन की मौत के मामले में विवादों में घिरे सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन वझे ने बुधवार को मुंबई पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह से शहर पुलिस मुख्यालय में मुलाकात की.

पुलिस सूत्रों ने बताया कि वझे ने दोपहर करीब एक बजे पुलिस आयुक्त से मुलाकात की थी. अपराध शाखा के प्रमुख और संयुक्त पुलिस आयुक्त मिलिंद भरांबे भी इस मुलाकात के दौरान मौजूद थे.

सचिन वझे ने मीडिया से कहा कि वह बृहस्पतिवार को अपना पक्ष रखेंगे. उन्होंने दोबारा शाम करीब 4.30 बजे और शाम को एक बार फिर पुलिस आयुक्त से मुलाकात की.

मनसुख हिरेन की मौत के मामले में आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने एफआईआर दर्ज करने के बाद मनसुख की पत्नी विमला का जवाब दाखिल किया.

विमला ने बताया कि सचिन वझे उनके पति के संपर्क में थे. नवंबर 2020 में वझे ने मनसुख से स्कॉर्पियो कार इस्तेमाल करने के लिए ली थी. 5 फरवरी 2021 को वझे ने अपने ड्राइवर के हाथों कार वापस लौटा दी थी.

अमर उजाला के मुताबिक, मनसुख हिरेन की पत्नी ने अपने बयान में वझे के खिलाफ आरोप लगाए हैं. उन्होंने आशंका जताई कि उनके पति की हत्या में सचिन वझे का हाथ है.

विमला ने कहा, ‘एंटीलिया के पास संदिग्ध अवस्था में कार मिलने के बाद 26 फरवरी को मेरे पति मनसुख इंस्पेक्टर सचिन वझे के साथ मुंबई अपराध शाखा गए थे. उसके बाद तीन दिन लगातार सचिन वझे क्राइम ब्रांच के दफ्तर ले गया.’

उन्होंने बताया कि ‘मनसुख ने जांच के दौरान जो जवाब दिए उसकी कॉपी भी घर लेकर आए और उन पर सचिन वझे के हस्ताक्षर हैं. वझे ने मनसुख से कहा था कि गिरफ्तार हो जाओ. दो-तीन दिन में जेल से बाहर निकाल लेंगे.’

मनसुख हिरेन की मौत योजनाबद्ध तरीके से की गई हत्या का मामला है: फडणवीस

महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को दावा किया कि ठाणे के कारोबारी मनसुख हिरेन की मौत योजनाबद्ध तरीके से की गई हत्या का मामला है.

फडणवीस ने विधानसभा परिसर के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए यह आरोप भी लगाया कि शिवसेना नेतृत्व वाली राज्य सरकार इस मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच इसलिए नहीं कराना चाहती क्योंकि इससे सरकार में बैठे कुछ रसूखदार बेनकाब हो जाएंगे.

भाजपा नेता ने कहा, ‘मनसुख हिरेन की मौत योजनाबद्ध तरीके से की गई हत्या का मामला है. पुलिस जांच की बारीकियों को अच्छी तरह से जानने वाला कोई व्यक्ति ही ऐसा कर सकता है.’

फडणवीस ने यह दावा भी किया कि सरकार ने पूजा चव्हाण आत्महत्या मामले में वन मंत्री एवं शिवसेना नेता संजय राठौड़ का इस्तीफा इसलिए लिया क्योंकि राठौड़ से सरकार को कोई खतरा नहीं था जबकि सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन वझे कई राज जानते हैं.

फडणवीस ने दावा किया कि सरकार ने खुद को बचाने के लिए पुलिस अधिकारी का तबादला किया है.

वझे कोई लादेन नहीं हैं, जांच पूरी होने तक इंतजार किया जाए: उद्धव

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बुधवार को कहा कि मनसुख हिरेन की मौत के मामले में दोषी को दंडित किया जाएगा, लेकिन पुलिस अधिकारी सचिन वझे को तब तक निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए जब तक उनकी कथित संलिप्तता साबित नहीं हो जाती.

हिरेन की रहस्यमयी परिस्थिति में मौत के मामले से सहायक पुलिस निरीक्षक वझे के कथित रूप से तार जुड़े होने को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रही राज्य सरकार ने वझे का मुंबई अपराध शाखा से तबादला करने की घोषणा की है.

ठाकरे ने यहां कहा, ‘सचिन वझे कोई ओसामा बिन लादेन नहीं हैं. यह सही नहीं है कि पहले किसी व्यक्ति पर निशाना साधा जाए और फिर जांच की जाए.’

उन्होंने महाराष्ट्र विधानसभा के बजट सत्र के समापन के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘जांच पूरी हो जाए. जो भी दोषी होंगे, उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा.’

वझे के शिवसेना का सदस्य होने के भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस के दावे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वह 2008 में पार्टी के सदस्य बने थे और उन्होंने सदस्यता का नवीनीकरण नहीं कराया. उन्होंने कहा, ‘अब उनका शिवसेना से कोई लेना-देना नहीं है.’

 (समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)